Homeदेश-समाजटीचर मोहम्मद फिरोज ने 9 साल के बच्चे को मीट काटने वाले चाकू से...

टीचर मोहम्मद फिरोज ने 9 साल के बच्चे को मीट काटने वाले चाकू से मार डाला, ताबड़तोड़ किए 12 वार: बिहार के नालंदा की घटना

कहा जा रहा है कि बच्चे की मौत के बाद उसकी अम्मी अपना सुध-बुध खो बैठी है। वह पागलों जैसी हरकत करने लगी है। आरोपित मोहम्मद फिरोज कतरीसराय ब्लॉक में शिक्षक है। एक मासूम की हत्या करने के बावजूद भी आरोपित के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।

बिहार के नालंदा में पड़ोस में रहने वाला टीचर ने बुधवार (12 जुलाई 2023) की सुबह मीट काटने वाले चाकू को एक 9 साल के बच्चे को 12 बार चाकू घोंपकर हत्या कर दी। बच्चा घर से खेलने के लिए निकला था, तभी टीचर ने उसे रोक कर वारदात को अंजाम दिया। बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।

मामला नालंदा के सिलाव थाना क्षेत्र के कड़ाह मोहल्ले का है। यहाँ पड़ोसी टीचर ने मोहम्मद फिरोज ने नाली के विवाद में 9 साल के मोहम्मद शफीक की हत्या कर दी। शफीक तीन भाइयों में सबसे बड़ा था और चौथी कक्षा का छात्र था। पुलिस का कहना है कि नाली में पानी गिराने को लेकर टीचर और बच्चे के परिवार के बीच विवाद चल रहा था।

इस झगड़े में पड़ोसी से बदला लेने के लिए पड़ोसी शिक्षक मोहम्मद फिरोज ने बच्चे की हत्या कर दी। हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपित मोहम्मद फिरोज भागने लगा, लेकिन आसपास के लोगों ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस को सूचित करके बुलाया और आरोपित को उसके हवाले कर दिया।

बच्चे के परिजनों का कहना है कि शफीक खेलने के लिए घर से निकला था। शफीक जैसे ही घर से बाहर पहुँचा, पड़ोसी टीचर उस पर मीट काटने वाले चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शफीक के शरीर पर 12 घाव हो गए वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर गए, जहाँ डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

कहा जा रहा है कि बच्चे की मौत के बाद उसकी अम्मी अपना सुध-बुध खो बैठी है। वह पागलों जैसी हरकत करने लगी है। आरोपित मोहम्मद फिरोज कतरीसराय ब्लॉक में शिक्षक है। एक मासूम की हत्या करने के बावजूद भी आरोपित के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -