Homeदेश-समाजहोटल चाँद में अनवर और इब्राहिम बना रहे थे थूक वाली तंदूरी रोटी, दिल्ली...

होटल चाँद में अनवर और इब्राहिम बना रहे थे थूक वाली तंदूरी रोटी, दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

वीडियो में नजर आने वाले दोनों युवकों की पहचान सबी अनवर और इब्राहिम के तौर पर हुई है। दोनों पश्चिमी दिल्ली में चलती सड़क के किनारे तंदूरी रोटी बनाते हुए उस पर थूक रहे हैं। पुलिस ने इनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 269/270/272/273/34 के तहत ख्याला थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

उत्तर प्रदेश के मेरठ और गाजियाबाद के बाद थूक लगाकर रोटी बनाने का मामला अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से आया है। सोशल मीडिया पर फिर एक वीडियो वायरल होना शुरू हुई है जिसमें दो युवक थूक कर तंदूरी रोटियाँ बना रहे हैं। 

वीडियो में नजर आने वाले दोनों युवकों की पहचान सबी अनवर और इब्राहिम के तौर पर हुई है। दोनों पश्चिमी दिल्ली में चलती सड़क के किनारे तंदूरी रोटी बनाते हुए उस पर थूक रहे हैं। पुलिस ने इनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 269/270/272/273/34 के तहत ख्याला थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी प्रशांत किशोर ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी ट्विटर से मिली थी और उन्होंने इस पर संज्ञान लेते हुए स्थानीय पुलिस से मामले की पुष्टि करवाई। पड़ताल में पता चला कि ये वीडियो ख्याला इलाके में स्थित होटल चाँद की है। आमिर नाम का व्यक्ति वह होटल चलाता है।

डीसीपी ने बताया कि इस होटल में दो लड़के काम करते हैं- सबी अनवर और इब्राहिम। दोनों किशनगंज बिहार से आते हैं। सफेद बनियान में नजर आने वाला इब्राहिम है। वही वीडियो में रोटी पर थूकते भी दिख रहा है। दोनों के विरुद्ध आईपीसी की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज हो गया है। साथ ही होटल चलाने वाले के विरुद्ध भी एक्शन लिया गया है।

बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ में थूक कर रोटी बनाए जाने की एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। पकड़े गए आरोपित नौशाद ने खुलासा किया था कि वो पिछले 10-15 वर्षों से विभिन्न शादी समारोहों में इस तरह की हरकत कर रहा था। 

उसके बाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से रोटी बनाते समय तंदूर में थूक लगाने का वीडियो सामने आया था। पुलिस ने वीडियो की जाँच में आरोपित की पहचान मोहसिन के तौर पर की थी। बात बढ़ने पर वह मुरादनगर स्थित अपने घर से फरार हो गया था। हालाँकि बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -