Friday, July 19, 2024
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जिस ईश्वर ने देखा कन्हैया लाल का गला कटते, उस पर भी हुआ हमला: रिपोर्ट में दावा- उदयपुर के 2 और लोग भी इस्लामी दरिंदों के टारगेट पर

कन्हैया लाल के पड़ोसी यशवंत का कहना है कि अगर उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाती तो उन्हें बचाया जा सकता था। यशवंत ने कहा, “उन्होंने पाँच दिनों के बाद दुकान खोली थी, उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही थीं। अगर पुलिस ने सुरक्षा दी होती तो शायद उसकी जान बच जाती।”

राजस्थान के उदयपुर (Udaipur, Rajasthan) में कन्हैया लाल साहू (Kanhaiya Lal Sahu) की निर्मम हत्या ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। वहीं, कन्हैया लाल को बचाने की कोशिश करने वाले उनके साथी ईश्वर सिंह (Ishwar Singh) भी इस्लामी आतंकियों के हमले में घायल हो गए हैं। वे फिलहाल अस्पताल में भर्ती हैं।

अब तक जो कहानी सामने आ रही है, वो यही है कि हत्या इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ टिप्पणी करने वाली नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने पर की गई है। उदयपुर शहर के धानमंडी थाना क्षेत्र की मालदीस स्ट्रीट में टेलर का करने वाले कन्हैया लाल का सिर दो इस्लामी आतंकियों ने कलम कर दिया।

इसके साथ ही खबर यह भी सामने आ रही है कि कन्हैया लाल के बाद दो और लोगों की हत्या हो सकती है। हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपितों के निशाने पर कन्हैया लाल सहित तीन लोग थे। जिन अन्य दो लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है, उनमें से एक का जिक्र आरोपित मोहम्मद रियाज अत्तारी ने अपने 17 जून वाले वीडियो में भी किया है।

दरअसल, भाजपा की पूर्व नेता नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट को लेकर 10 जून को कुछ लोगों ने धानमंडी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कन्हैया लाल के अलावा 2 और लोगों का नाम था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। हालाँकि, 13 जून को कोर्ट ने तीनों को जमानत दे दी थी।

जमानत पर बाहर आने के बाद तीनों को लगातार धमकियाँ मिल रही थी। तीनों ने ही पुलिस से सुरक्षा की माँग की थी, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। पुलिस ने कन्हैया और आरोपित पक्षों को बुलाकर आपस में समझौता करा दिया था। परिणाम ये हुआ कि कन्हैया लाल की दिन-दहाड़े सरेआम हत्या हो गई। वहीं, दो अन्य लोगों की जान भी खतरे में है।

कन्हैया लाल की हत्या की घटना के संबंध में उनकी दुकान में काम करने वाले ईश्वर सिंह ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए बताया कि मालदास स्ट्रीट पर कन्हैया लाल टेलरिंग का काम करते थे। इस दौरान दुकान में झब्बा-पायजामा सिलवाने के लिए दो व्यक्ति (गौस मोहम्मद और मोहम्मद रियाज अत्तारी) आए (कुछ मीडिया रिपोर्टों में आरोपितों का नाम रफीक मोहम्मद और मोहम्मद गौस बताया जा रहा है।)। वे दोनों कन्हैया लाल से इस सिलसिले में बात करने लगे।

ईश्वर सिंह ने आगे बताया कि रियाज नाप देने लगा और गौस वहाँ खड़ा रहा। इस दौरान वो भी अपने एक और साथी राजकुमार के साथ वहाँ मौजूद थे। अचानक चिल्लाने की आवाज आई और उन्होंने मुड़कर देखा तो रियाज कन्हैया लाल पर धारदार हथियार से लगातार हमला कर रहा था। 

ईश्वर सिंह ने बीच-बचाव किया तो उन पर भी हमला किया गया। आरोपितों के हथियार लगने से उनके सिर और बाएँ हाथ से खून निकल रहा था। फिलहाल उन्हें एमबी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। ईश्वर सिंह ने बताया कि कन्हैया लाल कहा करते थे कि कपड़े ऐसे सिलो कि आदमी सज जाए। क्या पता था कि जिन्हें सजाने के लिए वे नाप ले रहे थे, वहीं कफन में बँधवा जाएँगे।

वहीं, कन्हैया लाल के पड़ोसी यशवंत का कहना है कि अगर उन्हें पुलिस सुरक्षा दी जाती तो उन्हें बचाया जा सकता था। यशवंत ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, “उन्होंने पाँच दिनों के बाद दुकान खोली थी, उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही थीं। अगर पुलिस ने सुरक्षा दी होती तो शायद उसकी जान बच जाती।”

गौरतलब है कि कन्हैया लाल ने 15 जून को पुलिस में शिकायत दी थी और सुरक्षा की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हालाँकि पुलिस ने सिर्फ दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर मामला रफा-दफा कर दिया।

मंगलवार (28 जून 2022) को दोनों आरोपित कपड़ा सिलवाने के बहाने से कन्हैया लाल की दुकान में घुसे थे। एक आरोपित वीडियो बनाता रहा, जबकि दूसरा अपना नाप देने लगा। कन्हैया नाप लेने में व्यस्त हो गए। फिर अचानक से आरोपितों ने उन पर हमला कर दिया। कन्हैया चीखते रहे लेकिन आरोपितों ने दबोच कर उनका सिर कलम कर दिया। खून से लथपथ कन्हैया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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