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भारत ने पार किया 150 करोड़ कोरोना वैक्सीन लगाने का ऐतिहासिक आँकड़ा, 90% लोगों को मिली पहली डोज: PM मोदी

पीएम मोदी ने जानकारी दी कि भारत की 'योग्य' जनसंख्या में से 90 % जनसंख्या को 1 डोज लग चुकी है। 15-18 उम्र के 1.5 करोड़ बच्चों को डोज दी जा चुकी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (7 जनवरी 2022) कोलकाता में चितरंजन नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के दूसरे कैंपस का उद्धाटन किया। उन्होंने इस कदम को देश के हर नागरिक तक उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने की दिशा में एक नया कदम बताया। 

उन्होंने कहा कि आज साल के पहले महीने के पहले हफ्ते में भारत 150 करोड़ वैक्सीन डोज लगाने का ऐतिहासिक मुकाम भी हासिल कर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत की ‘योग्य (Eligible)’ जनसंख्या में से 90% जनसंख्या को पहली डोज लग चुकी है। 15-18 उम्र के 1.5 करोड़ बच्चों को डोज दी जा चुकी है।

उन्होंने बंगाल की जनता को जानकारी दी कि सरकार द्वारा अब तक पश्चिम बंगाल को भी कोरोना वैक्सीन की करीब-करीब 11 करोड़ डोज मुफ्त मुहैया कराई जा चुकी है। बंगाल को डेढ़ हजार से अधिक वेंटिलेटर, 9 हजार से ज्यादा नए ऑक्सीजन सिलेंडर भी दिए गए हैं। 49 PSA नए ऑक्सीजन प्लांट्स ने भी काम करना शुरू कर दिया है।

उन्होंने बताया कि बीते सालों में कैंसर के इलाज के लिए जरूरी दवाओं की कीमत में काफी कमी की गई है। पश्चिम बंगाल सहित देशभर में जो 8,000 से अधिक जन औषधि केंद्र स्थापित किए गए हैं, उनमें बहुत सस्ते दाम पर दवाइयाँ और सर्जिकल सामान दिए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बताया कि मोदी सरकार ने 500 से ज्यादा दवाइयों की कीमत को कंट्रोल किया है। जिससे गरीबों और जरूरतमंदों के 3,000 करोड़ रुपए से अधिक की बचत हो रही है। सरकार ने नी (knee) इम्प्लान्ट्स की कीमत को कम किया। वहीं पीएम नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम ने 12 लाख गरीबों को मुफ्त में डायलिसिस में मदद की है।

PM-JAY के तहत देशभर में 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा मरीज, अस्पतालों में अपना मुफ्त इलाज करा चुके हैं। यह अनुमान है कि आयुष्मान भारत के बिना, गरीबों और जरूरतमंदों को एक ही इलाज पर लगभग 50,000-60,000 करोड़ रुपए खर्च करने पड़ते।

पीएम ने बताया कि साल 2014 में हमारे यहाँ सिर्फ 6 एम्स होते थे। आज देश 22 एम्स के सशक्त नेटवर्क की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने बंगाल की जनता को जानकारी दी, “हम पहले ही अगले 5 वर्षों में पश्चिम बंगाल के लिए 2,500 करोड़ रुपये मंजूर कर चुके हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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