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यूपी पुलिस के साथ फिर से शुरू हुआ अतीक अहमद का सफर: प्रयागराज से साबरमती जेल के लिए हुआ रवाना, भाई अशरफ वापस बरेली कारागार में

कोर्ट में सुनवाई के बाद नैनी जेल लाए जाने के बाद अतीक को जेल में दाखिल नहीं होने दिया गया। कैदी वाहन 5 घंटो तक जेल के गेट पर ही खड़ी रही।

17 साल पुराने उमेश पाल अपहरण मामले में माफिया अतीक अहमद को प्रयागराज कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इस मामले में अतीक के अलावा उसके साथी हनीफ और दिनेश पासी को भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही अपहरण केस में अतीक के भाई अशरफ समेत 7 अन्य आरोपितों को बरी कर दिया गया है। सुनवाई के बाद अब अतीक को गुजरात के साबरमती जेल ले जाया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अतीक को सिर्फ उमेश पाल अपहरण मामले की सुनवाई के लिए प्रयागराज लाया गया था। केस में उसे सजा हो गई है इसलिए उसे साबरमती जेल में ही रखा जाएगा। नैनी जेल में रखे जाने से पूर्व में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का उल्लंघन माना जाएगा। अतीक को नैनी जेल से लेकर यूपी पुलिस का काफिला गुजरात के लिए निकल चुका है।

रिपोर्टों के अनुसार, कोर्ट में सुनवाई के बाद नैनी जेल लाए जाने के बाद अतीक को जेल में दाखिल नहीं होने दिया गया। कैदी वाहन 5 घंटो तक जेल के गेट पर ही खड़ी रही। जेल अधीक्षक की तरफ से कहा गया कि उनके पास अतीक को जेल में रखने का आदेश नहीं है। ऐसे में उसे अहमदाबाद के साबरमती जेल ले जाया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, यदि उमेश पाल हत्याकांड को लेकर दी गई अर्जी पर कोर्ट में सुनवाई शुरू हो जाती तो संभवतः अतीक को यूपी में रखा जा सकता था। कुछ कानूनी पेचीदगी के कारण ऐसा नहीं हो सका। इसी वजह से यूपी पुलिस को अतीक की कस्टडी या रिमांड नहीं मिल सकी। वहीं अतीक के भाई अशरफ को भी बरेली सेंट्रल जेल भेज दिया गया है।

बता दें कि नैनी कोर्ट के फैसले के बाद उमेश पाल और अतीक अहमद दोनों पक्षों ने हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है। जहाँ उमेश पाल का परिवार अशरफ की रिहाई से नाखुश है तो वहीं अतीक के वकील ने इस सजा को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की बात कही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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