Friday, April 19, 2024
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‘अनिश्चित समय के लिए कोई कैसे पूरी सड़क को जाम कर सकता है’ – शाहीन बाग पर SC की तीखी टिप्पणी

"हमें प्रदर्शन से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सड़क खाली होनी चाहिए। चाहे तो ये लोग रामलीला मैदान, जंतर-मंतर या कहीं और प्रदर्शन करें लेकिन..."

दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे धरने के ख़िलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका पर कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि आप इतने लंबे समय तक कैसे किसी सड़क को रोक सकते हैं। हालाँकि कोर्ट ने इस पर किसी भी तरह का फैसला अभी नहीं सुनाया है और इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 17 फरवरी को दे दी है।

शाहीन बाग धरने के खिलाफ दायर कई याचिकाओं पर सोमवार दोपहर को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस केएम जोसेफ की बेंच ने सुनवाई करते हुए कहा कि विरोध ऐसा हो कि किसी दूसरे को कोई परेशानी न हो। सुनवाई को दौरान जजों ने तीखी टिप्पणी भी की और कहा कि अनिश्चित समय के लिए कोई कैसे पूरी सड़क को जाम कर सकता है।

इस मामले को लेकर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और सरकार को एक नोटिस जारी किया। हालाँकि कोर्ट ने मामले पर अपना अंतरिम फैसला सुनाने से फिलहाल इनकार कर दिया। वहीं इस मामले पर फिर से 17 फरवरी को अगली सुनवाई की जाएगी।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई दिल्ली चुनाव की वजह से टाल दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दिल्ली में शनिवार को मतदान को प्रभावित नहीं करना चाहता। तब न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने कहा था कि हम इस बात को समझते हैं कि वहाँ समस्या है और हमें देखना होगा कि इसे कैसे सुलझाया जाए। हम सोमवार को इस पर सुनवाई करेंगे।

बता दें कि बीजेपी नेता नंद किशोर गर्ग ने कोर्ट से दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले अहम मार्ग पर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन से लोगों को आ रही समस्या पर गौर करते हुए अपनी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया था, जिस पर प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि आप याचिका का उल्लेख करने वाले अधिकारी के पास जाएँ।

गौरतलब है कि जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों ने पिछले दिनों मार्च निकालते हुए कहा थी कि हमें प्रदर्शन से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन सड़क खाली होनी चाहिए। चाहे तो ये लोग रामलीला मैदान, जंतर-मंतर या कहीं और प्रदर्शन करें। इन लोगों की माँग है कि धरना जल्दी से जल्दी खत्म कर सड़क खुलवाई जाए, क्योंकि इससे आम लोगों खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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