Homeदेश-समाजहिंदू लड़कियों को झाँसा दे शारीरिक शोषण करने वाला आफताब गिरफ्तार, अश्लील वीडियो से...

हिंदू लड़कियों को झाँसा दे शारीरिक शोषण करने वाला आफताब गिरफ्तार, अश्लील वीडियो से बनाता था धर्म परिवर्तन का दबाव

एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि आफताब अहमद बलरामपुर जिले में गौरा थाना क्षेत्र का निवासी है। उसके कब्जे से दो लड़कियाँ मिली हैं। इनकी उम्र 15 और 22 वर्ष है। आफताब के खिलाफ बस्ती के रुदौली थाने पर IPC की धारा 363, 366 के तहत केस दर्ज था।

उत्तर प्रदेश के मेरठ के मवाना थाना पुलिस ने बलरामपुर जिले के मोहम्मद आफताब अहमद को गिरफ्तार किया है। इस पर आरोप है कि यह दो लड़कियों को नौकरी दिलाने के बहाने लेकर आया और बाद में उनका शारीरिक शोषण करके उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा। ये दोनों लड़कियाँ बस्ती जिले की हैं। पुलिस ने आरोपित के कब्जे से दोनों को छुड़ा लिया है। आफताब ने कथिततौर पर इनकी अश्लील वीडियो भी बनाई थी।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, एसपी देहात केशव कुमार ने बताया कि आफताब अहमद बलरामपुर जिले में गौरा थाना क्षेत्र का निवासी है। उसके कब्जे से दो लड़कियाँ मिली हैं। इनकी उम्र 15 और 22 वर्ष है। आफताब के खिलाफ बस्ती के रुदौली थाने पर IPC की धारा 363, 366 के तहत केस दर्ज था। उसको अब बस्ती पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

पुलिस का कहना है कि आफताब लड़कियों को नौकरी का झाँसा देकर अपने जाल में फँसाता है। 3 साल से वह 22 साल की युवती के संपर्क में था। इसी के जरिए वह 15 साल की नाबालिग लड़की से संपर्क में आया और फिर दोनों को नौकरी दिलाने के बहाने मथुरा ले आया। मथुरा से ये दोनों के साथ मवाना पहुँचा। इसके बाद यहाँ शारीरिक शोषण करके उनकी अश्लील वीडियो बनाई और ब्लैकमेल करके इन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने लगा।

कुछ समय पहले इस संबंध में हिंदू संगठनों ने पुलिस को शिकायत दी और उसी आधार पर उसके ख़िलाफ़ यह कार्रवाई हुई। फिलहाल आरोपित बस्ती पुलिस की हिरासत में है। आगे की कार्रवाई भी पुलिस करेगी। रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि आफताब कई साल से मेरठ के मवाना क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। वह यहाँ पर आए दिन लड़कियों को लाता था। कुछ लोग कई बार उससे पूछते तो वह उन लड़कियों को अपनी रिश्तेदार बताता था।

इतना ही नहीं आफताब ऐसी लड़कियों की तलाश करता था जो नौकरी की तलाश में घूम रही हों। उसके बाद वह उनसे दोस्ती करता था। फिर नौकरी का झाँसा देता था और फिर शारीरिक संबंध बनाकर उनकी वीडियो बना लेता था। इस वीडियो के सहारे वह ब्लैकमेल करके उन पर धर्म परिवर्तन का दवाब बनाता था। पुलिस का मानना है कि इस रैकेट में आफताब अकेला नहीं है, कुछ और लोग भी हो सकते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -