Thursday, July 25, 2024
Homeदेश-समाजउदयपुर की जिस गली में कन्हैया लाल का गला काटा, वो आज भी खुलने...

उदयपुर की जिस गली में कन्हैया लाल का गला काटा, वो आज भी खुलने से डरता है: पुलिस की तैनाती फिर भी 15 में से 13 दुकान बंद, बिजनेस 90% गिरा

"20 दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी भी लोग डरे हुए हैं। मेरी दुकान में दो लोग काम करते हैं। एक बीमार है। दूसरा हत्याकांड के बाद से डरा है। काम ही नहीं करना चाहता है। उसका परिवार उसे घर से बाहर ही नहीं निकलने दे रहा है।"

उदयपुर का मलादास स्ट्रीट भीड़भाड़ वाला बाजार है। लेकिन आजकल इस बाजार की एक गली में सन्नाटा पसरा है। इसी गली में कन्हैया लाल की वह टेलर शॉप थी, जिसमें घुसकर उनका गला काट डाला गया था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि इस गली में 15 दुकानें हैं। इनमें से 13 आज भी बंद है। कारोबार 90% तक गिर गया है। डर केवल दुकानदारों के भीतर ही नहीं है। कस्टमर भी इधर आने से घबराते हैं। वे आने से पहले बजार में सब कुछ ठीक होने की फोन पर पुष्टि करते हैं।

कन्हैया लाल की हत्या मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने 28 जून 2022 को निमर्मता से कर दी थी। रिपोर्ट में दुकानदारों के हवाले से बताया गया है कि रक्षाबंधन में बंपर कारोबार की उम्मीद थी। अब डर है कि जो माल आया है उसकी लागत भी वसूल हो पाएगी या नहीं।

कन्हैया लाल की दुकान के पास ही महावीर सेठ की लेटेस्ट टेलर्स है। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया, “20 दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी भी लोग डरे हुए हैं। मेरी दुकान में दो लोग काम करते हैं। एक बीमार है। दूसरा हत्याकांड के बाद से डरा है। काम ही नहीं करना चाहता है। उसका परिवार उसे घर से बाहर ही नहीं निकलने दे रहा है। हमारी दुकान के बाहर वर्दी में पुलिसकर्मियों को देखकर हर कोई चौंकता है। रोजाना दो राउंड में पुलिसकर्मी दुकान के बाहर खड़े रहते हैं।”

स्वर्ण कारोबारी मयंक लोढ़ा के अनुसार, “कस्टमर आने से पहले फोन कर मार्केट का हाल पूछते हैं। सब कुछ सामान्य होने की बात जानने के बाद ही वे इधर आने के बारे में फैसला करते हैं।” बताया जाता है कि कन्हैया लाल की हत्या के बाद कुछ और व्यापारियों को धमकी मिली है। इससे दहशत और बढ़ गई है। हालाँकि एसपी विकास शर्मा का कहना है कि अब बाजार पूरी सामान्य है। हर दिन पुलिस व्यापारियों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से बात कर रही है। पिछले दिनों 3 अलग-अलग धमकियों के मामले में साइबर सेल की मदद से जाँच जारी है। बाजार में किसी भी व्यापारी या ग्राहक को डरने की जरूरत नहीं है।

गौरतलब है कि 28 जून को मालदास स्ट्रीट की भूतमहल गली में सुप्रीम टेलर्स के संचालक कन्हैया लाल की मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने हत्या कर दी थी। वो कपड़ा सिलवाने के बहाने से कन्हैया लाल की दुकान में घुसे थे। एक आरोपित वीडियो बनाता रहा, जबकि दूसरा अपना नाप देने लगा। कन्हैया नाप लेने में व्यस्त हो गए। फिर अचानक से आरोपितों ने उन पर हमला कर दिया। कन्हैया चीखते रहे लेकिन आरोपितों ने दबोच कर उनका सिर कलम कर दिया। खून से लथपथ कन्हैया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

देशद्रोही, पंजाब का सबसे भ्रष्ट आदमी, MeToo का केस… खालिस्तानी अमृतपाल का समर्थन करने वाले चन्नी की रवनीत बिट्टू ने उड़ाई धज्जियाँ, गिरिराज बोले...

रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री देशद्रोही की तरह व्यवहार कर रहा है, देश को गुमराह कर रहा है। गिरिराज सिंह बोले - ये देश की संप्रभुता पर हमला।

‘दरबार हॉल’ अब कहलाएगा ‘गणतंत्र मंडप’, ‘अशोक हॉल’ बना ‘अशोक मंडप’: महामहिम द्रौपदी मुर्मू का निर्णय, राष्ट्रपति भवन ने बताया क्यों बदला गया नाम

राष्ट्रपति भवन ने बताया है कि 'दरबार' का अर्थ हुआ कोर्ट, जैसे भारतीय शासकों या अंग्रेजों के दरबार। बताया गया है कि अब जब भारत गणतंत्र बन गया है तो ये शब्द अपनी प्रासंगिकता खो चुका है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -