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‘माथे की बिंदी हटाई, अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए… फिर भी पति को मार दी गोली’: पहलगाम हमले में बची महिला ने सुनाई इस्लामी आतंकियों की बर्बरता

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए पुणे के दो दोस्तों, कौस्तुभ गुनबोटे और संतोष जगदाले का गुरुवार (24 अप्रैल 2025) की सुबह पुणे के वैकुंठ श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। गुनबोटे और जगदाले अपने परिवार के साथ जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में छुट्टियाँ मनाने के लिए गए थे। इसी दौरान इस्लामी आतंकियों ने उनका धर्म पूछकर गोली मारकर हत्या कर दी।

घटना के समय दोनों का परिवार भी मौके पर मौजूद था। मौके पर उपलब्ध मौजूद 58 साल के कौस्तुभ गुनबोटे की पत्नी संगीता गुनबोटे ने बताया, “हमने डर के मारे माथे से टिकुली (बिंदी) हटा ली और ‘अल्लाह हु अकबर’ का नारा भी लगाया कि शायद हमारी जान बच जाए, लेकिन उन्होंने मेरे पति, उनके दोस्त और एक अन्य व्यक्ति को हमारे सामने ही बेरहमी से मार डाला।”

संगीता ने बताया कि जैसे ही हमला हुआ, वे सब घबराकर बाजार की ओर भागे। हालाँकि, उनकी जान नहीं बच पाई। वहीं, 54 वर्षीय संतोष जगदाले से आतंकियों ने कलमा पढ़ने के लिए कहा, लेकिन वे कलमा नहीं सुना पाए। इसके बाद आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी। किसी तरह घायलों को इनके परिजनों ने पहलगाम के मुख्य बाजार तक पहुँचाया। वहाँ अधिकारियों से संपर्क की गई।

कुछ ही देर में सेना और पुलिस के जवान मौके पर पहुँच गए। सेना के हेलिकॉप्टर से घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया। एनसीपी प्रमुख शरद पवार, बीजेपी नेता चंद्रकांत पाटिल और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण संगीता से मिलने पहुँचे। वहीं केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल और राज्य मंत्री माधुरी मिसाल भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। मृतकों के पार्थिव शरीर गुरुवार तड़के 4 बजे फ्लाइट से पुणे लाए गए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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