Sunday, January 24, 2021
Home बड़ी ख़बर इस्लाम बनाम ईसाई: श्री लंका बम धमाके, चर्च, 200 लाशें, जाहरान हाशिम, अबु मुहम्मद…

इस्लाम बनाम ईसाई: श्री लंका बम धमाके, चर्च, 200 लाशें, जाहरान हाशिम, अबु मुहम्मद…

दो मज़हब, जिनका इतिहास आक्रमण, उपनिवेशवाद, साम्राज्यवाद, हिंसा, युद्धों और आतंकी वारदातों से सना हुआ है, अब एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े दिखते हैं। आज भी इनका केन्द्रीय उद्देश्य लोगों को ईसाई और मुस्लिम बनाना ही है।

जुम्मे की नमाज़ पढ़ी जा रही थी, और न्यूज़ीलैंड में एक ईसाई आतंकवादी ने मस्जिदों को निशाना बनाया। बात लगभग एक महीने पहले की है। उसके बाद इंग्लैंड के बर्मिंघम इलाके के कुछ मस्जिदों पर कुछ लोगों ने हथौड़े चला दिए। बयान आया कि समुदाय विशेष की जनता डर कर जी रही है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार 2016-17 में कुल 80,393 हेट क्राइम, यानी घृणाजन्य अपराध, के मामले सामने आए जो कि 2015-16 में 62,518 थे।

न्यूज़ीलैंड के ईसाई आतंकी ने साफ शब्दों में लिखा था, “मुस्लिम शरणार्थी हमारी भूमि पर अतिक्रमण कर रहे हैं। यह भूमि श्वेतों की है।” उसने यह चिंता जताई थी कि बाहर से आए मुस्लिम अधिक प्रजनन करके पश्चिमी देशों की धार्मिक जनसांख्यिकी को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं और पश्चिमी देशों की संस्कृति व शांति भंग कर रहे हैं। उसने इस्लामी आतंक द्वारा यूरोप में मची तबाही का भी ज़िक्र किया था।

जब मार्च में यह हमला हुआ और 50 लोग मरे, तब से यह एक शुरुआत की तरह देखा जाने लगा। हमें पोलिटिकली करेक्ट होकर स्वीकारने में भले ही अनंत काल लग जाए, लेकिन सत्य यही है कि बड़े आतंकी हमलों के केन्द्र में इस्लामी विचारधारा और आईसिस का झंडा है। विचारधारा से मतलब यह नहीं है कि पूरा मज़हब और हर मुस्लिम ही आतंकवादी हो गया, बल्कि यह कि जितनी भी ऐसी आतंकी घटनाएँ होती हैं, उसका सूत्रधार एक ही मज़हब का होता है। मैं मजहबी आतंक की बात कर रहा हूँ, न कि आतंक की परिभाषा में जाकर नक्सली और स्थानीय हिंसक झड़पों को इसमें शामिल कर रहा हूँ।

क्राइस्टचर्च की घटना के तुरंत बाद बर्मिंघम के मस्जिदों पर हमला और आज श्री लंका के चर्चों को निशाना बनाकर 200 जानें ले लेना, यह बताता है कि जो साम्राज्यवादी मज़हब, अब खुल कर सामने आ गए हैं। भले ही तमाम मीडिया हाउस और अतंरराष्ट्रीय संस्थाएँ श्री लंका की घटना को कवर करते हुए अंत में ‘लिट्टे’ आतंकी संगठन की बात कर देते हैं, लेकिन जाहरान हाशिम और अबु मुहम्मद नाम के आत्मघाती हमलावर, इसे मजहबी बात ही बनाते दिखते हैं। बाकी हमलावरों के नाम भी धीरे-धीरे सामने आएँगे, लेकिन अभी तक की सूचना के हिसाब से ये मसला इस्लाम बनाम ईसाई का ही लग रहा है।

दो मज़हब, जिनका इतिहास आक्रमण, उपनिवेशवाद, साम्राज्यवाद, हिंसा, युद्धों और आतंकी वारदातों से सना हुआ है, अब एक-दूसरे के आमने-सामने खड़े दिखते हैं। आज भी इनका केन्द्रीय उद्देश्य लोगों को ईसाई और मुस्लिम बनाना ही है। भारत जैसा देश इन दोनों मज़हबों के लिए फ़ाइनल फ़्रंटियर रहा है जहाँ सैकड़ों सालों के शासन और अत्याचार के बाद भी इन दोनों मज़हबों के शासकों को यहाँ की हिन्दू आबादी को कन्वर्ट करा कर पूरी तरह से ईसाई या इस्लामी बनाने में बहुत ज़्यादा सफलता नहीं मिली।

लेकिन, कोशिशें जारी हैं। आतंकी वारदातों के आलोक में, आज आलम यह है कि यूरोप जैसे महादेश के लगभग हर बड़े शहर में इस्लामी आतंक की छाप पड़ चुकी है, और पोलिटिकली करेक्ट होने के चक्कर में ये देश न सिर्फ इस्लामी आतंक को इस्लामी कहने में शर्माते रहे बल्कि सीरिया जैसे मुल्कों के शरणार्थियों को अमेरिकी स्टेट-स्पॉन्सर्ड आतंक के बाद अपने देश में जगह देते रहे।

हालात ऐसे बिगड़े कि जर्मनी में नए साल पर इन शरणार्थियों ने महिलाओं के साथ रेप किया, छेड़छाड़ किया और स्वीडन को विश्व का रेप कैपिटल बना दिया। स्वीडन दुनिया के शांत जगहों में से एक था, फिर उन्होंने मानवतावश शरणार्थियों को जगह दी, और आज की तारीख़ में हर एक लाख की आबादी पर बलात्कार के प्रतिशत में यह दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल हो चुका है।

पैटर्न वही रहा, पहले शरण माँगी, फिर अपने इलाके बनाए, फिर इलाकों में दूसरों को आने से मना किया, फिर अपने अधिकारों की बात करने लगे, और फिर अपराध अचानक से बढ़ गए। फ़िलहाल, स्वीडन ने अब इन्हें स्किल ट्रेनिंग देकर कहीं और भेजने की नीति अपनाई है ताकि वो कहीं और जाकर रोजगार कर सकें, उन्हें स्वीडन की नागरिकता या रेज़िडेंसी नहीं दी जाती।

ज़ाहिर है कि यूरोप अपने ख़ूनी इतिहास के दौर से बाहर आने के बाद, पूरी दुनिया को लूटने और ग़ुलाम बनाने के बाद, आज स्वयं क़रीब-क़रीब निगेटिव ग्रोथ का शिकार है, जहाँ हर देश अपने अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ रहा है। लूट का माल ब्रिटेन और स्पेन जैसों को पचास साल से ज्यादा मदद नहीं कर पाया। ग्रीस, इटली, स्पेन और बाकी कई देशों में बेरोज़गारी चरम पर है, लोग सरकारों से नाराज हैं।

और इन्हीं मौक़ों पर बेल्जियम से लेकर फ़्रांस तक, मैड्रिड, बार्सीलोना, मैन्चेस्टर, लंदन, ग्लासगो, मिलान, स्टॉकहोम, फ़्रैंकफ़र्ट एयरपोर्ट, दिजों, कोपेनहेगन, बर्लिन, मरसाई, हनोवर, सेंट पीटर्सबर्ग, हैमबर्ग, तुर्कु, कारकासोन, लीज, एम्सटर्डम, अतातुर्क एयरपोर्ट, ब्रुसेल्स, नीस, पेरिस में या तो बम धमाके हुए या लोन वूल्फ अटैक्स के ज़रिए ट्रकों और कारों से लोगों को रौंद दिया गया। हर बार आईसिस या कोई इस्लामी संगठन इसकी ज़िम्मेदारी लेता रहा और यूरोप का हर राष्ट्र अपनी निंदा में ‘इस्लामोफोबिक’ कहलाने से बचने को लिए इसे सिर्फ आतंकी वारदात कहता रहा।

पिछले पाँच सालों में यूरोप में 20 से ज़्यादा बड़े आतंकी हमले हुए हैं, जिसमें महज़ 18 महीने में 8 हमले सिर्फ फ़्रान्स में हुए। इस्ताम्बुल में तीन बार बम विस्फोट और शूटिंग्स हुईं। बेल्जियम, जर्मनी, रूस और स्पेन इनके निशाने पर रहे। यूरोपोल द्वारा 2017 में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार आईसिस ने यूरोप में आतंकी हमलों के लिए वहाँ शरण पाने वाले मुस्लिमों की मदद ली। स्वीडन की न्यूज एजेंसी टिडनिन्गारनास टेलिग्रामबायरा के अनुसार पश्चिमी यूरोप में हुए 37 हमलों में दो तिहाई हमलावर (68 में से 44) घृणा फैलाने वाले लोगों के प्रभाव में आकर हमला करने को तैयार हुए। उनका रेडिकलाइजेशन ऑनलाइन नहीं था, बल्कि उन्हें निजी तौर पर मिलने के बाद ऐसा करने को कहा गया, और वो तैयार हुए।

ज़ाहिर है कि जो लोग सताए गए हैं, वो एक समय पर इन सबसे पक जाएँगे। शायद बड़ी संस्थाएँ भी पक जाएँगी क्योंकि दोनों में होड़ लगी है कि किसके मज़हब को सबसे ज़्यादा लोग अपनाएँ। ऐसे में पीड़ित आबादी का एक व्यक्ति व्हाइट सुप्रीमेसिज्म या ‘श्वेतों की धरती’ के लिए हथियार उठा कर, अगर न्यूज़ीलैंड के मस्जिदों पर हमला कर देता है, तो ज़ाहिर है कि वैसे लोगों को बल मिलेगा जो ऐसा करना चाहते थे।

कल को यह पता चले कि जैसे आईसिस एक आतंकी समूह की तरह दुनिया हर गैरमुस्लिम आबादी को निशाना बना रहा है, वैसे ही ईसाई भी इस्लामी मुल्कों की आबादी को अपना निशाना बनाने लगें। ऐसी स्थिति कोई नहीं चाहता लेकिन बर्मिंघम में पाँच मस्जिदों पर लोगों ने क्यों हमला किया? आखिर एक साल में हेट क्राइम में लगभग 30% की बढ़ोतरी क्यों हो गई?

आज श्री लंका में चर्चों को निशाना बनाया गया। यहाँ तो उद्देश्य स्पष्ट है कि ईसाई निशाने पर थे। कुछ बड़े होटलों को भी निशाना बनाया गया जहाँ ईस्टर की प्रार्थनाएँ हो रही थीं, और कुछ विदेशी मौजूद थे। श्री लंका के लोग तो बाहर जा कर किसी दूसरे देश में आतंक नहीं मचाते, फिर इनके यहाँ के ईसाईयों को क्यों निशाना बनाया गया?

ज़ाहिर है कि यहाँ देश तो पिक्चर में है ही नहीं, यहाँ दूसरे मज़हब को टार्गेट करना था, वो जहाँ मिला इन्होंने कर दिया। श्री लंका जैसा छोटा देश ऐसी वारदातों के लिए उपयुक्त लगा होगा क्योंकि उन्हें लिट्टे की समाप्ति के बाद कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं झेलना पड़ा था, और उन्हें इसकी भनक भी न लगी हो।

इसी समय, एक और बात ज़रूरी है कहनी। वो यह कि हमें हर ऐसी आतंकी घटना के बाद अपने देश की सुरक्षा एजेंसियों को धन्यवाद देना चाहिए कि हमारे यहाँ वैसा हमला नहीं हुआ। ऐसे हमले हर दिन होते हैं, और कहीं न कहीं दसियों लोग मारे जाते हैं। चूँकि हमारी सुरक्षा में हमारे देश का सूचना तंत्र और एजेंसियाँ लगी होती हैं, तो हम ऐसे ख़तरों से बच जाते हैं। दो सालों में एक चूक होती है, और पुलवामा घटित हो जाता है। आतंकियों को एक दिन चाहिए आरडीएक्स का कार लेकर भिड़ जाने में, सरकारों को हर दिन मुस्तैद होना पड़ता है क्योंकि हमले की योजना हर दिन बनती है।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

अजीत भारतीhttp://www.ajeetbharti.com
सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

 

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

नेपाल में चीन पैंतरे नाकाम, कम्युनिस्ट पार्टी ने कार्यकारी PM ओली को पार्टी से निकाला

नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी ने कार्यकारी प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पार्टी से निकाल कर उनकी सदस्यता रद्द कर दी है।

राहुल गाँधी बोले- किसान मजबूत होते तो सेना की जरूरत नहीं होती… अनुवादक मोहम्मद इमरान बेहोश हो गए

इरोड में राहुल गाँधी के अंग्रेजी भाषण का तमिल में अनुवाद करने वाले प्रोफेसर मोहम्मद इमरान मंच पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

26 जनवरी पर ट्रैक्टर रैली को दिल्ली पुलिस की हरी झंडी, SFJ ने कहा-भिंडरावाले के पोस्टर लहराना

नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों को 26 जनवरी पर ट्रैक्टर रैली निकालने की अनुमति मिल गई है।

शिवपुरी बाबा की समाधि को पहले हरे रंग से पोता, पढ़ी नमाज और अब मस्जिद निर्माणः बीजेपी MLA के दखल पर रुका काम

"धर्मनगरी बिठूर में कुछ लोग मंदिर के स्थान पर मस्जिद बनाने का प्रयास कर रहे थे, स्थानीय पुलिस तक इसमें शामिल थी।"

₹118 करोड़ की अवैध संपत्ति, 4.5 Kg सोना मिला: ईसाई प्रचारक पॉल दिनाकरन के 25 ठिकानों पर पड़ा था छापा

तमिलनाडु के ईसाई प्रचारक और उसकी कई संस्थाओं के खिलाफ बड़ी रकम की धोखाधड़ी और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने व कर चोरी के कई आरोप हैं।

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

प्रचलित ख़बरें

नकाब हटा तो ‘शूटर’ ने खोले राज, बताया- किसान नेताओं ने टॉर्चर किया, फिर हत्या वाली बात कहवाई: देखें Video

"मेरी पिटाई की गई। मेरी पैंट उतार कर मुझे पीटा गया। उलटा लटका कर मारा गया। उन्होंने दबाव बनाया कि मुझे उनका कहा बोलना पड़ेगा। मैंने हामी भर दी।"

मदरसा सील करने पहुँची महिला तहसीलदार, काजी ने कहा- शहर का माहौल बिगड़ने में देर नहीं लगेगी, देखें वीडियो

महिला तहसीलदार बार-बार वहाँ मौजूद मुस्लिम लोगों को मामले में कलेक्टर से बात करने के लिए कह रही है। इसके बावजूद लोग उसकी बात को दरकिनार करते हुए उसे धमकाते हुए नजर आ रहे हैं।

मटन-चिकेन-मछली वाली थाली 1 घंटे में खाइए, FREE में ₹1.65 लाख की बुलेट ले जाइए: पुणे के होटल का शानदार ऑफर

पुणे के शिवराज होटल ने 'विन अ बुलेट बाइक' नामक प्रतियोगिता के जरिए निकाला ऑफर। 4 Kg की थाली को ख़त्म कीजिए और बुलेट बाइक घर लेकर जाइए।

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

‘नकाब के पीछे योगेंद्र यादव’: किसान नेताओं को ‘शूट करने’ आए नकाबपोश की कहानी में लोचा कई

किसान नेताओं ने एक नकाबपोश को मीडिया के सामने पेश किया, जिसने दावा किया कि उसे किसान नेताओं को गोली मारने के लिए रुपए मिले थे।

‘कोहली के बिना इनका क्या होगा… ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा’: 5 बड़बोले, जिनकी आश्विन ने लगाई क्लास

अब जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में जाकर ही ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दिया है, आइए हम 5 बड़बोलों की बात करते हैं। आश्विन ने इन सबकी क्लास ली है।
- विज्ञापन -

 

मुस्लिम बहुल मालवणी में मुंबई पुलिस ने फाड़ दिए थे भगवान राम के पोस्टर, कार्रवाई को लेकर बीजेपी का प्रदर्शन

मुंबई के मुस्लिम बहुल इलाके मालवणी में भगवान राम के पोस्टर फाड़ने को लेकर बीजेपी ने प्रदर्शन किया। दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मॉंग की।

नेपाल में चीन पैंतरे नाकाम, कम्युनिस्ट पार्टी ने कार्यकारी PM ओली को पार्टी से निकाला

नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी ने कार्यकारी प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पार्टी से निकाल कर उनकी सदस्यता रद्द कर दी है।

बिशप का गोपनीय पत्रः चर्च समर्थक कैंडिडेट को टिकट दें, ईसाई कम्युनिस्ट पार्टी का समर्थन करेंगे

केरल की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी से विधानसभा चुनावों में एक चर्च समर्थित उम्मीदवार को टिकट देने की सिफारिश कर एक कैथोलिक बिशप विवादों में घिर गए हैं।

राहुल गाँधी बोले- किसान मजबूत होते तो सेना की जरूरत नहीं होती… अनुवादक मोहम्मद इमरान बेहोश हो गए

इरोड में राहुल गाँधी के अंग्रेजी भाषण का तमिल में अनुवाद करने वाले प्रोफेसर मोहम्मद इमरान मंच पर ही बेहोश होकर गिर पड़े।

26 जनवरी पर ट्रैक्टर रैली को दिल्ली पुलिस की हरी झंडी, SFJ ने कहा-भिंडरावाले के पोस्टर लहराना

नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों को 26 जनवरी पर ट्रैक्टर रैली निकालने की अनुमति मिल गई है।

सरकारी कार्यक्रम में ‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ तो ‘जय श्री राम’ से दिक्कत क्यों: Video शेयर कर ममता से BJP ने पूछा

बीजेपी ने ममता बनर्जी से सवाल किया है कि जब वे सरकारी कार्यक्रम में इस्लामिक इबादत कर सकती हैं, तो ‘जय श्री राम’ बोलने में दिक्कत क्यों होती है?

निकिता तोमर को गोली मारते कैमरे में कैद हुआ था तौसीफ, HC से कहा- मैं निर्दोष, यह ऑनर किलिंग

निकिता तोमर हत्याकांड के मुख्य आरोपित तौसीफ ने हाई कोर्ट से घटना की दोबारा जाँच की माँग की है। उसने कहा कि यह मामला ऑनर किलिंग का है।

शिवपुरी बाबा की समाधि को पहले हरे रंग से पोता, पढ़ी नमाज और अब मस्जिद निर्माणः बीजेपी MLA के दखल पर रुका काम

"धर्मनगरी बिठूर में कुछ लोग मंदिर के स्थान पर मस्जिद बनाने का प्रयास कर रहे थे, स्थानीय पुलिस तक इसमें शामिल थी।"

₹118 करोड़ की अवैध संपत्ति, 4.5 Kg सोना मिला: ईसाई प्रचारक पॉल दिनाकरन के 25 ठिकानों पर पड़ा था छापा

तमिलनाडु के ईसाई प्रचारक और उसकी कई संस्थाओं के खिलाफ बड़ी रकम की धोखाधड़ी और अवैध रूप से संपत्ति अर्जित करने व कर चोरी के कई आरोप हैं।

12 साल की लड़की का स्तन दबाया, महिला जज ने कहा – ‘नहीं है यौन शोषण’: बॉम्बे HC का मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने शारीरिक संपर्क या ‘यौन शोषण के इरादे से किया गया शरीर से शरीर का स्पर्श’ (स्किन टू स्किन) के आधार पर...

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,695FollowersFollow
385,000SubscribersSubscribe