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हिंदू लड़कियों की दोस्ती (जबरन) मुस्लिम लड़कों से, धर्मांतरण-निकाह के लिए उकसाना: UP में लैक्मे एकेडमी का हाल, हिंदू से मुसलमान बनी डायरेक्टर पर आरोप

वहीं, एक अन्य छात्रा स्वाति पाल का कहना है, "रक्शंदा खान ने हिंदू छात्राओं को माथे पर बिंदी, टीका, सिंदूर और गले में मंगलसूत्र पहनने पर प्रतिबंध लगा रखा है। अगर शादीशुदा कोई लड़की मंगलसूत्र और सिंदूर लगाकर आ जाती है तो उसे इंस्टीट्यूट में वह घुसने नहीं देती है। दूसरी ओर मुस्लिम छात्रों और मुस्लिम ट्रेनर्स को एकेडमी में ही नमाज पढ़ने की आजादी है।"

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद स्थित लैक्मे एकेडमी नाम के फैशन इंस्टीट्यूट चलाने वाली रक्शंदा खान पर छात्राओं ने धर्मांतरण के लिए माइंडवॉशस करने का आरोप लगाया। इंस्टीट्यूट की दो हिंदू छात्राओं और एक छात्र ने इस संबंध में जिले के कलेक्टर अनुज सिंह से मिलकर इसकी शिकायत की। छात्राओं का कहना है कि एकेडमी की डायरेक्टर उन पर मुस्लिम लड़कों से दोस्ती करने का दबाव डालती हैं।

छात्राओं ने कहा कि कांठ रोड पर हरथला पुलिस चौकी के सामने स्थित एकेडमी की डायरेक्टर रक्शंदा खान कहती है, “मुस्लिम लड़कों से शादी करने में कोई दिक्कत नहीं। मैं भी पहले हिंदू थी। मैंने एक मुस्लिम से शादी की। अब मैं हिंदू धर्म छोड़कर मुसलमान बन चुकी हूँ और मुस्लिम परिवार में बहुत खुश हूँ।” छात्राओं ने एकेडमी का रजिस्ट्रेशन रद्द करने और रक्शंदा खान पर कार्रवाई की माँग की है।

दरअसल, सोमवार (22 जुलाई 2024) को एकेडमी में पढ़ने वाली तान्या चौधरी और स्वाति पाल एक छात्र के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुँची। उन्होंने आरोप लगाया कि सपना उर्फ रक्शंदा खान हिंदू लड़कियों को मुस्लिम लड़कों से दोस्ती करने और धर्मांतरण कर शादी करने के लिए उकसाती है। वह हिंदू लड़कियों को जानबूझकर मुस्लिम लड़कों के साथ ग्रुप में रखती हैं। वह मुस्लिमों को प्रमोट करती है।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में छात्राओं ने आगे कहा, “कांठ रोड पर स्थित लैक्मे एकेडमी मेकअप, हेयर और स्किन ट्रीटमेंट सिखाता है। इसके लिए कई अलग-अलग कोर्स चला रखे हैं। एकेडमी में लगभग सभी लड़के मुस्लिम और ज्यादातर लड़कियाँ हिंदू हैं। इन मुस्लिम लड़कों से दोस्ती करने के लिए वह उकसाती है। रक्शंदा खान इसके लिए मुहिम चला रखी है।”

इसकी मालकिन और डायरेक्टर सपना है। वह धर्म परिवर्तन करके रक्शंदा खान बन चुकी है और मुस्लिम युवक से निकाह कर लिया है। रक्शंदा हिंदू छात्राओं से कहती है, “मैं भी पहले हिंदू थी, लेकिन अब मुस्लिम हूँ। एक मुस्लिम के घर में रह रही हूँ। मुस्लिम लड़कों से शादी करने में कोई दिक्कत नहीं होती।” छात्राओं का कहना है कि जबरन उनका नाम मुस्लिम लड़कों के साथ जोड़ा जाता है।

तान्या चौधरी नाम की छात्रा ने कहा, “एडमिशन के टाइम बताया गया था कि एकेडमी में मांस-मछली पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन मुस्लिम लड़के यहाँ रोज मीट-मछली लेकर आते हैं और सबके सामने खाते हैं।” एक अन्य छात्रा स्वाति पाल ने कहा, रक्शंदा हिंदू धर्म को गंदी-गंदी गालियाँ देती है।” छात्राओं का कहना है उसकी बात नहीं मानने वाली हिंदू लड़कियों को तरह-तरह से परेशान किया जाता है।

वहीं, एक अन्य छात्रा स्वाति पाल का कहना है, “रक्शंदा खान ने हिंदू छात्राओं को माथे पर बिंदी, टीका, सिंदूर और गले में मंगलसूत्र पहनने पर प्रतिबंध लगा रखा है। अगर शादीशुदा कोई लड़की मंगलसूत्र और सिंदूर लगाकर आ जाती है तो उसे इंस्टीट्यूट में वह घुसने नहीं देती है। दूसरी ओर मुस्लिम छात्रों और मुस्लिम ट्रेनर्स को एकेडमी में ही नमाज पढ़ने की आजादी है।”

इस घटना को लेकर मुरादाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट किया है। इस घटना को लेकर पोस्ट करने वाले एक यूजर के पोस्ट पर जवाब देते हुए मुरादाबाद पुलिस ने लिखा, “थाना प्रभारी प्रभारी सिविल लाईन्स को जाँच / आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है।”

बता दें कि एक साल पहले राज राणा नाम के एक लड़के ने भी रक्शंदा खान पर धर्मांतरण का दबाव डालने का आरोप लगाया है। छात्र का कहना था कि रक्शंदा पढ़ाने के बजाय इस्लाम का प्रचार करती है। छात्र का आरोप था, “रक्शंदा कहती है कि अगर इस्लाम अच्छा नहीं है तो इतनी तादाद में हिंदू मजारों पर क्यों जाते हैं? जब मुस्लिम लड़की कन्वर्ट होकर हिंदू बनती है तो इतना बवाल क्यों नहीं होता?”

रक्शंदा खान मूल रूप से कानपुर के साकेत नगर की रहने वाली है। उसका जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था और उसका मूल नाम सपना था। वो 5 बहनें और 1 भाई है। वह बहनों में सबसे छोटी है। करीब 17 साल पहले उसने शहनवाज खान नाम के एक मुस्लिम लड़के से प्यार के बाद निकाह कर लिया था। इसके लिए उसने हिंदू धर्म को छोड़कर इस्लाम कबूल कर लिया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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