Thursday, October 22, 2020
Home बड़ी ख़बर एतना देर हो गया, सबूत नहीं माँगोगे ASAT से सेटेलाइट मार गिराने का?

एतना देर हो गया, सबूत नहीं माँगोगे ASAT से सेटेलाइट मार गिराने का?

ममता इस बात पर चुनाव आयोग जाने की धमकी देती हैं, गुप्ता जी इसे डाउनप्ले करते हैं जैसे उनके लौंडे ने बीयर की बोतल में बीस रुपए का रॉकेट रखकर आग लगाई हो, राहुल गाँधी को इसमें थिएटर डे की याद आती है, और कॉन्ग्रेस को याद आता है कि नेहरू जी तो इसरो में ही बीड़ी पीने जाया करते थे।

देश की घास से लेकर भारत के अंतरिक्ष और आकाश तक में विचरते बिगबैंग से निकले पार्टिकल तक, हर चीज नेहरू, इंदिरा या राजीव गाँधी की ही देन हैं, ऐसा कॉन्ग्रेस पार्टी मानती आई है। हाल ही में, अपने समय में मुंबई हमलों के बाद एयर स्ट्राइक करने के वैश्विक डर से झुकने की नीति अपनाने वाले कॉन्ग्रेस ने बालाकोट स्ट्राइक का क्रेडिट मोदी को देने से इनकार कर दिया था। उनके अनुसार वो तो एयर फ़ोर्स ने किया।

उसी तर्ज़ पर इसरो जैसे संस्थानों की हर उपलब्धि पर ये लोग तुरंत ये बताने लगते हैं कि नेहरू जी इसरो के कैम्पस में करनी से सीमेंट को बराबर किया करते थे। वैज्ञानिक कुछ करें तो तुरंत बताते हैं कि वो जिस बिल्डिंग में काम करते हैं वो कॉन्ग्रेस काल में बनी थी। उसी तर्ज़ पर आज जब डीआरडीओ द्वारा विकसित स्वदेशी तकनीक से लैस एंटी सैटेलाइट मिसाइल (ASAT) ने धरती से 300 किमी ऊपर एक सक्रिय उपग्रह को तीन मिनट में मार गिराया, तो कॉन्ग्रेस ने नेहरू और इंदिरा को इसका श्रेय दिया।

इनकी बातों का विरोधाभास देखिए कि इनके अनुसार ये काम वैज्ञानिकों ने किया, तो वो बधाई के पात्र हैं। अगर ऐसा है तो फिर नेहरू ने कौन-सी मिसाइल तकनीक विकसित की थी? या, इंदिरा गाँधी ने कब इसरो जाकर कंट्रोल रूम सँभाला था? वैसे भी, मोदी ने तो कहीं भी, एक भी बार, यह नहीं कहा कि इस उपलब्धि के लिए वो अपने कैबिनेट, पार्टी और गठबंधन को बधाई देते हैं।

जब मोदी ने इसरो को बधाई दी, देश के हर नागरिक को शुभकामनाएँ दी, तो फिर इसमें राहुल गाँधी का ‘वर्ल्ड थिएटर डे’ कहना कहाँ तक उचित है? ये बात सबको पता है कि राहुल गाँधी के वश की बात नहीं है दिनों की ऐतिहासिकता या प्रासंगिकता को याद रखना। उनकी एक टीम होगी जो उनके नाम से यह सारी बातें लिखती है, और वो ख़बर बनती है। फिर भी, जब नाम उनका है, और पार्टी उसे डिफ़ेंड करती है, तो फिर उन्हें ये बताना चाहिए कि उनकी समस्या क्या है। क्योंकि, समस्या बता देंगे तो फिर आयुष्मान योजना में कुछ व्यवस्था की जा सकेगी।

राहुल गाँधी या कॉन्ग्रेस पार्टी हर दूसरे दिन मोदी और भाजपा से पिट रही है। उनके पास ‘रिडिक्यूल’ के अलावा और कुछ नहीं बचा। उनकी पार्टी स्वघोषित रूप से भारतीय राष्ट्र मीम्स आयोग बन कर नाम कमा रहा है। उनके पार्टी के प्रवक्ता ये नहीं सोच पा रहे कि अध्यक्ष ने जो बात कह दी है, उसमें से गणित कहाँ है, और उसे कैसे जस्टिफाय किया जाए। 

इसलिए, जिन्हें यह समझ में नहीं आ रहा कि सेटैलाइट सूट करना कितनी बड़ी उपलब्धि है, वो आज की लीडरशिप को तो इसका क्रेडिट नहीं दे रहे, लेकिन अपनी दादी और उनके पिता को ज़रूर सामने ला रहे हैं। अब यही कहना बचा है कॉन्ग्रेस के लिए कि नेहरू के प्रधानमंत्रीत्व में ही भारतीय परिवारों में बच्चे हुए, अतः उनकी तमाम उपलब्धियाँ बाय डिफ़ॉल्ट नेहरू जी की हैं। 

जबकि, नेहरू की एक उपलब्धि राहुल गाँधी भी हैं। इससे राहुल गाँधी भी इनकार नहीं कर सकते। इससे सोनिया गाँधी भी इनकार नहीं कर सकती। इससे कॉन्ग्रेस प्रवक्ता से लेकर कोई भी समर्थक भाग नहीं सकता।

राहुल गाँधी ने ऐसे हर मौक़े पर देश की तमाम संस्थाओं का अपमान किया है। सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत माँगते रहे, एयर स्ट्राइक पर सबूत माँगते रहे और अब इस तकनीक का भी सबूत वो शायद एक-दो दिन में माँग ही लेंगे। यही पैटर्न है उनका और तमाम महागठबंधन की पार्टियों का। पहले दिन वो संस्था को बधाई देते हैं, लेकिन ज्योंहि उन्हें पता चलता है कि ‘अरे, अभी तो मोदी ही पीएम है’, वो फ़टाक से सबूत माँगने लगते हैं सबूत। इनके कहने का तरीक़ा भले ही अलग हो, मूल में बात वही होती है कि सरकार जो उपलब्धि गिना रही है, उसे वो मानने को तैयार नहीं है।

उसके बाद एक गिरोह सक्रिय हो जाता है। राहुल गाँधी और कॉन्ग्रेस की नौटंकी के साथ ही ममता बैनर्जी टाइप के लोग बेकार की बातें कहने लगे हैं। इनका स्क्रिप्ट भी एक ही रहता है: ये चुनावों के समय हुआ है, इसका पोलिटिकल मायलेज लिया जा रहा है। इनका तर्क इतना वाहियात है कि इन सबकी सामूहिक मानसिक क्षमता पर आप आँख मूँदकर सवाल उठा सकते हैं।

कहना है कि ये काम तो वैज्ञानिकों का है, उन्हें आकर यह बताना था। सही बात है। फिर सरकार करती क्या है आखिर? सड़क मज़दूर और इंजीनियरों के सहयोग से बनता है, फ़ीता ममता जी काटती हैं। पुलिस अपराधियों को पकड़ती है, ममता जी कहती हैं कि उनकी सरकार कानून व्यवस्था पर… सॉरी, वो ऐसा नहीं कहतीं क्योंकि बंगाल में कानून व्यवस्था नाम की चीज है ही नहीं।

मेरे कहने का मतलब यह है कि सेना कुछ करे तो सैनिक प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर लें, सड़क बने तो इंजीनियर, पुलवामा हमला हो तो सीआरपीएफ़ बयान दे दे, गंगा साफ हो तो उसमें काम करने वाले लोग बताएँ। सरकार कुछ न करे, क्योंकि सरकारों का इसमें रोल है ही क्या? अंततः, ममता जी के लॉजिक से चलेंगे तो आप कन्विन्स हो जाएँगे कि चुनावों की क्या ज़रूरत है, जबकि हर काम तो अंत में मज़दूर, इंजीनियर, शिक्षक, डॉक्टर या सैनिक कर रहा होता है!

इसमें सवाल उठाने वाले और टेढ़ा बोलने वालों की कमी नहीं है। मिलिट्री कू की फर्जी स्टोरी से अपनी समझदारी साबित कर चुके शेखर गुप्ता के लिए ये कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। गुप्ता जी को लिखने या सेंसिबल बातें कहने की कोशिश से संन्यास ले लेना चाहिए। मुझे नहीं लगता कि इस उम्र में उनका दिमाग ठीक से काम कर रहा है क्योंकि किसी देश के पास सैटेलाइट को मार गिराने की क्षमता आ जाना उन्हें एक एयर स्ट्राइक जैसी आम ख़बर लगती है। 

बात यह भी है कि अब ये लोग इस तकनीक को नीचा तो दिखा नहीं सकते क्योंकि इसमें वैज्ञानिक और इसरो जैसी संस्था का नाम जुड़ा है। फिर बचता यही है कि इसे पोलिटिकल डेस्पेरेशन कह दिया जाए। जबकि ऐसा ट्वीट करने के बाद पिन करके टॉप में लगाए रखना बताता है कि आप कितने डेल्यूजनल हैं इस ट्वीट में कही बातों को लेकर। 

ये शेखर गुप्ता जैसों का डेस्पेरेशन है कि हम हैं एडिटर, हमको करना पड़ेगा टाइप, उसमें कुछ ज्ञान देने जैसे शब्द होने चाहिए, और फिर कुछ भी लिख दिया जाता है जिसका तर्क से कोई लेना-देना नहीं होता। ये वही गिरोह है जो शाम होने तक यह कहने ज़रूर आएगा कि भारत में इतने लोग गरीब हैं, और मोदी आकाश में सैटेलाइट उड़ा रहा है।  

कुल मिलाकर बात यह है कि ये लोग मोदी के आर्मर में चिंक नहीं ढूँढ पा रहे। राफेल घोटाला वाला मुद्दा क्रैश कर चुका है। नोटबंदी और जीएसटी के बावजूद इकॉनमी स्वस्थ है, रोजगार लगातार बढ़ें हैं, टैक्स कलेक्शन बढ़ा है, किसान बेहतर स्थिति में है, सड़कें बन रही हैं, गंगा साफ हो रही है, विदेश में भारतीय छवि बेहतर हुई है, पाकिस्तान को उसकी भाषा में लगातार जवाब दिया गया है, अतंरिक्ष में हम नए कीर्तिमान बना रहे हैं। 

और, हर बार की तरह न तो विपक्ष के पास, न ही पत्रकारिता के समुदाय विशेष के पास कुछ भी ढंग का है कहने को। इसलिए ममता इस बात पर चुनाव आयोग जाने की धमकी देती हैं, गुप्ता जी इसे डाउनप्ले करते हैं जैसे उनके लौंडे ने बीयर की बोतल में बीस रुपए का रॉकेट रखकर आग लगाई हो, राहुल गाँधी को इसमें थिएटर डे की याद आती है, और कॉन्ग्रेस को याद आता है कि नेहरू जी तो इसरो में ही बीड़ी पीने जाया करते थे।

इससे मोदी या भाजपा की छवि को दो पैसा फ़र्क़ नहीं पड़ता। इससे फ़र्क़ पड़ता है वैसे लोगों को जो जनता की नज़रों में स्वयं ही कपड़े उतार कर नंगे हो रहे हैं। आम जनता को भले ही मिसाइल की ट्रैजेक्ट्री कैलकुलेट करने न आए लेकिन वो इतना समझता है कि अंतरिक्ष में चल रहे सैटेलाइट का मार गिराना कितनी बड़ी बात है।

विपक्ष और मीडिया में बैठे तथाकथित निष्पक्ष लम्पट पत्रकार मंडली को यह जानना चाहिए कि दौर अख़बारों का नहीं है। दौर वह है जहाँ हाथ में रखे फोन पर, शेखर गुप्ता के ज्ञानपूरित ट्वीट से पहले पाँचवी के बच्चे तक को ASAT का अहमियत समझाने वाले विडियो उपलब्ध हो जाते हैं। दौर वह है जहाँ मोदी की सात मिनट की स्पीच के आधार पर इस तकनीक से जुड़े दस-दस लेख, हर पोर्टल, हर भाषा में उपलब्ध करा रहा है। 

इसलिए, जनता को विवेकहीन मानकर एकतरफ़ा संवाद करने वाले नेताओं, पत्रकारों और छद्मबुद्धिजीवियों को याद रखना चाहिए कि वो चैनल और सोशल मीडिया से भले ही कैम्पेनिंग करते रहें, लेकिन जनता के सामने हर तरह के विकल्प मौजूद हैं। इनके तर्क इनकी बुद्धि की तरह ही खोखले हैं। 

इंतजार कीजिए, कोई मूर्ख नेता और धूर्त पत्रकार जल्द ही यह पूछेगा कि जो सेटैलाइट मार गिराया गया, उसका धुआँ तो आकाश में दिखा ही नहीं, उसके पुर्ज़े तो कहीं गिरे होंगे, उसका विडियो कहाँ है। और इन मूर्खतापूर्ण बातों पर भी प्राइम टाइम में बैठे पत्रकार गम्भीर चेहरा लिए कह देंगे, “आप कहते हैं कि आपने सेटैलाइट मार गिराया। जब आपके पास इतनी उन्नत तकनीक है, तो फिर मारते समय विडियो लेने की भी तो तकनीक होगी। सबूत दिखाने में क्या हर्ज है?” 

आर्टिकल का वीडियो यहाँ देखें


  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मजार के अंदर सेक्स रैकेट, नासिर उर्फ़ काले बाबा को लोगों ने रंगे-हाथ पकड़ा: वीडियो अंदर

नासिर उर्फ काले बाबा मजार में लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चला रहा था। स्थानीय लोगों ने वहाँ देखा कि एक महिला और युवक आपत्तिजनक हालत में लिप्त थे।

शिया विरोधी दंगों की खबर ट्वीट करने पर ट्विटर ने दिया भारतीय सम्पादक को ‘पाकिस्तानी कानून’ वाला नोटिस

ट्विटर ने दक्षिणपंथी पोर्टल 'ऑर्गनाइज़र' के संपादक प्रफुल्ल केतकर की एक रिपोर्ट पर यह कहते हुए आपत्ति जताई है कि यह पाकिस्तान के कानून का उलंघन करती है।

चीनी Huawei, ZTE को स्वीडन ने भी प्रतिबंध लगा कर भगाया, कहा – ‘चोरी करके अपनी सेना की ताकत बढ़ा रहा था’

स्वीडन की सेना और सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से सुझाव मिलने के बाद चीनी Huawei और ZTE को अगले महीने होने वाले स्पेक्ट्रम आवंटन से...

‘उस टीचर का गला काट कर कोई अपराध नहीं किया, पैगंबर के अपमान की सजा केवल मौत’ – इस्लामी स्कॉलर अल यूसुफ

इस्लामी कट्टरपंथी ने कहा कि लोगों को इस बात पर गौर करना चाहिए कि आखिर किस कारण युवक ऐसा करने के लिए मजबूर हुआ।

तेजस्वी की भीड़ ‘इंक्रिडिबल’, मोदी की भीड़ से कोरोना: स्टार प्रचारक सागरिका घोष ने बाँटा ज्ञान

सागरिका घोष ने तेजस्वी यादव की चुनावी रैली को तो 'इंक्रिडिबल' बताया मगर PM मोदी को ये नसीहत देती देखी गई कि उन्हें कोरोना के कारण बिहार में चुनावी रैली नहीं करनी चाहिए।

ईद पर झुक कर सलाम Vs नवरात्र पर कटरीना वाली ‘रात’ और सलमान की ‘डंडी’: Eros Now ने माँगी माफी

इरोज नाउ ने ईद के मौके पर पहले शालीनता से बधाईयाँ दी हैं। वहीं नवरात्र के मौके पर दोयम दर्जे की मानसिकता का प्रदर्शन किया है।

प्रचलित ख़बरें

मैथिली ठाकुर के गाने से समस्या तो होनी ही थी.. बिहार का नाम हो, ये हमसे कैसे बर्दाश्त होगा?

मैथिली ठाकुर के गाने पर विवाद तो होना ही था। लेकिन यही विवाद तब नहीं छिड़ा जब जनकवियों के लिखे गीतों को यूट्यूब पर रिलीज करने पर लोग उसके खिलाफ बोल पड़े थे।

कपटी वामपंथियो, इस्लामी कट्टरपंथियो! हिन्दू त्योहार तुम्हारी कैम्पेनिंग का खलिहान नहीं है! बता रहे हैं, सुधर जाओ!

हिन्दुओ! अपनी सहिष्णुता को अपनी कमजोरी मत बनाओ। सहिष्णुता की सीमा होती है, पागल कुत्ते के साथ शयन नहीं किया जा सकता, भले ही तुम कितने ही बड़े पशुप्रेमी क्यों न हो।

37 वर्षीय रेहान बेग ने मुर्गियों को बनाया हवस का शिकार: पत्नी हलीमा रिकॉर्ड करती थी वीडियो, 3 साल की जेल

इन वीडियोज में वह अपनी पत्नी और मुर्गियों के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने सबूतों को देखने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

पैगंबर मोहम्मद के ढेर सारे कार्टून… वो भी सरकारी बिल्डिंग पर: फ्रांस में टीचर के गला काटने के बाद फूटा लोगों का गुस्सा

गला काटे गए शिक्षक सैम्युएल पैटी को याद करते हुए और अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करने के लिए पैगम्बर मोहम्मद के कार्टूनों का...

सूरजभान सिंह: वो बाहुबली, जिसके जुर्म की तपिश से सिहर उठा था बिहार, परिवार हो गया खाक, शर्म से पिता और भाई ने की...

कामदेव सिंह का परिवार को जब पता चला कि सूरजभान ने उनके किसी रिश्तेदार को जान से मारने की धमकी दी है तो सूरजभान को उसी के अंदाज में संदेश भिजवाया गया- “हमने हथियार चलाना बंद किया है, हथियार रखना नहीं। हमारी बंदूकों से अब भी लोहा ही निकलेगा।”

दाढ़ी नहीं कटाने पर यूपी पुलिस के SI इंतसार अली को किया गया सस्पेंड, 3 बार एसपी से मिल चुकी थी चेतावनी

"इंतसार अली बिना किसी भी तरह की आज्ञा लिए दाढ़ी रख रहे थे। कई बार शिकायत मिल चुकी थी। इस संबंध में उन्हें 3 बार चेतावनी दी गई और..."
- विज्ञापन -

मजार के अंदर सेक्स रैकेट, नासिर उर्फ़ काले बाबा को लोगों ने रंगे-हाथ पकड़ा: वीडियो अंदर

नासिर उर्फ काले बाबा मजार में लंबे समय से देह व्यापार का धंधा चला रहा था। स्थानीय लोगों ने वहाँ देखा कि एक महिला और युवक आपत्तिजनक हालत में लिप्त थे।

शिया विरोधी दंगों की खबर ट्वीट करने पर ट्विटर ने दिया भारतीय सम्पादक को ‘पाकिस्तानी कानून’ वाला नोटिस

ट्विटर ने दक्षिणपंथी पोर्टल 'ऑर्गनाइज़र' के संपादक प्रफुल्ल केतकर की एक रिपोर्ट पर यह कहते हुए आपत्ति जताई है कि यह पाकिस्तान के कानून का उलंघन करती है।

चीनी Huawei, ZTE को स्वीडन ने भी प्रतिबंध लगा कर भगाया, कहा – ‘चोरी करके अपनी सेना की ताकत बढ़ा रहा था’

स्वीडन की सेना और सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से सुझाव मिलने के बाद चीनी Huawei और ZTE को अगले महीने होने वाले स्पेक्ट्रम आवंटन से...

‘उस टीचर का गला काट कर कोई अपराध नहीं किया, पैगंबर के अपमान की सजा केवल मौत’ – इस्लामी स्कॉलर अल यूसुफ

इस्लामी कट्टरपंथी ने कहा कि लोगों को इस बात पर गौर करना चाहिए कि आखिर किस कारण युवक ऐसा करने के लिए मजबूर हुआ।

तेजस्वी की भीड़ ‘इंक्रिडिबल’, मोदी की भीड़ से कोरोना: स्टार प्रचारक सागरिका घोष ने बाँटा ज्ञान

सागरिका घोष ने तेजस्वी यादव की चुनावी रैली को तो 'इंक्रिडिबल' बताया मगर PM मोदी को ये नसीहत देती देखी गई कि उन्हें कोरोना के कारण बिहार में चुनावी रैली नहीं करनी चाहिए।

सलमान लड़कियों को वीडियो कॉल करके दिखाता था अपना प्राइवेट पार्ट, फोट काटने पर 30 महिलाओं को भेज चुका था ‘गंदी वीडियो’

सलमान राजस्थान में रहने वाले अपने दोस्त का नंबर इस्तेमाल कर रहा था। उसने इस नंबर से कई अन्य महिलाओं के साथ भी ऐसी बदसलूकी की थी।

ईद पर झुक कर सलाम Vs नवरात्र पर कटरीना वाली ‘रात’ और सलमान की ‘डंडी’: Eros Now ने माँगी माफी

इरोज नाउ ने ईद के मौके पर पहले शालीनता से बधाईयाँ दी हैं। वहीं नवरात्र के मौके पर दोयम दर्जे की मानसिकता का प्रदर्शन किया है।

पैगंबर मोहम्मद पर पोस्ट करने वाले कॉन्ग्रेस MLA के भतीजे को जमानत, इसी पोस्ट के कारण हुई थी बेंगलुरु हिंसा

कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनकर कहा कि जिन धाराओं में नवीन के ख़िलाफ़ मुकदमे दर्ज हुए हैं, उनमें अधिकतम सजा की अवधि तीन वर्ष है और...

‘गधा ओवैसी जोकर जहाँ दिखे उसे चप्पलों से मारना चाहिए’: मुग़ल प्रिंस तुसी का फूटा KCR-ओवैसी पर गुस्सा

तुसी ने ओवैसी को लताड़ लगते हुए कहा, "कमीने तुझे शर्म आनी चाहिए, तू शर्म से मर जा रे कमीने तू, गधा, बेवकूफ। मैं आवाम से कहूँगा कि चप्पल से मारें इसको।"

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: बिहार में बिल गेट्स वाला गाँव, उस ‘इवेंट मैनेजमेंट’ से क्या हुआ? | Bill Gates took photos here

2011 में यह गाँव मीडिया की सुर्खियों में था। यहाँ की एक बिटिया, जिसका नाम रानी है, को बिल गेट्स ने गोद में लिया था। लेकिन 10 साल बाद भी...

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
78,979FollowersFollow
336,000SubscribersSubscribe