Saturday, March 28, 2026
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अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति, देश बनेगा विकसित: जानिए भारत-अमेरिका ट्रेड डील से क्या होंगे सकारात्मक परिवर्तन, कैसे विपक्ष के मुँह पर है ये तमाचा

अमेरिका द्वारा 18% तक टैरिफ घटाने से भारत पर होने वाले सकारात्मक प्रभावों की बहुत लम्बी सूची है। इससे भारत के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। भारत में इस तरह के निर्णय की बेहद आवश्यकता थी।

भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील में डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ 50% से घटाकर 18% कर दिया। यद्यपि टैरिफ में यह कमी अस्थायी है, तथापि यह ट्रेड डील भारत को एक नई राह पर लेकर जायेगी। जिससे भारत आर्थिक चुनौतियां एवं संकट धीरे-धीरे समाप्त होती चली जायेंगी। यह टैरिफ छूट भारत को व्यापारिक गतिविधियों में सकारात्मक दिशा की ओर ले जायेगी। भारत वर्तमान में दुनिया की एक बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसमें अपार संभावनाएँ हैं। जहाँ बहुत बड़ी आबादी प्रौढ़ है और श्रम केंद्रित है।

उनके श्रम से भारत की अर्थव्यवस्था गति पकड़ेगी। अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील भारत को विकसित देश बनाने के क्रम में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस तरह के बड़े निर्णय भारत को 2047 से पहले ही विकसित भारत के सपने को साकार रूप प्रदान कर सकते हैं।

दरअसल टैरिफ अंतराष्ट्रीय व्यापार में लगने वाला कर है। इसे निर्यात कर भी कहते हैं। अभी कुछ महीने पहले ट्रंप के टैरिफ बढाये जाने पर विपक्षी नेता यह कहते हुए नहीं थक रहे थे कि भारतीय अर्थव्यवस्था दम तोड़ चुकी है। परंतु प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें किसी प्रकार कहीं कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और आज जिस रूप में सभी को प्रतिक्रिया मिली है, उससे विपक्ष को दाँतो तले चने चबाने पड़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने धैर्य पूर्वक काम करते हुए अपने विपक्षियों को जवाब दिया है और यह बताया कि वैचारिक असहमति तो चलती रहेंगी, राष्ट्रहित पहले है। आज पूरी दुनिया भारतीय राजनीति के शिखर पुरुष माननीय मोदी जी की कूटनीति की प्रशसंक हैं।

विपक्ष यह आरोप लगाता रहता है कि मोदी काल में अर्थव्यवस्था दर घट रही है, लेकिन सच्चाई इसके विपरीत है। सभी राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय आँकड़े यह बता रहे हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था दर लगातार वृद्धि कर रही है। कई संस्थाओं की रिपोर्ट आप देखेंगे तो स्वत: आपको यह ज्ञात होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था किस रूप से आगे की ओर अग्रसर है।

इंडियन इकोनॉमी की फिटनेस रिपोर्ट

वर्ष        WB GDP       IMF GDADB GDP
20147.4%         7.4%7.4%
2020 -6.6%       -6.6%-6.6%
2025  6.3%     6.5%  7.2%
2026  6.6%      6.5%  6. 7%

भारत की GDP विकास दर पर जिस भी रूप में विपक्षी दल प्रश्न चिन्ह लगा रहे थे, यह टैरिफ छूट उन्हें करारा जवाब देता है। भारतीय अर्थव्यवस्था निरंतर प्रगतिशील है लेकिन विपक्ष केवल आलोचना करने के लिए सकारत्मक प्रयास को नकारात्मक दृष्टि के अनुरूप देखता है और उसमें कमियाँ खोजने का असफल प्रयास करता है।

व्यापार समझौते के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक्स पर एक पोस्ट किया, “आज सुबह भारत के प्रधानमंत्री मोदी से बात करके मुझे बहुत सम्मान महसूस हुआ। वह मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं, और अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं। हमने कई बातों पर बात की, जिसमें व्यापार और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को खत्म करना शामिल है। वह रूसी तेल खरीदना बंद करने और संयुक्त राज्य अमेरिका और वेनेजुएला से बहुत ज्यादा खरीदने पर सहमत हुए। इससे यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने में मदद मिलेगी, जिसमें हर हफ्ते हजारों लोग मर रहे हैं।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के प्रति दोस्ती और सम्मान के कारण और उनके अनुरोध पर, तुरंत प्रभाव से, हम संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए, जिसके तहत संयुक्त राज्य अमेरिका एक कम पारस्परिक टैरिफ लगाएगा, इसे 25% से घटाकर 18% कर देगा। वे भी इसी तरह संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को घटाकर शून्य कर देंगे।”

उन्होंने आगे लिखा, “प्रधानमंत्री ने 500 बिलियन डॉलर से ज्यादा अमेरिकी ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, कृषि, कोयला और कई अन्य उत्पादों के अलावा, बहुत ज़्यादा स्तर पर “बाय अमेरिकन” के लिए भी प्रतिबद्धता जताई। भारत के साथ हमारे अद्भुत संबंध आगे और भी मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा करते हैं, जो ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!“

प्रस्तुत संदेश भारत और अमेरिका के प्रगाढ़ संबंध की भी व्याख्या करता है। यह संदेश यह भी बताता है कि भारत की विश्व में क्या स्थिति है। भारत का नेतृत्व अन्य देशों के मुकाबले कितना श्रेष्ठ है, इसकी भी पुष्टि इस संदेश के माध्यम से होती है। विपक्षी दल मोदी और ट्रंप की दोस्ती पर भी सवाल उठा रहे थे, यह संदेश उन्हें जवाब भी देता दिखाई देरा है।

अमेरिका द्वारा 18% तक टैरिफ घटाने से भारत पर होने वाले सकारात्मक प्रभावों की बहुत लम्बी सूची है। इससे भारत के सभी क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। भारत में इस तरह के निर्णय की बेहद आवश्यकता थी। भारत में विनिमार्ण कार्य होने से लोगो को रोजगार उपलब्ध होगा। जिससे प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगी।

टैरिफ के आने से भारतीय निर्यात सस्ता होगा, कम टैरिफ से भारतीय सामान अमेरिका में सस्ते दाम पर बिक पाएँगे। निर्यात में वृद्धि, टेक्सटाइल, गारमेंट्स, ज्वेलरी, लेदर और इंजीनियरिंग गुड्स का निर्यात बढ़ेगा। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। निर्यात आधारित उद्योगों में उत्पादन बढ़ने से नौकरियाँ बढ़ेंगी। भारत में उत्पादन की मात्रा में बढ़ोतरी होगी।

प्रस्तुत टैरिफ छूट से वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारत को चीन, वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों पर प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा। उद्योग के स्तर पर भी भारत में बडे़ परिवर्तन देखने को मिलेंगे। पश्चिम एक बाजार के रूप में भारत को दिखाई देगा। भारत में उद्योगों में भी वृद्धि देखने को मिलेगा।

पहले ऊँचे टैरिफ से प्रभावित MSME और निर्यातक कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी। इस बहुमुखी परिवर्तन से भारत एक विकसित अर्थव्यवस्था बनने की ओर और तेजी से बढ़ेगा। आर्थिक विकास को  निर्यात और उत्पादन बढ़ने से GDP विकास दर को सकारात्मक समर्थन मिलेगा।

भारत–अमेरिका व्यापार संबंध में भी मजबूती देखने को मिलेगी। व्यापार के माध्यम से अमेरिका और भारत का एक दूसरे के सहयोग से यह संबंध और भी प्रगाढ़ हो सकता है, क्योंकि अन्य देशों को यह लाभ नहीं मिल सकेगा। अमेरिका ने यह केवल भारत के लिए किया है।

यह टैरिफ छूट देश के भीतर बैठे मोदी सरकार की आलोचन करने वाले विपक्षी समूह के मुंह पर तमाचा है। उन्हें प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कुशल नेतृत्व की झांकी प्रदान की है, जिसमें वह अर्थव्यवस्था के स्तर पर विकास कर रहे भारत की नई तस्वीर देख सकते हैं।

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मनीष मिश्रा
मनीष मिश्रा
नेशनल कमिश्नर, भारत स्काउट एवं गाइड

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