Homeदेश-समाज'शॉर्ट सेल' कर के कमाने वाली अमेरिकी कंपनी पर कार्रवाई हो, निवेशकों को मिले...

‘शॉर्ट सेल’ कर के कमाने वाली अमेरिकी कंपनी पर कार्रवाई हो, निवेशकों को मिले मुआवजा: सुप्रीम कोर्ट पहुँचा अडानी-Hindenburg मामला

देश के महशूर वकील हरीश साल्वे ने भी अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट पर सवाल उठाया है। उन्होंने हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट को भारत और भारतीय व्यापारियों पर एक तरह का हमला बताया। उन्होंने कहा कि भारत के विकास को प्रभावित करने की यह कोशिश है।

अडानी ग्रुप (Adani Group) को लेकर अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडेनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की रिपोर्ट के बाद देश भर में बवाल मचा हुआ है। अडानी समूह के शेयरों में बिकवाली से निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए डूब गए। अब अमेरिकी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की माँग उठ रही है। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पहुँच गया है।

एमएल शर्मा नाम के एक वकील ने शुक्रवार (3 फरवरी 2023) को सुप्रीम में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर हिंडेनबर्ग और उसके संस्थापक नाथन एंडरसन (Nathan Anderson) के खिलाफ जाँच की माँग की है।

शर्मा ने अपनी याचिका में माँग की है कि एंडरसन के खिलाफ कार्रवाई की जाए और जिन लोगों ने अडानी ग्रुप में निवेश किया है, उन्हें इस हानि के लिए क्षतिपूर्ति दी जाए। याचिका में रिपोर्ट को निर्दोष निवेशकों के साथ धोखा बताया गया है। इसके साथ ही शॉर्ट सेलिंग को धोखाधड़ी बताने की भी माँग की।

रिपोर्ट के बाद बिकवाली की शिकार अडानी ग्रुप को अमेरिका के एसएंडपी डॉव जोन्स इंडेक्स (S&P Dow Jones Index) ने अडानी एंटरप्राइजेज को 7 फरवरी 2023 से स्थिरता सूचकांकों से हटाने की घोषणा की है। उधर, बांग्लादेश ने अडानी समूह के साथ बिजली को लेकर हुई द्विपक्षीय समझौते पर पुनर्विचार करने के लिए कहा है।

देश के महशूर वकील हरीश साल्वे ने भी अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट पर सवाल उठाया है। उन्होंने हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट को भारत और भारतीय व्यापारियों पर एक तरह का हमला बताया। उन्होंने कहा कि भारत के विकास को प्रभावित करने की यह कोशिश है।

दरअसल, हिंडेनबर्ग रिसर्च अपनी रिपोर्ट के जरिए कंपनियों पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाती है और जब उसके शेयर गिरने लगने हैं तो शॉर्ट सेल कर फायदा कमाती है। कंपनी के शेयर जितने गिरेंगे, कंपनी को उतना ही फायदा होगा। इस मामले में हिंडेनबर्ग अमेरिका में जाँच के घेरे में भी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -