Tuesday, April 13, 2021
Home देश-समाज RTI से ऊपर नहीं CJI, पब्लिक अथॉरिटी बनना है तो पारदर्शिता ज़रूरी: रंजन गोगोई...

RTI से ऊपर नहीं CJI, पब्लिक अथॉरिटी बनना है तो पारदर्शिता ज़रूरी: रंजन गोगोई की पीठ का फैसला

पीठ में शामिल जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि सम्पत्ति की जानकारी जजों की 'निजी' जानकारी नहीं हो सकती। वहीं जस्टिस रमना ने कहा कि पारदर्शिता का मतलब जजों की निजता खत्म हो जाना या उन्हें सर्विलांस के दायरे में ले आना नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अपने जाने की वेला में भारत के सीजेआई ऑफ़िस को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के अंतर्गत घोषित कर दिया है। उनकी अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसके खिलाफ उन्हीं का संस्थान एक समय हाई कोर्ट में न केवल प्रतिवादी बन कर उपस्थित हुआ था, बल्कि शीर्ष अदालत में इस फैसले को चुनौती भी देने वाला खुद सुप्रीम कोर्ट ही था।

2010 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण और याचिकाकर्ता व आरटीआई कार्यकर्ता एससी अग्रवाल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के विरोध को दरकिनार करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट की तीन-सदस्यीय पीठ ने सीजेआई के कार्यालय को सूचना के अधिकार के दायरे के बाहर मानने से इनकार कर दिया था। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने अपने अधिकारी के ज़रिए अपील की और मामला रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अगस्त 2016 में अपने नेतृत्व की पाँच सदस्यों वाली संविधान पीठ को सुपुर्द कर दिया। इसमें जस्टिस रंजन गोगोई के अलावा जस्टिस एनवी रमना, डीवाई चंद्रचूड़, दीपक गुप्ता और संजीव खन्ना थे।

इसी बेंच ने आज का फैसला दिया है। फैसला लिखने वाले जज संजीव खन्ना ने कहा कि पारदर्शिता से न्यायिक स्वतंत्रता कमज़ोर नहीं होती। न्यायिक स्वतंत्रता जवाबदेही के साथ ही चलती है। यह जनहित में है कि बातें बाहर आएँ। जस्टिस रमना ने इसमें यह जरूर जोड़ा कि पारदर्शिता का मतलब जजों की निजता खत्म हो जाना या उन्हें सर्विलांस के दायरे में ले आना नहीं है। आरटीआई का इस्तेमाल न्यायपालिका पर नज़र रखने के लिए हो सकता है।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि सम्पत्ति की जानकारी जजों की ‘निजी’ जानकारी नहीं हो सकती और न्यायपालिका का कामकाज औरों से अलग राह पर नहीं हो सकता अगर वे संवैधानिक कुर्सी पर हैं और लोकसेवा का कार्य कर रहे हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मरकज से कुम्भ की तुलना पर CM तीरथ सिंह ने दिया ‘लिबरलों’ को करारा जवाब, कहा- एक हॉल और 16 घाट, इनकी तुलना कैसे?

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की तुलना तबलीगी जमात के मरकज से करने वालों को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने करारा जवाब दिया है।

यूपी पंचायत चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी के घर से भारी मात्रा समोसे-जलेबी की जब्ती, दक्षिण भारत में छिड़ा घमासान

क्या ज़माना आ गया है। चुनाव के मौसम में छापे मारने पर समोसे और जलेबियाँ बरामद हो रही हैं! जब ज़माना अच्छा था और सब ख़ुशी से जीवनयापन करते थे तब चुनावी मौसम में पड़ने वाले छापे में शराब जैसे चुनावी पेय पदार्थ बरामद होते थे।

100 करोड़ की वसूली के मामले में अनिल देशमुख को CBI का समन, 14 अप्रैल को होगी ‘गहन पूछताछ’

महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 100 करोड़ रुपए की वसूली मामले में पूछताछ के लिए समन जारी किया है। उन्हें 14 अप्रैल को जाँच एजेंसी के सामने पेश होना पड़ेगा।

आंध्र या कर्नाटक… कहाँ पैदा हुए रामभक्त हनुमान? जन्म स्थान को लेकर जानें क्यों छिड़ा है नया विवाद

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) द्वारा गठित एक विशेषज्ञ पैनल 21 अप्रैल को इस मामले पर अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। पैनल में वैदिक विद्वानों, पुरातत्वविदों और एक इसरो वैज्ञानिक भी शामिल हैं।

‘गुस्ताख-ए-नबी की इक सजा, सर तन से जुदा’: यति नरसिंहानंद के खिलाफ मुस्लिम बच्चों ने लगाए नारे, वीडियो वायरल

डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद के खिलाफ सोमवार को मुस्लिम बच्चों ने 'सर तन से जुदा' के नारे लगाए। पिछले हफ्ते आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान ने अपने ट्विटर अकाउंट पर महंत की गर्दन काट देने की बात की थी।

कुम्भ और तबलीगी जमात के बीच ओछी समानता दिखाने की लिबरलों ने की जी-तोड़ कोशिश, जानें क्यों ‘बकवास’ है ऐसी तुलना

हरिद्वार में चल रहे कुंभ की दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ सोशल मीडिया पर सेक्युलरों ने कुंभ तुलना निजामुद्दीन मरकज़ के तबलीगी जमात से की है। जबकि दोनों ही घटनाओं में मूलभूत अंतर है।

प्रचलित ख़बरें

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छाबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

बालाघाट में यति नरसिंहानंद के पोस्टर लगाए, अपशब्दों का इस्तेमाल: 4 की गिरफ्तारी पर भड़की ओवैसी की AIMIM

बालाघाट पुलिस ने यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ पोस्टर लगाने के आरोप में मतीन अजहरी, कासिम खान, सोहेब खान और रजा खान को गिरफ्तार किया।

गुफरान ने 5 साल की दलित बच्ची का किया रेप, गला घोंट मार डाला: ‘बड़े सरकार की दरगाह’ पर परिवार के साथ आया था

गुफरान अपने परिवार के साथ 'बड़े सरकार की दरगाह' पर आया हुआ था। 30 वर्षीय आरोपित ने रेप के बाद गला घोंट कर बच्ची की हत्या की।

SHO अश्विनी की हत्या के लिए मस्जिद से जुटाई गई थी भीड़: बेटी की CBI जाँच की माँग, पत्नी ने कहा- सर्किल इंस्पेक्टर पर...

बिहार के किशनगंज जिला के नगर थाना प्रभारी अश्विनी कुमार की शनिवार को पश्चिम बंगाल में हत्या के मामले में उनकी बेटी ने इसे षड़यंत्र करार देते हुए सीबीआई जाँच की माँग की है। वहीं उनकी पत्नी ने सर्किल इंस्पेक्टर पर केस दर्ज करने की माँग की है।

कुरान की 26 आयतों को हटाने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज, वसीम रिजवी पर 50000 रुपए का जुर्माना

वसीम रिजवी ने सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयतों को हटाने के संबंध में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,160FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe