Homeदेश-समाजउत्तर प्रदेश में लाठी-डंडों से पीट कर साधु की हत्या, मंदिर परिसर में मिला...

उत्तर प्रदेश में लाठी-डंडों से पीट कर साधु की हत्या, मंदिर परिसर में मिला लहूलुहान शव: कुटिया में रहते थे

ये घटना बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र की है। यहाँ के गाँव निरपुडा से सटे जंगल में भूमिया मंदिर है। मृत साधु का नाम लालूनाथ था।

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक साधु की लाठी-डंडों से पीट कर हत्या कर दी गई है। साधु का शव मंदिर परिसर में लहूलुहान हालत में मिला है। पुलिस ने शव को कब्ज़े में ले कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हत्याकांड में पुलिस अभी किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँच पाई है। पुलिस ने घटना पर 19 मार्च, 2022 (शनिवार) को बयान दिया है।

बागपत पुलिस अधीक्षक के मुताबिक, “दोघट थाना क्षेत्र के निरपुडा ग्राम के जंगल में कमरे में बाबा की डेड बॉडी मिलने की सूचना मिली। घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण किया गया। फील्ड यूनिट,डॉग स्क्वाड को मौके पर बुलाया गया। पूछताछ में मंदिर पर चढ़ावे को लेकर विवाद प्रकाश में आया है। मामले की जाँच की जा रही है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, “ये घटना बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र की है। यहाँ के गाँव निरपुडा से सटे जंगल में भूमिया मंदिर है। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक मृत साधु का नाम लालूनाथ था। उनकी उम्र लगभग 40 वर्ष थी। पहले वो रमाला थानाक्षेत्र के गाँव किशनपुर बराल के एक मंदिर में रहते थे। लगभग 7 माह पहले वो निरपुड़ा गाँव के जंगल स्थित भूमिया कुटिया में रहने आए थे। यहाँ वो अकेले ही रहते थे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

100 नाराज़ ≠ 100 वोट: भारतीय राजनीति में सिर्फ़ ‘नाराज़गी’ का फ़ैक्टर कभी निर्णायक क्यों नहीं रहा

SC/ST Act, आरक्षण, Caste census, सरकारी नौकरियों में हिस्सेदारी, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक न्याय की राजनीति जैसे मुद्दे निश्चित रूप से सवर्णों में असंतोष पैदा कर सकते हैं। इन प्रश्नों को खारिज करना भी राजनीतिक मूर्खता होगी।

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -