हज़ारों मुस्लिम युवा सड़क पर उतरेंगे: शरजील इमाम के समर्थन में कूदे इस्लामी कट्टरवादी

अली सोहराब को हाल ही में हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के बाद घृणा फैलाते हुए गिरफ़्तार किया गया था। उसने भी शरजील इमाम का समर्थन किया है। लदीदा फरज़ाना ने भी कहा है कि वो इमाम के साथ है।

शाहीन बाग़ के मुख्य साज़िशकर्ता शरजील इमाम को देश भर से कई कट्टरवादी मुस्लिमों का साथ मिल रहा है। भारत के ‘टुकड़े-टुकड़े’ करने की बात करने वाले शरजील ने उत्तर-पूर्वी भारत और शेष भारत के बीच का संपर्क तोड़ कर असम को देश से अलग-थलग करने की बात की थी। उसने महात्मा गाँधी को सबसे बड़ा फासिस्ट नेता बताया था और कहा था कि ‘राम राज्य’ की बात करने वाला कभी मुस्लिमों के हित की नहीं सोच सकता। शरजील पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया है। असम में भी उसके ख़िलाफ़ केस दर्ज किया गया है। इसके बावजूद कट्टरपंथी इस्लामी उसके समर्थन में कूद पड़े हैं।

शरजील इमाम वामपंथियों के प्रोपेगंडा पोर्टल ‘द वायर’ में कॉलम भी लिखता है। एक अन्य प्रोपेगंडा पोर्टल न्यूजलॉन्ड्री के शरजील उस्मानी ने इमाम के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उसने असम को शेष भारत से काट कर अलग करने की बात कही थी। सिलीगुड़ी कॉरिडोर को ‘चिकेन्स नेक’ भी कहते हैं, जिसे ठप्प करने की बात इमाम कर रहा था। ये शेष भारत को नॉथ-ईस्ट भारत से जोड़ता है। भारतीय सेना, असम राइफल्स, बीएसएफ और बंगाल पुलिस इस क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए यहाँ पैनी नज़र रखते हैं।

उस्मानी ने इमाम का समर्थन करते हुए फेसबुक पर लिखा कि क्या चक्का-जाम की बात करना राष्ट्रद्रोह के अंतर्गत आता है? उसने लोगों को भड़काते हुए लिखा कि इमाम का साथ देने के लिए सबकुछ किया जाना चाहिए, नहीं तो एक और मुस्लिम युवा जेल में होगा। उस्मानी ने आरोप लगाया कि इन आंदोलन को शुरू करने वाले हज़ारों युवाओं को बदनाम किया जा रहा है और अपराधी बताया जा रहा है लेकिन ये लड़ाई जारी रहेगी। उसने कुछ मुस्लिमों को भी धमकाया और उन्हें ‘सरकारी मुस्लिम’ बताते हुए पूछा कि वो उछल-उछल कर अपनी देशभक्ति साबित करने में क्यों लगे हैं?

उस्मानी ने किया शरजील का खुला समर्थन
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जेएनयू छात्र संघ की काउंसलर आफरीन फातिमा ने भी इमाम का समर्थन करते हुए लिखा कि सरकार उससे डर गई है। उसने भारत सरकार पर इस्लाम के प्रति घृणा रखने का आरोप लगाया और कहा कि शरजील इस सरकार को निशाना बना रहे हैं, इसीलिए सरकार बौखला गई है। इसी तरह नाज़िल शफ़ीक़ नामक कथित एक्टिविस्ट ने इमाम का बचाव करते हुए उसके ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई को ‘विच हंटिंग’ करार दिया। उसने आह्वान किया कि मुस्लिमों को इमाम का साथ बनाए रखना चाहिए।

अली सोहराब को हाल ही में हिंदूवादी नेता कमलेश तिवारी की हत्या के बाद घृणा फैलाते हुए गिरफ़्तार किया गया था। उसने भी शरजील इमाम का समर्थन किया है। उसने इमाम को शाहीन बाग़ विरोध प्रदर्शन का योजनाकार और इस आंदोलन के लिए प्रेरणा बताया है। जामिया में मीडिया द्वारा ब्रांडिंग की गई लदीदा फरज़ाना ने भी कहा कि वो इमाम के साथ है।

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