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झारखंड में शरिया कानून लागू करवा रही आदम सेना क्या है? किस तरह इस्लामी कट्टरपंथियों की बन रहा आवाज, जानें सब कुछ

झारखंड में आदम सेना नाम का संगठन ग्रामीण इलाकों में शरिया कानून लागू कर रहा है और मुस्लिम लड़कियों के हिंदू लड़कों से बातचीत करने पर बलात्कार और जान से मारने की धमकी दे रहा है।

झारखंड के कुछ इलाकों में आदम सेना नाम की एक नई सेना सामने आ रही है, जो मुस्लिमों की रहनुमाई की बात करती है। इस संगठन के लोग शरिया लॉ की तर्ज पर अपने नियम कानून थोपते हैं। मुस्लिम लड़कियाँ अगर किसी हिंदू से बात करते भी दिख जाए, तो ये उसे सबक सिखाते हैं। इन सब बातों का खुलासा हुआ रामपुर से, जहाँ आदम सेना के लोगों ने एक मुस्लिम लड़की को धमकाया। हालाँकि अब ये मामला बढ़ चुका है, तो आदम सेना के बारे में कई बड़ी जानकारियाँ भी निकल कर सामने आ रही हैं। क्या है ये आदम सेना, क्योंकि ये तेजी से चर्चा में आ रही है और क्या काम करती है ये सेना, इसकी जानकारी हम आपको दे रहे हैं।

क्या है आदम सेना?

आदम सेना मुस्लिमों का एक संगठन है, जिसमें कट्टरपंथी युवाओं की भरमार है। दावा है कि आदम सेना शरिया कानून लागू करना चाहती है। खासकर मुस्लिम महिलाओं पर। कहने के लिए ये मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा का विरोध करती है, लेकिन इससे जुड़े लोगों के वायरल वीडियो में सीधे-सीधे मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों को धमकाया जाता है कि अगर उन्होंने हिंदुओं से कोई मेलजोल रखा, तो फिर शरिया के हिसाब से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

रामगढ़ में पुलिस से शिकायत, पीड़ित ने सुनाई आपबीती

इस समय आदम सेना की वजह से झारखंड का रामगढ़ जिला चर्चा में है। यहाँ आदम सेना ने स्थानीय गाँवों में शरिया कानून लागू किया है। इसके तहत मुस्लिम लड़कियों को गैर-मुस्लिमों के साथ बातचीत करने पर प्रतिबंध है और उन्हें बुर्का पहनना अनिवार्य है। असहमति जताने वालों को आदम सेना के सदस्यों द्वारा बलात्कार, हत्या या समुदाय से निष्कासन की धमकियों का सामना करना पड़ता है। ये मामला रजरप्पा थाना क्षेत्र का है, जहाँ शिकायतकर्ता लड़की ने थाने में गुहार लगाई है कि उसे आदम सेना के कथित नेता सलमान और अहमद से जान का खतरा है। 

पीड़ित लड़की ने कहा कि, “उन दोनों ने मुझसे कहा, ‘हम प्रशासनिक कार्रवाई को स्वीकार नहीं करते हैं, यहाँ शरिया कानून चलता है। इन लोगों ने मुझे और पूरे परिवार को पीटा और हमारा सामान भी घर से बाहर फेंक दिया और घर पर ताला लगा दिया।” पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा कि उसके परिवार को परेशान किया जा रहा है और अगर प्रशासन ने आदम सेना के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो वह एसपी आवास के सामने आत्महत्या कर लेगी। हालाँकि रजरप्पा थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे का कहना है। जिस आदम सेना का नाम लिया जा रहा है, वह इस इलाके में कहीं भी सक्रिय नहीं है। न ही इसके खिलाफ ऐसी कोई शिकायत मिली है।

आदम सेना झारखंड में सक्रिय, ये रहे सबूत

जितेंद्र प्रताप सिंह ने एक्स पर इस संगठन से जुड़े डिटेल्स शेयर किए हैं। इसमें एक रील में आदम सेना से जुड़ा जहाँगीर नाम का युवक बोल रहा है, ‘मोहब्बत का बुखार चढ़ा है तो आके हमसे माफी माँग ले, नहीं तो बुखार उतारने में आदम सेना कभी पीछे नहीं हटती।’

इस संगठन से जुड़ी एक फेसबुक आईडी पर डाली गई रील्स पर अगर मस्जिद की हिफाजत करने वाला तालीबानी होता है, तो हाँ मैं हूँ तालीबानी। अगर अपने हक की आवाज उठाने वाला आतंकवादी होता है, तो हाँ मैं हूँ आतंकवादी। मैं फिलिस्तीन की नहीं, बल्कि फिलिस्तीन के हर उस शख्स के साथ खड़ा हूँ, जो मस्जिद-ए-अक्सा के लिए अपनी जान कुर्बान कर रहा है। …ये आखिरी जंग है अक्सा की, अब मिट के रहेंगे….।”

इस संगठन के लोग जमीन पर काफी सक्रिय दिखते हैं। सर्दियों में मदरसों में कंबल बाँटने से लेकर तमाम कार्य आदम सेना कर रही है, ताकि लोगों को अपने साथ जोड़ा जा सके। इस संगठन से जुड़े तमाम पदाधिकारी झारखंड में हैं। इसका राष्ट्रीय अध्यक्ष मजरूल खान है, तो रेयाज खान नाम का आदमी झारखंड प्रदेश संयोजक है। मोहम्मद शाहनवाज इसका झारखंड प्रदेश अध्यक्ष है, जो सैफ खान लोहरदगा जिले का जिलाध्यक्ष।

इरशाद इब्र तहमीद रशादी नाम का युवक आदम सेना नाम लेकर लेकर मुस्लिम लड़कियों को धमका रहा है। उसकी प्रोफाइल पर लिखा है, “अल्लाह करे तुम डेट पर जाओ फलानी और हम आदम सेना अपनी पूरी टीम लेकर पहुँच जाए।”

सोशल मीडिया पर आदम सेना नाम का ये संगठन खूब सक्रिय है। इंस्टाग्राम पर इस संगठन के 19 हजार से ज्यादा फॉलोवर हैं तो जमीन पर भी इसकी सक्रियता दिखती है।

आदम सेना के इंस्टाग्राम अकाउंट का स्क्रीनशॉट

पूर्व मुख्यमंत्री ने उठाया मामला

ये मामला बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी उठाया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, “झारखंड में पुलिस प्रशासन की नाक के नीचे मुस्लिम महिलाओं पर जबरन शरिया कानून थोपने का काम चल रहा है। आदम सेना नामक गिरोह बनाकर कुछ असामाजिक तत्व मुस्लिम महिलाओं को हिन्दुओं से बातचीत नहीं करने का दबाव बनाते हुए घरों में घुसकर छेड़खानी भी कर रहे हैं। याद रहे… झारखंड देश के संविधान से चलेगा, किसी शरिया-शरीयत से नहीं! मुख्यमंत्री @ChampaiSoren जी, वोट बैंक के लालच में आदम सेना जैसे गिरोह को संरक्षण देने की बजाय इनके नापाक मंसूबे को कुचलने का काम करें।”

इन सब बातों को देखने के बाद भी रामगढ़ के रजरप्पा पुलिस थाना प्रभारी के इस दावे कि ‘आदम सेना जैसी कोई ताकत जमीन पर नहीं है और न ही इस तरह की कोई बात सामने आई है’, इस पर कई सवाल खड़े होते हैं। चूँकि पीड़ित खुद कह रही है कि उसे आदम सेना के नाम से धमकाया जा रहा है और शरिया लागू करने की बात की जा रही है, ऐसे में आदम सेना के खिलाफ कार्रवाई न करके सीधे-सीधे पलड़ा झाड़ लेना कहीं न कहीं झारखंड सरकार के साथ ही पुलिस और प्रशासन की मंशा पर भी सवाल खड़े करता है।

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श्रवण शुक्ल
श्रवण शुक्ल
I am Shravan Kumar Shukla, known as ePatrakaar, a multimedia journalist deeply passionate about digital media. I’ve been actively engaged in journalism, working across diverse platforms including agencies, news channels, and print publications. My understanding of social media strengthens my ability to thrive in the digital space. Above all, ground reporting is closest to my heart and remains my preferred way of working. explore ground reporting digital journalism trends more personal tone.

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