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‘महाकुंभ मेला क्षेत्र में अस्पताल में लगी भीषण आग’: इस्लामी कट्टरपंथी और वामपंथी वायरल वीडियो शेयर करके फैला रहे झूठ, जानें पूरी सच्चाई

कुंभ में आग लगने की घटना साल 2013 में हुई थी, जब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। इसमें 6 महिलाओं और 3 बच्चों सहित लगभग दो दर्जन कल्पवासी घायल हो गए थे। उस समय कुंभ मेले का प्रबंधन आजम खान के हाथ में था। उस समय प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में कई श्रद्धालुओं की मौत भी हुई थी।

उत्तर प्रदेश में प्रयागराज महाकुंभ 2025 का आज सोमवार (13 जनवरी 2025) को विधिवत शुरुआत हो गई। हिंदुओं के सबसे बड़े इस धार्मिक आयोजन में देश-दुनिया के करोड़ों लोग पहुँच रहे हैं और अपनी आध्यात्मिक यात्रा को पूरा कर रहे हैं। सरकार इसे भारत की सांस्कृतिक एवं विरासत तौर पर प्रस्तुत कर रही है। हालाँकि, समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो कुंभ को बदनाम करने में लगे हुए हैं।

सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक टेंट के पास धुँआ निकलते हुए दिख रहा है और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी इससे निपटने के प्रयास में लगे हुए हैं। इस वीडियो को वायरल करके दावा किया जा रहा है कि महाकुंभ मेला क्षेत्र के हॉस्पिटल में लगी भीषण आग है।

एडवोकेट नाजनीन अख्तर नाम की एक X (पूर्व में ट्विटर) यूजर ने इसे शेयर किया और ऐसा ही दावा किया। सायमा अख्तर नाम की एक अन्य यूजर ने लिखा, “महाकुंभ मेला क्षेत्र के हॉस्पिटल में लगी भीषण आग।” सैयद हसन इमाम जैदी ने भी वीडियो को शेयर कर यही दावा किया।

प्रयागराज महाकुंभ को बदनाम करने के लिए इस तरह के झूठे दावे किये जा रहे हैं। सुदर्शन न्यूज के पत्रकार सागर कुमार ने यह दावा किया है। उन्होंने इस तरह के दावे करने वाले लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस से एक्शन लेने की भी माँग की है।

सागर कुमार ने अपने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “कैसे जिहादी कुंभ को बदनाम करने पर लगे हुए है। मॉक ड्रिल को देखिए कैसे बताया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस नज़नीन अख़्तर के ख़िलाफ़ सख़्त से सख़्त कार्यवाही की जाए।”

पौष पूर्णिमा के पहले स्नान के साथ ही कुंभ के आधिकारिक शुरुआत के साथ ही इस वीडियो को वायरल करने की गति बढ़ गई है। हालाँकि, यह वीडियो पिछले कई दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही है। सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर एमपी कवरेज नाम के हैंडल ने 3 जनवरी 2025 को लिखा था, “प्रयागराज, महाकुंभ मेला क्षेत्र के अस्पताल में आज सुबह लगी भीषण आग 8 लोग घायल होने की सूचना।”

सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर भी 4 जनवरी को ऐसा ही दावा किया गया था।

इसके बाद 6 जनवरी 2025 को भी ऐसा ही दावा किया गया था।

पत्रकार ने इसे मॉक ड्रिल बताया है, जिसे आग लगने की घटना के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस में कुछ लोग घायल भी हुए हैं। बता दें कि कुंभ में आग लगने की घटना साल 2013 में हुई थी, जब यूपी में समाजवादी पार्टी की सरकार थी। इसमें 6 महिलाओं और 3 बच्चों सहित लगभग दो दर्जन कल्पवासी घायल हो गए थे। उस समय कुंभ मेले का प्रबंधन आजम खान के हाथ में था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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