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सोने-चाँदी से बना 8 KG का चरणपादुका लेकर नंगे पाँव अयोध्या चले श्रीनिवास शास्त्री: रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले CM योगी को करेंगे भेंट

रामलला अद्वितीय हैं तो उनके भक्त भी अनोखे हैं। उनके ऐसे ही एक भक्त 64 साल के चल्ला श्रीनिवास शास्त्री हैं। प्रभु की शक्ति और प्रेरणा से वे उम्र को बौना साबित करते हुए अपने सिर पर 8 किलोग्राम की चरण पादुका लेकर वे नंगे पाँव हैदराबाद से अयोध्या आ रहे हैं।

रामलला अद्वितीय हैं तो उनके भक्त भी अनोखे हैं। उनके ऐसे ही एक भक्त 64 साल के चल्ला श्रीनिवास शास्त्री हैं। प्रभु की शक्ति और प्रेरणा से वे उम्र को बौना साबित करते हुए अपने सिर पर 8 किलोग्राम की चरण पादुका लेकर वे नंगे पाँव हैदराबाद से अयोध्या आ रहे हैं। वे जिस रास्ते पर भगवान चले थे, उस रास्ते पर पैदल चलते हुए 15 जनवरी 2024 को अयोध्या पहुँचेंगे।

चाँदी से बनी और सोने से मढ़ी ये चरण पादुका वो 16 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेंगे। श्रीनिवास शास्त्री कहते हैं कि वो उस रास्ते से अयोध्या आ रहे हैं, जिस रास्ते पर चलकर भगवान श्रीराम रामेश्वरम से अयोध्या से पहुँचे थे। शास्त्री के मुताबिक, वे जिन रास्तों से आ रहे हैं, उन रास्तों का नक्शा डॉक्टर राम अवतार ने बहुत शोध के बाद बनाया।

एएनआई ने चल्ला श्रीनिवास शास्त्री के हवाले से मंगलवार (9 जनवरी 2024) को लिखा कि वह भगवान राम की ‘वनवास’ यात्रा को प्रतिबिंबित करते हुए अयोध्या-रामेश्वरम मार्ग पर चल रहे हैं। शास्त्री ने उल्टे क्रम का पालन करते हुए यानी रामेश्वरम से अयोध्या के लिए 20 जुलाई 2023 को अपनी यात्रा शुरू की थी। वे रास्ते में भगवान राम द्वारा स्थापित शिवलिंगों के पास रुके।

उन्होंने ये भी बताया कि वे अब तक ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात से होते हुए चित्रकूट पहुँचे हैं। यहाँ से अयोध्या की दूरी 272 किलोमीटर है। उनका लक्ष्य अगले 5 दिनों में अयोध्या पहुँचना है। उनका कहना है कि भगवान राम के लिए तैयार की गई चरण पादुका में 1 किलोग्राम सोना और 7 किलोग्राम चाँदी का इस्तेमाल किया गया है। इस खड़ाऊँ की कीमत करीब 65 लाख रुपए है।

श्रीनिवास शास्त्री ने कहा कि उनकी योजना है कि वे अयोध्या में अपना घर बनाएँ और यहीं आकर बस जाएँ। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने कारसेवा की थी। पिता अब नहीं रहे तो वे उनकी इच्छा पूरी कर रहे हैं। बता दें कि 64 वर्षीय शास्त्री साउथ फिल्म इंडस्ट्री में काम कर चुके हैं। वो अयोध्या भाग्यनगर सीताराम फाउंडेशन के संस्थापक भी हैं। वो इससे पहले राम मंदिर के लिए चाँदी की 5 ईंटें दान कर चुके हैं।

उनका कहना है कि राम मंदिर को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही उन्होंने अपना आगे का जीवन भगवान राम को समर्पित करने का फैसला कर लिया। वो राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अयोध्या पहुँचने और रामलला की चरण पादुका को सौंपने को लेकर खासे उत्साहित हैं। बता दें कि ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह 16 जनवरी 2024 से शुरू होकर सात दिनों तक चलेगा।

पीएम मोदी 22 जनवरी 2024 को भव्य राम मंदिर का उद्घाटन करेंगे। इस समारोह के लिए कई अहम शख्सियतों को निमंत्रण भेजा गया है। भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या महान आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व रखती है। श्री राम जन्मभूमि तीरथ क्षेत्र ट्रस्ट ने समारोह के लिए 4,000 संतों को आमंत्रित किया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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