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‘मुझे यीशू के बारे में बताना अच्छा और सरल लगा’: धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में यूपी पुलिस ने पादरी को पकड़ा, पूछताछ जारी

पुलिस इस मामले की हर दृष्टिकोण से जाँच करने में जुट गई है। कार्यवाहक थाना प्रभारी एसएसआई विनोद कुमार यादव ने बताया कि जाँच के बाद ही मामला स्पष्ट हो सकेगा कि पादरी अवैध धर्म परिवर्तन के कार्य में संलिप्त है या नहींं।

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में जबरन धर्मांतरण कराने के आरोप में चर्च के पादरी को हिरासत में लिया गया है। यह घटना बकेवर थाना क्षेत्र की है। बताया जा रहा है कि शनिवार (25 सितंबर, 2021) को एक संगठन के कार्यकर्ताओं ने लखना पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि ईकरी तिराहे के पास एक मकान में लोगों को बहला कर उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मकान से चर्च के पादरी को पकड़ लिया। पुलिस पादरी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस दौरान वहाँ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RRS) से जुड़े कुछ लोग भी पहुँच गए। पादरी ने पुलिस को बताया कि वह औरैया के महटौली गाँव का रहने वाला है। करीब 3 साल से वह अपने परिवार के साथ लखना कस्बा में किराए के मकान में रह रहा है। उसके दो बच्चे अन्य जिले में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।

पादरी ने बताया कि वह बकेवर के लुधियानी क्षेत्र के नगला मिलक गाँव में स्थित चर्च में यीशू की प्रार्थना कराता है। उसे वहाँ कुछ लोग दान भी देते हैं। उसने यह भी बताया कि उसे यीशू के बारे में लोगों को जानकारी देना अच्छा और सरल लगा। हालाँकि, पूछताछ में पादरी इस बात से इनकार करता रहा कि उसने लोगों का धर्म परिवर्तन कराया है।

फिलहाल, पुलिस इस मामले की हर दृष्टिकोण से जाँच करने में जुट गई है। कार्यवाहक थाना प्रभारी एसएसआई विनोद कुमार यादव ने बताया कि जाँच के बाद ही मामला स्पष्ट हो सकेगा कि पादरी अवैध धर्म परिवर्तन के कार्य में संलिप्त है या नहींं।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश के आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) ने बुधवार (22 सितंबर, 2021) को अवैध धर्मांतरण मामले में मौलाना कलीम सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। भारत के सबसे बड़े धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एटीएस ने यह गिरफ्तारी मेरठ से की थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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