Homeदेश-समाज'गवाहों को प्रभावित कर रहीं SRK की मैनेजर पूजा ददलानी, जाँच से छेड़छाड़ भी':...

‘गवाहों को प्रभावित कर रहीं SRK की मैनेजर पूजा ददलानी, जाँच से छेड़छाड़ भी’: NCB ने बॉम्बे HC को बताया, आर्यन की जमानत पर सुनवाई

35 पन्नों के जवाब में एनसीबी ने गवाह प्रभाकर सेल द्वारा दायर हलफनामे का जिक्र किया और कहा कि चल रही जाँच में छेड़छाड़ की कोशिश की गई।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की जमानत याचिका का विरोध किया। जाँच एजेंसी ने आरोप लगाया कि शाहरुख खान की मैनेजर पूजा ददलानी ने चल रही जाँच के बीच गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की है।  

35 पन्नों के जवाब में एनसीबी ने गवाह प्रभाकर सेल द्वारा दायर हलफनामे का जिक्र किया और कहा कि चल रही जाँच में छेड़छाड़ की कोशिश की गई। इसमें आगे कहा गया है कि खान की जमानत याचिका को इस आधार पर खारिज किया जा सकता है कि चल रही जाँच के बीच गवाहों को प्रभावित करने, छेड़छाड़ करने के स्पष्ट उदाहरण हैं।

एजेंसी ने कहा, “महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तरह के कथित हलफनामे में इस आवेदक से जुड़ी एक मैनेजर पूजा ददलानी का नाम है। ऐसा लगता है कि जाँच के दौरान उक्त महिला ने गवाह को प्रभावित किया है। जाँच के स्तर पर इस तरह का हस्तक्षेप यह सुनिश्चित करने के लिए एक दुर्भावनापूर्ण प्रयास है कि यह पटरी से उतर जाए और सच सामने न आ पाए।”

आर्यन खान ड्रग केस

2 अक्टूबर को, अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को एनसीबी द्वारा छापेमारी के दौरान गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद है। जाँच एजेंसी द्वारा विरोध के बाद अदालत ने उनकी जमानत याचिका कई बार खारिज कर दी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -