Homeदेश-समाज'आंबेडकर को हिन्दू राजा ने विदेश भेज कर पढ़ाया-लिखाया, आरक्षण के कारण फेल हो...

‘आंबेडकर को हिन्दू राजा ने विदेश भेज कर पढ़ाया-लिखाया, आरक्षण के कारण फेल हो रहे 80-90% लाने वाले’: विवादित टिप्पणी का वीडियो, यूपी पुलिस ने शुरू की जाँच

"जिसने संविधान लिखा ससुर, भीमराव अंबेडकर। इसको किसने अफसर बनाया? एक हिंदू राजा। वह गुजरात का एक राजा था। एक क्षत्रिय।"

उत्तर प्रदेश की प्रतापगढ़ पुलिस ने संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमिटी के अध्यक्ष रहे डॉ भीमराव अंबेडकर के​ खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने वाले एक शख्स के खिलाफ 30 अक्टूबर, 2022 को मामला दर्ज किया। आरोपित की पहचान प्रतापगढ़ जिले के जेठवाड़ा थाना क्षेत्र के माताफेर सिंह के रूप में हुई है। वह अवधी बोली में डॉ. भीमराव अंबेडकर को गरियाते हुए नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर उसका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।

प्रतापगढ़ पुलिस ने बताया आरोपित के खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। 55 सेकेंड के वीडियो में उस शख्स ने कहा था, “जिसने संविधान लिखा ससुर, भीमराव अंबेडकर। इसको किसने अफसर बनाया? एक हिंदू राजा। वह गुजरात का एक राजा था। एक क्षत्रिय।” तभी उसकी बात का जवाब देते हुए पृष्ठभूमि से एक व्यक्ति ने कहा कि अंबेडकर एक बैरिस्टर थे। माताफेर सिंह को जवाब देने वाले व्यक्ति का चेहरा वीडियो में नहीं दिख रहा है।

इस पर माताफेर ने कहा, “क्या वह पहले से ही योग्य था? क्या आप उसका इतिहास जानते हो? वह कभी बैरिस्टर नहीं था।” इसके बाद दूसरे शख्स ने कहा कि उनके पास डिग्री थी, जिस पर उस व्यक्ति ने कहा, “नहीं, उसके पास कोई डिग्री नहीं है। उसे गुजरात के क्षत्रिय राजा ने विदेश भेजा, पढ़ाया लिखाया और फिर यहाँ वापस बुलाया। जिसने उसका नामकरण किया वापस आने के बाद उसने सबसे पहले उन्हीं की पूँछ काट दी।”

आरक्षण व्यवस्था पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “आरक्षण मंडल-कमंडल के दुनिया भर के बच्चे सब कुछ पा रहे हैं और हमारे बच्चे 80%-90% नंबर लाकर भी फेल हो रहे हैं। यह कैसा संविधान है?” वह अपनी स्थानीय भाषा में अबंडेकर के लिए ‘ससुर’ और ‘साला’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है। दरअसल, बातचीत के दौरान प्रतापगढ़ में ऐसे शब्दों का प्रयोग आम बात है।

वहीं, दलित समुदाय के लोगों ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस वीडियो की कड़ी आलोचना की और उन्होंने उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। ऑपइंडिया से बात करते हुए, जेठवाड़ा पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और जाँच जारी है। मामले में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -