Homeदेश-समाजमामूली विवाद में सेना के जवानों को दबंगों ने पीटकर किया लहूलुहान, देखें वीडियो

मामूली विवाद में सेना के जवानों को दबंगों ने पीटकर किया लहूलुहान, देखें वीडियो

बताया जा रहा है कि खाने के बिल को लेकर सेना के जवानों से होटल मालिक और उनके साथ काम करने वाले भिड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि वह सड़क तक पहुँच गया।

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सेना के जवानों से होटल के मालिक और कर्मचारियों ने मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। मारपीट में सेना के जवानों को लहूलुहान कर दिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में आधा दर्जन से अधिक लोग सेना के दोनों जवानों को लाठी डंडों से पीटते नजर आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार मामले को लेकर अब तक सात लोगों को अरेस्ट किया गया है। इनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

बताया जा रहा है कि खाने के बिल को लेकर सेना के जवानों से होटल मालिक और उनके साथ काम करने वाले भिड़ गए। मामला इतना बढ़ गया कि वह सड़क तक पहुँच गया। होटल मालिक की तरफ से करीब सात लोगों ने सेना के जवानों पर हमला किया और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस बीच लोग सड़क पर खड़े होकर वीडियो बनाते रहे। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और बड़ौत कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर के सात लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -