Homeदेश-समाजराजस्थान के डूंगरपुर में 10 दिनों में 315 बच्चे कोरोना+, लॉकडाउन तोड़ कर मस्जिद...

राजस्थान के डूंगरपुर में 10 दिनों में 315 बच्चे कोरोना+, लॉकडाउन तोड़ कर मस्जिद में नमाज भी इसी जिले में

कोरोना वायरस का संक्रमण अब राजस्थान के गाँवों में तेजी से फैल रहा है। खतरे की बात यह है कि संक्रमण के शिकार अब बच्चे भी हो रहे हैं। 12 दिनों में 500 से अधिक बच्चों में...

कोरोना वायरस का संक्रमण अब राजस्थान के गाँवों में तेजी से फैल रहा है लेकिन खतरे की बात यह है कि संक्रमण के शिकार अब बच्चे भी हो रहे हैं। बच्चों में फैल रहे इस संक्रमण का ताजा मामला राजस्थान के डूंगरपुर से आया है, जहाँ 18 वर्ष से कम के 300 से अधिक बच्चे Covid-19 संक्रमित हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार राजस्थान में पिछले 10 से 12 दिनों में 500 से अधिक बच्चों में कोरोना वायरस संक्रमण का मामला सामने आया है। इनमें से अधिकांश बच्चे डूंगरपुर जिले के हैं, जहाँ 500 से अधिक बच्चे संक्रमित हैं। पिछले 10 दिनों में ही डूंगरपुर में लगभग 315 बच्चे संक्रमित हुए हैं।

डूंगरपुर के सीएमएचो डॉ. राजेश शर्मा ने रिपब्लिक चैनल को बताया कि जिले में 12 से 22 मई के बीच 0-19 साल के 315 बच्चे संक्रमित हुए हैं। डॉ. शर्मा के अनुसार सभी बच्चों को होम आइसोलेट करके उनका उपचार चल रहा है।

हाल ही में डूंगरपुर से ही खबर आई थी कि जिले की एक स्थानीय मस्जिद में लॉकडाउन के नियमों को तोड़ कर बड़ी संख्या में मुस्लिम इकट्ठा हुए थे। खबर शुक्रवार (14 मई) की है। ज्ञात हो कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने राज्य में 14 दिनों का कड़ा लॉकडाउन लगा रखा है। इसके बावजूद भी मस्जिद में कई मुस्लिम बड़ी संख्या में ईद की नमाज के लिए जुटे थे।

शुक्रवार (21 मई) को राजस्थान में कोरोना वायरस के 6,225 संक्रमण के नए मामले सामने आए। साथ ही 129 लोगों की संक्रमण के चलते मौत हुई है। राज्य में Covid-19 संक्रमितों की कुल सँख्या बढ़कर 9,03,418 हो गई है। इनमें से सक्रिय मरीजों की सँख्या 1,31,806 है। राज्य में कुल 7,475 मौतें हुई हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -