Saturday, April 13, 2024
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राजस्थान के झुंझुनू में शादी में शामिल 95 लोग संक्रमित, दुल्हन के पिता की मौत: दौसा में 341 बच्चे कोरोना+

गाँव में 3 शादियाँ एक ही दिन हुईं... और एक ही दिन में 95 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। दुखद यह कि कोरोना से सबसे पहले मरने वाले दुल्हन के पिता थे।

पूरे देश में कोरोना वायरस का कहर देखने को मिल रहा है। सरकार ने लोगों से कोरोना गाइडलाइन्स का पालन करने की अपील की है। कई राज्यों में लॉकडाउन लगा है। राजस्थान सरकार ने राज्य में शादी समारोहों को लेकर कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन झुंझुनू के स्यालू कला जैसे गाँव वालों को यह बात कुछ देरी से समझ आई। जब यहाँ शादी की खुशी मातम में बदल गई। यहाँ एक ही दिन में 95 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए और कोरोना से सबसे पहले मरने वाले दुल्हन के पिता थे।

अब इस गाँव में सन्नाटा पसरा है, कोई बच्चा गिल्ली डंडा नहीं खेल रहा है, कोई शोर-गुल नहीं है, कोई बकबक नहीं है, बस सुनसान सड़कें हैं, घरों के दरवाजे बंद हैं, लोग खिड़की से झाँकते हैं या छत से टकटकी लगाकर देखते हैं। स्यालू कला गाँव अपने सबसे बुरे सपने को जी रहा है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय निवासी सुरेंद्र शेखावत ने कहा, “जब से हमने टेस्ट दिया तब से पूरा गाँव स्तब्ध है। लगभग 95 लोगों का कोविड टेस्ट पॉजिटिव आया। इससे पहले 25 अप्रैल को तीन शादियाँ हुई थीं। किसी को विश्वास नहीं हुआ था कि कोरोना भी कोई चीज है। सैंपल देने के बाद लोग इधर-उधर घूमते रहे। लेकिन लोग अब चिंतित हैं और घर के अंदर रहते हैं।”

25 अप्रैल को, गाँव में तीन शादियाँ हुईं और सब कुछ अच्छे से खत्म हुआ। जैसे ही उत्सव समाप्त हुआ, बीमारी ने अपना जाल फैला दिया और पहला शिकार दुल्हन के पिता पप्पू सिंह थे। पप्पू के भाई रामवीर सिंह ने कहा, “हमें नहीं पता कि अब हम क्या करें। हम फिर कभी पहले जैसे नहीं रहेंगे, हमारा भाई चला गया। उनकी तीन बेटियाँ हैं। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन वह अस्वस्थ महसूस कर रहा था।”

सुरेंद्र ने बताया कि कैसे गाँव उजड़ सा गया है। उन्होंने कहा, “अब यहाँ कोई नहीं आता। आप (रिपोर्टर) सबसे पहले आए। लोगों के टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद बहुत कम लोग आ रहे हैं, गाँव के नाम से लोग डरे हुए हैं।” 

वहीं राजस्थान के दौसा जिले में 341 बच्चे कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इन बच्चों की उम्र 18 साल से कम है। एक मई से 21 मई के दौरान दौसा में 341 बच्चे संक्रमित मिले हैं। दौसा जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले 20 दिनों में 341 बच्चे भले ही कोरोना संक्रमित पाए गए हों लेकिन इनमें से कोई भी गंभीर नहीं है। 

राजस्थान में ग्रामीण इलाकों में कोरोना की रोकथाम के लिए अब राजस्थान सरकार जागी है। स्वास्थ्य अधिकारी गाँव-गाँव और डोर-टू-डोर जाकर लोगों के कोरोना टेस्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियाँ की जा रही है। जिला अस्पताल को अलर्ट कर रखा है।

गौरतलब है कि इससे पहले प्रदेश के डूंगरपुर से 18 वर्ष से कम के 300 से अधिक बच्चों के Covid-19 संक्रमित पाए जाने की खबर सामने आई थी। बताया गया कि पिछले 10 दिनों में ही डूंगरपुर में लगभग 315 बच्चे संक्रमित हुए हैं। डूंगरपुर के सीएमएचओ डॉ. राजेश शर्मा ने रिपब्लिक चैनल को बताया कि जिले में 12 से 22 मई के बीच 0-19 साल के 315 बच्चे संक्रमित हुए हैं। डॉ. शर्मा के अनुसार सभी बच्चों को होम आइसोलेट करके उनका उपचार चल रहा है।

हाल ही में डूंगरपुर से ही खबर आई थी कि जिले की एक स्थानीय मस्जिद में लॉकडाउन के नियमों को तोड़ कर बड़ी संख्या में मुस्लिम इकट्ठा हुए थे। खबर शुक्रवार (14 मई) की है। ज्ञात हो कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने राज्य में 14 दिनों का कड़ा लॉकडाउन लगा रखा है। इसके बावजूद भी मस्जिद में कई मुस्लिम बड़ी संख्या में ईद की नमाज के लिए जुटे थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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