Thursday, June 4, 2020
होम बड़ी ख़बर कॉन्ग्रेस शासन के अधिकारी RVS मणि ने बयान किया हेमंत करकरे और 'भगवा आतंक'...

कॉन्ग्रेस शासन के अधिकारी RVS मणि ने बयान किया हेमंत करकरे और ‘भगवा आतंक’ के झूठ का सच

अपनी पुस्तक ‘हिंदू टेरर’ में, मणि ने संपूर्ण मिलीभगत का वर्णन किया है और बताया है कि किन-किन खिलाड़ियों ने ‘भगवा आतंक’ की कहानी गढ़ने के लिए मिलीभगत की और कैसे, कई वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेता से लेकर कई अन्य लोग इस साजिश में शामिल थे। जिसका शिकार कर्नल पुरोहित और साध्वी प्रज्ञा जैसे लोग बने।

ये भी पढ़ें

रवि अग्रहरि
तबियत से मस्त-मौला, तरबियत से बनारसी हूँ, बस यूँ समझिए कि ज़िन्दगी के नाटक का अहम किरदार हूँ मैं.... राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी परम्परा का विशेषज्ञ नहीं....

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को ‘भगवा आतंक’ के एक भयावह सिद्धांत को मूर्त रूप देने के लिए कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा मकोका के तहत जेल में बंद, प्रताड़ित और भयंकर रूप से तोड़ देने के लिए निर्ममता की सारी हदें पार करते हुए टॉर्चर किया गया था। उनके ऊपर की गई बर्बरता की कहानी वह कई बार सुना चुकी हैं। फिलहाल, वह औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल होकर दिग्विजय सिंह के खिलाफ मध्य प्रदेश के भोपाल से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। दिग्विजय सिंह, वह शख़्स हैं जो ‘भगवा आतंक’ सिद्धांत के प्रमुख प्रस्तावक हैं। जबकि ऐसा उन्होंने बिना किसी अधिकृत पोस्ट पर रहते हुए किया था। इससे पता चलता है कि कॉन्ग्रेस का हाथ विनाश और देश की मूल आत्मा को खोखला करने की हर लीला के पीछे कितनी गहराई से शामिल रहा है। इतिहास को जितना कुरेदा जाएगा कॉन्ग्रेस का उतना ही वीभत्स चेहरा सामने आएगा।

अब जबकि साध्वी प्रज्ञा की उम्मीदवारी और राजनीति में उनके कदमों ने कॉन्ग्रेस ही नहीं बल्कि दिग्विजय सिंह की भी नीदें उड़ा चुकी है। इस बात को और बल तब मिला जब भोपाल में बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “हम भोपाल से यह चुनाव हिन्दू धर्म को आतंकवाद से जोड़कर उसे अपमानित करने की कॉन्ग्रेसी साजिश के खिलाफ लड़ रहे हैं और दिग्विजय सिंह इस साजिश का चेहरा हैं।”

साध्वी प्रज्ञा की उम्मीदवारी की घोषणा के साथ ही कुछ मीडिया गिरोह के ‘तटस्थ’ टिप्पणीकार उन पर नफरत की बारिश करने के लिए लकड़बग्घे के रूप में बाहर आ चुके हैं, जिन्हे सिर्फ आतंकियों, मुसलमानों के मानवाधिकार दिखते हैं, हिन्दुओं के नहीं। इन्हें बर्बर आतंकियों में स्कूल मास्टर का मासूम बेटा नज़र आ जाएगा लेकिन एक साध्वी महिला में इस गिरोह को बिना एक भी सबूत के दुर्दांत आतंकी दिखने लगता है और उसके नाम की आड़ में ये पूरे हिन्दू और सन्यासी समाज को ही ‘भगवा आतंक’ का नाम दे देंगे लेकिन आज तक ये ‘मुस्लिम आतंक/आतंकी’ कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाए हैं। वहाँ इन्हें भटके हुए नौजवान दिखते हैं जिनका कोई मज़हब नहीं है।

साध्वी प्रज्ञा ने अपने एक बयान में उस पुलिस अधिकारी हेमंत करकरे को दोषी ठहराया, जो ‘भगवा आतंकी’ कथा को गढ़ने और आगे बढ़ाने और उन पर झूठे आरोप मढ़कर अवैध रूप से कैद में रखने की साजिश का सूत्रधार था। जो 26/11 के मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान मारा गया था। उन्होंने कहा कि जब करकरे को जाँच एजेंसी में किसी ने कहा था कि साध्वी को बिना सबूत के नहीं रखा जाना चाहिए और इस प्रकार उनको टॉर्चर करना और उनकी नजरबंदी गैरकानूनी है, तो करकरे ने कहा कि उसे कहीं से भी सबूत जुगाड़ना पड़े या भले ही उसे गढ़ना पड़े, साध्वी प्रज्ञा को जेल में रखने के लिए, वो किसी भी हद तक जाएगा। अपने इसी बयान में साध्वी प्रज्ञा ने यह भी कहा कि करकरे को मार दिया गया क्योंकि उन्होंने उसे शाप दिया था।

शाप देने की बात पर मीडिया के तमाम गिरोहों ने साध्वी प्रज्ञा के बयान पर नाराजगी जाहिर की है। क्योंकि अब उन्हें हेमंत में सिर्फ एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी नज़र आ रहा है। उसकी तमाम कारस्तानियाँ भुला दी गई हैं।

हालाँकि, बीजेपी ने भी प्रज्ञा ठाकुर के हेमंत करकरे की मृत्यु वाले बयान से दूरी बना ली है। बीजेपी ने उसे उनकी निजी राय कहा है। बीजेपी ने कहा है कि वह हेमंत करकरे को हुतात्मा मानती है। दूसरी तरफ साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भी अपना बयान वापस ले लिया है और इसके लिए माफी माँगते हुए कहा है कि यह उनका व्यक्तिगत दर्द है।

अब जब इतना कुछ सामने है तो इन मीडिया गिरोहों के छद्म आक्रोश से परे, किसी को यह मूल्यांकन करने की आवश्यकता है कि करकरे के खिलाफ जो आरोप लगाया गया है। उसमें कितनी सच्चाई है। उसके लिए, हम एक अंदरूनी सूत्र पर भरोसा कर सकते हैं। आरवीएस मणि एक पूर्व नौकरशाह हैं जिन्होंने कॉन्ग्रेस के दौर में गृह मंत्रालय में एक अंडर-सेक्रेटरी के रूप में काम किया था। अपनी पुस्तक ‘हिंदू टेरर’ में, मणि ने संपूर्ण मिलीभगत का वर्णन किया है और बताया है कि किन-किन खिलाड़ियों ने ‘भगवा आतंक’ की कहानी गढ़ने के लिए मिलीभगत की और कैसे, कई वरिष्ठ कॉन्ग्रेसी नेता से लेकर कई अन्य लोग इस साजिश में शामिल थे।

हेमंत करकरे के संदर्भ में भी, आरवीएस मणि ने अपनी पुस्तक में कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरवीएस मणि ने अपनी पुस्तक ‘हिंदू टेरर’ में हेमंत करकरे के साथ अपनी पहली मुठभेड़ का भी वर्णन किया है।

आरवीएस मणि नागपुर में आरएसएस मुख्यालय में 2006 बम विस्फोट के बाद हेमंत करकरे के साथ अपनी बैठक के बारे में बात करते हैं। उन्होंने कहा कि वह उस समय आंतरिक सुरक्षा में काम कर रहे थे और उन्हें गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने बुलाया था। जब उन्हें अंदर ले जाया गया, तो उन्होंने शिवराज पाटिल के कक्ष में दिग्विजय सिंह और हेमंत करकरे को देखा। वह लिखते हैं कि हेमंत करकरे और दिग्विजय सिंह उनसे पूछताछ कर रहे थे, जबकि शिवराज पाटिल थोड़े असंबद्ध दिख रहे थे। उन्होंने उनसे विस्फोट के बारे में कई सवाल पूछे। आरवीएस मणि लिखते हैं कि हेमंत करकरे और दिग्विजय सिंह आरवीएस मणि की जानकारी से बहुत खुश नहीं थे कि एक विशेष मज़हबी समूह अधिकांश आतंकवादी हमलों में शामिल था।

वह लिखते हैं कि कमरे में बातचीत से, वे खुश नहीं थे कि खुफिया सूचनाओं के अनुसार, मुसलमान आतंकवादियों का समर्थन कर रहे थे। उनका कहना है कि उनकी बातचीत में नांदेड़, बजरंग दल आदि के बार-बार संदर्भ थे।

वह नांदेड़ विस्फोट के बारे में आगे बात करते हैं और कहते हैं कि यह पहला मामला था जिसमें ’हिंदू आतंक’ शब्द का पहली बार इस्तेमाल किया गया था।

आरवीएस मणि कई सवाल उठाते हैं कि दिग्विजय सिंह और हेमंत करकरे इतने करीब क्यों थे? जैसा कि दिग्विजय सिंह ने खुद भी दावा किया था। इनकी करीबी खुद ही कई सवाल खड़े करती है।

आरवीएस मणि लिखते हैं, “यह याद रखना दिलचस्प हो सकता है कि दिग्विजय सिंह ने एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया था कि वह उस समय के एक पुलिस अधिकारी के साथ व्यक्तिगत संपर्क में थे, जो उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री के कमरे में थे और जिन्हे नांदेड़ हमले की जानकारी थी। जिससे दिग्विजय सिंह ने कुछ विशेष सूचनाएँ हासिल करने का दावा भी किया था। सिंह ने मीडिया में इस पुलिस अधिकारी का निजी मोबाइल नंबर भी जारी कर दिया था। यह उस समय के मीडिया रिपोर्टों से सत्यापित किया जा सकता है।”

वे आगे लिखते हैं, “जो पेचीदा था, जिसे मीडिया में से किसी ने भी उस समय या फिर बाद में नहीं पूछा था कि एक राजनीतिक नेता और पड़ोसी राज्य कैडर के आईपीएस अधिकारी के बीच क्या संबंध था? दरअसल, एक राज्य का मुख्यमंत्री रहने के बाद, सिंह को अपने राज्य के कई पुलिस अधिकारी जानते होंगे। लेकिन पड़ोसी राज्य के एक सेवारत IPS अधिकारी के साथ इतना दोस्ताना व्यवहार?, एक ऐसी बात है जिसका जवाब दिया जाना चाहिए। बिना किसी विशेष मकसद के एक आईपीएस अधिकारी एक पड़ोसी राज्य के राजनेता के साथ क्या कर रहा था?

ऑल इंडिया सर्विसेज (एआईएस) आचरण नियम स्पष्ट रूप से अधिकारियों के कार्यों के निर्वहन को छोड़कर अन्य किसी साजिश या विशेष मक़सद के तहत राजनीतिक नेताओं के साथ अखिल भारतीय सेवा कर्मियों का इस तरह का व्यवहार नियमों का उल्लंघन हैं।

आरवीएस मणि अपनी पुस्तक में लिखते हैं कि इसके तुरंत बाद का घटनाक्रम यह था कि “हिंदू आतंक” रिकॉर्ड में आ गया था, जहाँ यह दावा किया गया था कि नांदेड़ के समीर कुलकर्णी कथित रूप से अपनी कार्यशाला में विस्फोटक का भंडारण कर रहे थे, जिसमें 20.4.2006 को विस्फोट हो गया।

पुस्तक के एक अन्य भाग में, आरवीएस मणि कहते हैं कि जब हेमंत करकरे एटीएस प्रमुख थे, तो अहले-ए-हदीथ/हदीस जो मालेगाँव विस्फोट में शामिल थे, इसका सबूत होने के बाद भी उसे एक साइड कर दिया गया था और इस नैरेटिव को पूरी तरह से बदल दिया गया था। मणि कहते हैं कि यह पहली बार था कि हिंदू संगठनों की भागीदारी की रिपोर्ट मुंबई एटीएस से गृह मंत्रालय को भेजी गई थी और साध्वी प्रज्ञा को मुख्य आरोपी बनाया गया था। वह कहते हैं कि उन्हें पता नहीं है कि मोटरसाइकिल, जो एटीएस के अनुसार प्रमुख साक्ष्य था (जिसकी बाद में व्याख्या हुई कि साध्वी प्रज्ञा द्वारा बेच दी गई थी) को प्लांट किया गया था या नहीं, लेकिन एटीएस द्वारा लगाए गए समय ने कई सवाल खड़े कर दिए थे। उनका कहना है कि मुंबई धमाकों के दौरान एटीएस को गिरफ्तारी करने में 5 महीने से अधिक का समय लगा जबकि मालेगाँव मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित की गिरफ्तारी में केवल 35 दिन लगे।

आपको बता दें, हालाँकि बाद में मीडिया द्वारा यह रिपोर्ट भी किया गया था कि एनआईए इस नतीजे पर पहुँची थी कि कर्नल पुरोहित को फँसाने के लिए महाराष्ट्र एटीएस द्वारा आरडीएक्स लगाया गया था।

यह वास्तव में एक तथ्य है कि हेमंत करकरे मुंबई हमलों के दौरान अनुकरणीय साहस दिखाते हुए बलिदान हो गए। यह भी उतना ही सच है कि कई सवाल न केवल अंदरूनी सूत्र आरवीएस मणि और पीड़िता साध्वी प्रज्ञा द्वारा उठाए गए, बल्कि कई अन्य लोगों ने भी आईपीएस अधिकारी हेमंत करकरे के आचरण और उनकी कॉन्ग्रेसी नेताओं से मिलीभगत के बारे में और खासतौर से ‘भगवा आतंक’ का झूठ गढ़ने के लिए उठाए हैं।

सच्चाई शायद बीच में कहीं है। जो भी हो एक दिन ज़रूर सामने आएगा। साध्वी प्रज्ञा को मकोका के तहत आरोपों से बरी कर दिया गया है। कुछ और आरोपों में भी बरी हो चुकीं हैं। फ़र्ज़ी सबूतों के आधार पर आखिर किसी को कब तक फँसाया जा सकता है। एक न एक दिन न्याय की विजय होगी। लेकिन आज भी अधिकांश मामलों में बरी होने के बाद भी मीडिया गिरोहों के स्वघोषित जज उन्हें आरोपित और अपराधी साबित करने में दिन-रात एक किए हुए हैं आखिर इन्हे नमक का क़र्ज़ जो अदा करना है। खैर, साध्वी प्रज्ञा की आवाज़ को चुप कराने की कोशिश करने वाले, इन तमाम मीडिया गिरोहों से कोई भी उम्मीद करना भी बेमानी है। ये खुद ही वकील हैं और जज भी, फैसला अगर इनके अजेंडे के हिसाब का न हो तो ये स्वायत्त संवैधानिक संस्थाओं को भी बदनाम करने से पीछे नहीं हटते।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

रवि अग्रहरि
तबियत से मस्त-मौला, तरबियत से बनारसी हूँ, बस यूँ समझिए कि ज़िन्दगी के नाटक का अहम किरदार हूँ मैं.... राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी परम्परा का विशेषज्ञ नहीं....

ख़ास ख़बरें

जिहाद उनका, नेटवर्क उनका, शिकार आप और नसीहतें भी आपको ही…

आप खतरे से घिरे हैं। फिर भी शुतुरमुर्ग की तरह जमीन में सिर गाड़े बैठे हैं। जरूरी है कि ​जमीन से सिर निकालिए, क्योंकि वक्त इंतजार नहीं करेगा।

‘अगर मजदूरों को पैसा देंगे तो उनकी आदत खराब हो जाएगी, सरकार के लोगों ने कहा’ – एक लाइन में राहुल के 2 झूठ

1) सरकार ने श्रमिकों को पैसे नहीं दिए 2) 'सरकार के लोगों ने' उन्हें इस बारे में स्पष्टीकरण दिया। राहुल गाँधी खुद के जाल में फँस कर...

फैक्ट चेक: स्क्रॉल ने 65 लाख टन अनाज बर्बाद होने का फैलाया फेक न्यूज़, PIB ने खोली झूठ की पोल

वामपंथी वेबसाइट द स्क्रॉल ने एक बार फिर से इसी ट्रैक पर चलते हुए जनवरी से मई 2020 तक 65 लाख टन अनाज बर्बाद होने का झूठ फैलाया। प्रोपेगेंडा पोर्टल की रिपोर्ट में परोसे गए झूठ की पोल खुद पीआईबी ने फैक्टचेक कर खोली है।

पूजा भट्ट ने 70% मुस्लिमों की आबादी के बीच गणेश को पूजने वालों को गर्भवती हथनी की हत्या का जिम्मेदार बताया है

पूजा भट्ट का मानना है कि 70% मुस्लिम आबादी वाले केरल के मल्लपुरम में इस हत्या के लिए गणेश को पूजने वाले लोग जिम्मेदार हैं।

वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन ने ‘किट्टी पार्टी जर्नलिस्ट’ सबा नकवी के झूठ, घृणा, फेक न्यूज़ को किया बेनकाब, देखें Video

आनंद रंगनाथन ने सबा नकवी पर कटाक्ष करते हुए कहा, "यह ऐसी पत्रकार हैं, जो हर रात अपनी खूबसूरत ऊँगलियों से पत्रकारिता के आदर्शों को नोंचती-खरोंचती हैं।"

मरकज और देवबंद के संपर्क में था दिल्ली दंगे का मुख्य आरोपित फैजल फारुख, फोन रिकॉर्ड से हुआ खुलासा

दायर चार्जशीट में फैजल फारुख को एक मुख्य साजिशकर्ता के रूप चिन्हित करते हुए कहा गया कि जब पूर्वोत्तर दिल्ली में दंगे हो रहे थे, उस समय वो तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद के करीबी अब्दुल अलीम के संपर्क में था।

प्रचलित ख़बरें

पूजा भट्ट ने 70% मुस्लिमों की आबादी के बीच गणेश को पूजने वालों को गर्भवती हथनी की हत्या का जिम्मेदार बताया है

पूजा भट्ट का मानना है कि 70% मुस्लिम आबादी वाले केरल के मल्लपुरम में इस हत्या के लिए गणेश को पूजने वाले लोग जिम्मेदार हैं।

हलाल का चक्रव्यूह: हर प्रोडक्ट पर 2 रुपए 8 पैसे का गणित* और आतंकवाद को पालती अर्थव्यवस्था

PM CARES Fund में कितना पैसा गया, ये सबको जानना है, लेकिन हलाल समितियाँ सर्टिफिकेशन के नाम पर जो पैसा लेती हैं, उस पर कोई पूछेगा?

अमेरिका: दंगों के दौरान ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ के नारे, महिला प्रदर्शनकारी ने कपड़े उतारे: Video अपनी ‘श्रद्धा’ से देखें

अमेरिका में जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या के बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शन हिंसा, दंगा, आगजनी, लूटपाट में तब्दील हो चुका है।

नवाजुद्दीन सिद्दीकी की भतीजी ने चाचा पर लगाया यौन उत्‍पीड़न का आरोप, कहा- बड़े पापा ने भी मेरी कभी नहीं सुनी

"चाचा हैं, वे ऐसा नहीं कर सकते।" - नवाजुद्दीन ने अपनी भतीजी की व्यथा सुनने के बाद सिर्फ इतना ही नहीं कहा बल्कि पीड़िता की माँ के बारे में...

देश विरोधी इस्लामी संगठन PFI को BMC ने दी बड़ी जिम्मेदारी, फडणवीस ने CM उद्धव से पूछा- क्या आप सहमत हो?

अगर किसी मुसलमान मरीज की कोरोना की वजह से मौत होती है तो अस्पताल PFI के उन पदाधिकारियों से संपर्क करेंगे, जिनकी सूची BMC ने जारी की है।

गर्भवती हथिनी को धोखे से खिलाए पटाखे, नदी में खड़े-खड़े हो गई मौत: पीड़ा के बावजूद किसी को नहीं पहुँचाया नुकसान

एक गर्भवती मादा हाथी को धोखे से अनानास में पटाखे रख कर खिला दिया गया। पटाखा मुँह में फट गया। अत्यंत पीड़ा के कारण वो...

महात्मा गाँधी की प्रतिमा को दंगाइयों ने किया खंडित: भारतीय दूतावास के समाने हुई घटना, जाँच में जुटी पुलिस

भारतीय दूतावास के बाहर महात्‍मा गाँधी की प्रतिमा को कुछ दंगाई लोगों द्वारा क्षति पहुँचाई गई। यूनाइटेड स्टेट्स पार्क पुलिस ने जाँच शुरू कर...

‘सीता माता पर अपशब्द… शिकायत करने पर RSS कार्यकर्ता राजेश फूलमाली की हत्या’ – अनुसूचित जाति आयोग से न्याय की अपील

RSS कार्यकर्ता राजेश फूलमाली की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर आवाज उठनी शुरू हो गई। बकरी विवाद के बाद अब सीता माता को लेकर...

जिहाद उनका, नेटवर्क उनका, शिकार आप और नसीहतें भी आपको ही…

आप खतरे से घिरे हैं। फिर भी शुतुरमुर्ग की तरह जमीन में सिर गाड़े बैठे हैं। जरूरी है कि ​जमीन से सिर निकालिए, क्योंकि वक्त इंतजार नहीं करेगा।

‘अगर मजदूरों को पैसा देंगे तो उनकी आदत खराब हो जाएगी, सरकार के लोगों ने कहा’ – एक लाइन में राहुल के 2 झूठ

1) सरकार ने श्रमिकों को पैसे नहीं दिए 2) 'सरकार के लोगों ने' उन्हें इस बारे में स्पष्टीकरण दिया। राहुल गाँधी खुद के जाल में फँस कर...

Covid-19: भारत में कोरोना पर जीत हासिल करने वालों की संख्या 1 लाख के पार, रिकवरी रेट 48.31 फीसदी

देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 8,909 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद कुल संक्रमितों की संख्या 2,07,615 हो गई। वहीं 217 लोगों की मौत के बाद मृतकों का आँकड़ा बढ़कर 5,815 हो गया है।

कोलकाता पोर्ट का नाम श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर होने से आहत मृणाल पांडे ने कहा- पोर्ट का मतलब बन्दर होता है

प्रसार भारती की भूतपूर्व अध्यक्ष और पत्रकार मृणाल पांडे ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी का नाम 'बंदर' से भी जोड़ दिया है। उनका कहना है कि गुजराती में पोर्ट को बन्दर कहते हैं।

J&K: अनंतनाग में आदिल मकबूल वानी के घर से मिले 24 किलोग्राम अवैध विस्फोटक, 4 गिरफ्तार

एक विश्वसनीय इनपुट के आधार पर अनंतनाग पुलिस ने नानिल निवासी आदिल मकबूल वानी के घर पर छापा मारा और 24 किलोग्राम अवैध विस्फोटक सामग्री बरामद की जिसे पॉलीथीन बैग में पैक करके नायलॉन बैग में छुपाया गया था।

फैक्ट चेक: स्क्रॉल ने 65 लाख टन अनाज बर्बाद होने का फैलाया फेक न्यूज़, PIB ने खोली झूठ की पोल

वामपंथी वेबसाइट द स्क्रॉल ने एक बार फिर से इसी ट्रैक पर चलते हुए जनवरी से मई 2020 तक 65 लाख टन अनाज बर्बाद होने का झूठ फैलाया। प्रोपेगेंडा पोर्टल की रिपोर्ट में परोसे गए झूठ की पोल खुद पीआईबी ने फैक्टचेक कर खोली है।

पूजा भट्ट ने 70% मुस्लिमों की आबादी के बीच गणेश को पूजने वालों को गर्भवती हथनी की हत्या का जिम्मेदार बताया है

पूजा भट्ट का मानना है कि 70% मुस्लिम आबादी वाले केरल के मल्लपुरम में इस हत्या के लिए गणेश को पूजने वाले लोग जिम्मेदार हैं।

ISIS समर्थकों ने अमेरिका में हिंसक दंगों पर जताई खुशी, कहा- मुस्लिमों के साथ किए बर्ताव की सजा दे रहा अल्लाह

ISIS के एक समर्थक ने अमेरिका में हिंसा की तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, "हे अल्लाह, उन्हें ऐसे जलाओ जैसे उन्होंने मुसलमानों की ज़मीन को जलाया।"

हमसे जुड़ें

211,688FansLike
61,327FollowersFollow
245,000SubscribersSubscribe