Homeदेश-समाजयोग-वेदांत पढ़ाने वाले स्वामी तत्वबोधानंद की पीट-पीटकर हत्या, ड्रग्स-शराब का कर रहे थे विरोध

योग-वेदांत पढ़ाने वाले स्वामी तत्वबोधानंद की पीट-पीटकर हत्या, ड्रग्स-शराब का कर रहे थे विरोध

अपार्टमेंट का CCTV कैमरा भी क्षतिग्रस्त पाया गया, इसलिए पुलिस अन्य इमारतों और आसपास के अन्य CCTV कैमरों की फुटेज से हत्यारों की शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है। घटनास्थल से फोरेंसिक नमूने इकट्ठे करने के अतिरिक्त पुलिस ने......

अपने घर के पास शराब और ड्रग्स का विरोध कर रहे पुडुचेरी के जाने-माने योग व गीता गुरु और वेदांत विद्वान स्वामी तत्वबोधानंद की मंगलवार-बुधवार (29 अगस्त, 2019) को अपने ही अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। स्वराज्य पत्रिका में स्थानीय मीडिया के हवाले से छपी खबर के अनुसार रात को हुई हत्या का खुलासा उनकी इमारत (गोकुलम अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स) के सिक्योरिटी गार्ड के सुबह आने पर हुआ। हत्यारों का अब तक कोई पता नहीं चला है। वहीं पुलिस के अनुसार यदि उसे समय पर सूचना मिल गई होती तो हत्यारों को जल्दी दबोचा जा सकता था। मिल रही जानकारी के अनुसार स्वामी तत्वबोधानंद अपने अपार्टमेंट के आस-पास ड्रग्स-शराब का विरोध कर रहे थे। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या में उसी धंधे से जुड़े लोगों का हाथ तो नहीं है।

डर के मारे भागा गार्ड

गार्ड के अनुसार हत्या वाली रात वह अपार्टमेंट से ही जुड़ा कोई काम कर रहा था जब दो संदिग्ध शख्स जबरन घुस आए और उसके साथ गुंडागर्दी और दुर्व्यवहार करने लगे। अपने बयान के मुताबिक गार्ड अपनी जान बचाने के लिए भाग खड़ा हुआ और एक पेट्रोल पम्प में शरण ली। जब वह सुबह लौटा तो अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स के दरवाज़े पर खून के धब्बे थे। अंदर जाकर उसने स्वामी जी की लाश देखी।

CCTV कैमरा क्षतिग्रस्त, पुलिस ने लगाई स्निफर डॉग टीमें

अपार्टमेंट का CCTV कैमरा भी क्षतिग्रस्त पाया गया, इसलिए पुलिस अन्य इमारतों और आसपास के अन्य CCTV कैमरों की फुटेज से हत्यारों की शिनाख्त करने की कोशिश कर रही है। घटनास्थल से फोरेंसिक नमूने इकट्ठे करने के अतिरिक्त पुलिस ने अपने स्निफर डॉग भी इस मामले की जाँच में लगा दिए हैं। हालाँकि, पुलिस ने इस मामले की जाँच के लिए दो टीमें गठित कर दीं हैं, लेकिन उनका कहना है कि अगर हत्या की जानकारी और जल्दी मिल जाती तो हत्यारों को जल्दी गिरफ्तार करना आसान होता।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।
- विज्ञापन -