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गुजरात तट से गोरखपुर तक सबसे लंबी LPG पाइपलाइन: पूर्वांचल के विकास में मोदी ने जोड़ा नया अध्याय

इस योजना के तहत 2,757 किलोमीटर लंबी गैस पाइप लाइन लगाई जाएगी। गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से होकर आने वाली इस पाइप लाइन से खाद कारखाने के अलावा 13 बाटलिंग प्लांटों को गैस आपूर्ति की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई 2016 में फर्टिलाइजर के गोरखपुर के मैदान में एम्स और खाद कारखाने का शिलान्यास करने आए थे। तब उन्होंने कहा था कि एम्स और खाद कारखाने की ही नीव नहीं रख रहे हैं, बल्कि पूर्वांचल के विकास की भी नीव रख रहे हैं। करीब ढाई साल बाद रविवार (फ़रवरी 24, 2019) को फर्टिलाइजर के इसी मैदान से प्रधानमंत्री ने एम्स की ओपीडी का उद्घाटन, किसान सम्मान योजना की शुरुआत सहित ₹9,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर उस नीव पर विकास की भव्य इमारत खड़ी होने का ऐलान किया।

एलपीजी गैस पाइप लाइन

गोरखपुर में आयोजित किसान मोर्चा के दो दिवसीय सम्मेलन में आखिरी दिन गोरखपुर पहुँचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘गोरखपुर-आजमगढ़ लिंक एक्सप्रेस-वे’ और ‘गोरखपुर-कांडला LPG गैस पाइप लाइन‘ जैसी कई परियोजनाओं की आधारशिला रखकर पूर्वांचल के विकास में नया अध्याय जोड़ दिया।

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के मुताबिक, यह देश की एक चौथाई आबादी को रसोई गैस की आपूर्ति करेगा। सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑइल कॉर्पोरेशन (IOC) गुजरात तट से पूर्वी उत्तर प्रदेश के शहर गोरखपुर तक गैस पाइपलाइन बिछाएगी।

खाद कारखाना चलाने के लिए गुजरात के कांडला से गोरखपुर तक LPG गैस पाइप लाइन लगाए जाने की परियोजना का प्रधानमंत्री ने अपनी गोरखपुर रैली के दौरान शिलान्यास कर दिया है। इस योजना के तहत 2,757 किलोमीटर लंबी गैस पाइप लाइन लगाई जाएगी। गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से होकर आने वाली इस पाइप लाइन से खाद कारखाने के अलावा 13 बाटलिंग प्लांटों को गैस आपूर्ति की जाएगी।

IOC गुजरात के कांडला में LPG आयात के बाद गैस को लंबी पाइपलाइन के जरिए अहमदाबाद (गुजरात), उज्जैन (भोपाल), कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) होते हुए गोरखपुर तक पहुँचाएगी। यह संभवत: दुनिया में सबसे लंबी LPG पाइपलाइन होगी। पाइपलाइन से 3.75 मिलियन टन गैस हर साल गुजरेगी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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