Thursday, July 25, 2024
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15 घटनाएँ, जब मुस्लिम भीड़ और इस्लामी नेताओं ने हिंदुओं के खुलेआम नरसंहार और जिहाद के लिए उकसाया

ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ मेनस्ट्रीम के इस्लामी नेताओं और मौलवियों, भारत में मुस्लिम राजनेताओं ने हिंदुओं के सामूहिक नरसंहार का खुले तौर पर आह्वान किया है। 

जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सत्ता को सँभाला है, कई कट्टरपंथी इस्लामवादियों और उनके समर्थक जो ‘सेक्युलर और लिबरल’ होने का दावा करते हैं, ने ‘डरा हुआ मुसलमान’ नैरेटिव को आगे बढ़ाने की पूरी कोशिश की है। ‘डरा हुआ मुसलमान’ नैरेटिव से यह मतलब है कि मोदी के सत्ता में आने से मुस्लिमों पर उनके मजहब की वजह से हमला किया जाता है।

मोदी के इन विरोधियों ने लोगों को यह समझाने के लिए काफी मेहनत किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की बढ़ती हिंदुत्ववादी ताकतों ने भारतीय मुस्लिमों के एक हिस्से को ‘बैकफुट पर धकेल दिया’ है।

ये तथाकथित ‘सेकुलर’ लिबरल, इस्लामवादी और मीडिया में उनके चीयरलीडर्स मोदी के भारत में मुस्लिमों को ‘डरे हुए लोग’ के रूप में दिखाने के लिए काफी मशक्कत कर रहे हैं, वह भी बिना किसी सबूत, बिना किसी आधार के। वहीं जब हिंदुओं और काफिरों (गैर-मुस्लिमों) के लिए खुला जिहाद, नरसंहार और ‘ईशनिंदा’ करने वालों का सिर कलम करने की बात खुलेआम कही जाती है तो इनकी आँखें और कान दोनों ही बंद हो जाती हैं। ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ मेनस्ट्रीम के इस्लामी नेताओं और मौलवियों, भारत में मुस्लिम राजनेताओं ने हिंदुओं के सामूहिक नरसंहार का खुले तौर पर आह्वान किया है। 

AIMIM नेता वारिस पठान ने मुस्लिमों को हिंदुओं के खिलाफ भड़काया

फरवरी 2020 में, विवादास्पद AIMIM नेता और महाराष्ट्र के पूर्व विधायक वारिस पठान को AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की उपस्थिति में कर्नाटक के गुलबर्गा में एक CAA विरोधी रैली में मुस्लिमों को उकसाते हुए देखा गया था। हिंदुओं को खुली धमकी देते हुए पठान ने यह कहकर मुस्लिमों को भड़काने की कोशिश की कि देश के मुस्लिमों को एकजुट होने और ‘आजादी हासिल करने’ का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि भले ही देश में मुस्लिम सिर्फ 15 करोड़ हैं, फिर भी वे 100 करोड़ से अधिक हिंदुओं पर हावी हो सकते हैं। पठान ने खुले तौर पर हिंदुओं को मुस्लिमों से डरने की चेतावनी दी थी और मुस्लिमों का सामना करने पर उन्हें ‘नतीजे’ भुगतने की याद दिलाई थी।

AAP विधायक अमानतुल्ला खान ने कहा, ‘मुसलमान सड़कों पर उतरेंगे तो कहर बरपाएँगे’

इस साल अप्रैल में ‘हिंदुस्तान लाइव फरहान याहिया’ द्वारा पोस्ट किया गया एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें AAP नेता अमानतुल्लाह खान को हिंसा की धमकी देते देखा जा सकता है। खान कहते हैं, “अगर मुसलमान आज खामोश है, तो सिर्फ इसलिए क्योंकि वह इकमत से काम ले रहा है। अगर मुसलमान सड़कों पर उतरेगा तो तुुम्हारी ईंट से ईंट बजा देगा। दुनिया के मुसलमान पैगंबर मुहम्मद का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते। यह तुम्हारी गलतफहमी है। मुसलमान इस मुद्दे पर इकमत से काम ले रहा है, क्योंकि वे नहीं चाहते कि देश का सद्भाव खराब हो।”

अमानतुल्ला खान ने स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती के सिर काटने की खुलेआम माँग की

AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने इससे पहले स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती का सिर कलम करने की माँग करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। खान ने एक ट्वीट में कहा था, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दास्त नहीं, इस नफरती कीड़े की जुबान और गर्दन दोनों काट कर इसे सख्त से सख्त सजा देनी चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान का कानून हमें इसकी इजाजत नहीं देता, हमें देश के संविधान पर भरोसा है और मैं चाहता हूँ कि दिल्ली पुलिस इसका संज्ञान ले।”

15 मिनट के लिए पुलिस हटाओ, हम 100 करोड़ हिंदुओं को खत्म कर सकते हैं’: अकबरुद्दीन ओवैसी

विवादास्पद AIMIM विधायक और असदुद्दीन ओवैसी के भाई ने एक बार नहीं बल्कि कई बार हिंदुओं के खिलाफ अपने ’15 मिनट’ के विवादास्पद भाषण को दोहराया जो उन्होंने 2012 में दिया था। 2012 में उन्होंने एक अत्यधिक भड़काऊ भाषण दिया था, जिसमें उन्होंने 15 मिनट के लिए पुलिस को हटाने के लिए कहा था, ताकि वह 100 करोड़ हिंदुओं को खत्म कर सके। 2019 में भी, अपने ’15 मिनट’ के भड़काऊ भाषण को दोहराते हुए, अकबरुद्दीन ओवैसी ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ कथित लिंचिंग के मुद्दों को उठाकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भड़काने की कोशिश की।

असदुद्दीन ओवैसी ने याकूब मेनन की फाँँसी पर उठाया था सवाल

न केवल छोटे भाई बल्कि एआईएमआईएम प्रमुख- असदुद्दीन ओवैसी ने खुद मोदी सरकार और देश में हिंदुओं के खिलाफ मुस्लिमों को भड़काने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। वह उन सभी मुस्लिमों का उल्लेख करने के लिए एक कदम आगे बढ़ गए हैं जिन्होंने मोदी को ‘छक्का’ (ट्रांसजेंडर के लिए आम बोलचाल में अपमानजनक शब्द) के रूप में वोट दिया।

10 अक्टूबर, 2019 को महाराष्ट्र के नांदेड़ में एक भाषण में ओवैसी ने दावा किया कि देश में मुस्लिमों की उपेक्षा की गई और उनके साथ अन्याय किया गया। उन्होंने मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को मिली मौत की सजा पर भी अफसोस जताया। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम याकूब मेमोम को फाँसी से नहीं बचा पाए क्योंकि वे सत्ता में नहीं थे।

‘अल्लाह ने हमें जिहाद का अधिकार दिया है’, मौलवी ने मुसलमानों को हथियार उठाने के लिए उकसाया

18 दिसंबर, 2019 को, MK इस्लामिक चैनल नाम के एक इस्लामवादी यूट्यूब चैनल ने मौलाना जर्जिस अंसारी हाफिजुल्लाह का एक आपत्तिजनक भाषण अपलोड किया, जिसमें उन्हें खुले तौर पर भारत में ‘जिहाद’ करने की धमकी देते देखा गया। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि ये मुस्लिम विरोधी हैं।

अपने अभद्र भाषा के बीच में, मौलाना को यह दावा करते हुए सुना जाता है कि जिन दंगाइयों ने असम में डिप्टी सीएम के मुख्यालय को जला दिया था और मुख्यमंत्री के आवास का घेराव किया था, वे कोई और नहीं बल्कि उनके समुदाय के लोग थे। उनका कहना है कि असम में मुस्लिमों द्वारा जो दहशत पैदा की गई वह महज एक टीज़र थी, उन्हें पूरे देश में ऐसी ही स्थिति पैदा करने के लिए मजबूर न करें।

जाकिर नाइक ने इस्लामिक देशों को इशनिंदा कानून के तहत हिंदुओं पर मुकदमा चलाने को कहा

कट्टरपंथी इस्लामवादी उपदेशक जाकिर नाइक ने कई मौकों पर मुसलमानों को हिंदुओं के खिलाफ उकसाया है। पिछले साल मई में, उन्होंने दुनिया भर के इस्लामी देशों से भारत में उन गैर-मुसलमानों का डेटा एकत्र करने के लिए कहा था जो इस्लाम की आलोचना करते हैं और जब वे उनके देशों में आएँ तो उन्हें ईशनिंदा कानूनों के तहत गिरफ्तार करे। बता दें कि जाकिर नाइक भारत में सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने और देश में आतंक को भड़काने वाली गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों का सामना कर रहे हैं।

इस्लामवादी जाकिर नाइक ने कृष्ण मंदिर को जलाने वाली पाकिस्तानी भीड़ की सराहना की

इन इस्लामवादियों के मन में हिंदुओं के लिए नफरत इतनी गहरी है कि जाकिर नाइक ने पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वां में प्राचीन हिंदू मंदिर को जलाने और नष्ट करने का समर्थन करते हुए कहा था कि इस्लामिक देश में मंदिरों को बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

हिंदुओं के खिलाफ अपने अभद्र भाषा के तहत जाकिर नाइक ने पवित्र कुरान का हवाला देते हुए गैर-मुसलमानों की हत्या और नरसंहार को भी सही ठहराया था। उन्होंने कहा था कि “कुरान कहता है कि काफिर जहाँ मिल जाए उन्हें मार दो।”

उपरोक्त घटनाएँ उन कई घटनाओं में से कुछेक हैं जहाँ कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने खुले तौर पर हिंदुओं के लिए अपनी नफरत प्रदर्शित की है। ट्विटर यूजर @priyaakulkarni2 ने ट्वीट्स का एक थ्रेड शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कई और ऐसे स्निपेट्स अटैच किए हैं, जहाँ मुस्लिम मौलवी खुले तौर पर भारत में हिंदुओं के खिलाफ जिहाद और नरसंहार का आह्वान कर रहे हैं।

तौकीर रजा खान ने बेशर्मी से हिंदुओं के खूनखराबे की अपील की

कुलकर्णी ने राजनीतिक दल इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के संस्थापक तौकीर रजा खान द्वारा दिए गए एक भड़काऊ, सीएए विरोधी भाषण के स्निपेट्स शेयर किए, जहाँ कट्टरपंथी इस्लामवादी CAA को निरस्त नहीं करने पर देश की गली-गली में खून बहाने के लिए उकसाया था। इस्लामिक नेता ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) लाने के लिए पीएम मोदी को नसीहत देते हुए कहा, “हम अल्लाह वाले हैं, जो मुँह से निकल जाता है, वह होता है, इंशाअल्लाह।”

ट्विटर यूजर द्वारा शेयर की गई दो बाद की वीडियो रिकॉर्डिंग में मुस्लिम मौलवियों को खुले तौर पर हिंदुओं को धमकी देते हुए दिखाया गया है। जिसमें दावा किया गया है कि मुस्लिम जल्द ही उन्हें हिंदुस्तान से मिटा देंगे।

कॉन्ग्रेस नेता ने 25 करोड़ भारतीय मुस्लिमों के लिए एक अलग राष्ट्र की माँग की

पिछले साल एक टेलीविजन चर्चा के दौरान, कॉन्ग्रेस सदस्य अजय वर्मा ने माँग की कि भारत में मुस्लिमों को पाकिस्तान जैसा एक और इस्लामी राष्ट्र बनाने के लिए भारतीय भूमि का एक और हिस्सा दिया जाना चाहिए।

वर्मा ने यह बयान नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर एक न्यूज चैनल की बहस के दौरान दिया। वीडियो में, वर्मा को भाजपा प्रवक्ता से भारत के 20-25 मिलियन मुस्लिमों के लिए एक अलग देश बनाने और देश को एक हिंदू राष्ट्र के रूप में नामित करने का आग्रह करते हुए सुना जा सकता है।

कॉन्ग्रेस की सहयोगी ने 50 करोड़ हिंदुओं की मौत की कामना की

पिछले साल 26 फरवरी को, जब दुनिया आने वाली महामारी की खबर से जूझ रही थी, कॉन्ग्रेस के सहयोगी और फुरफुरा शरीफ के एक मुस्लिम उपदेशक पीरजादा अब्बासुद्दीन सिद्दीकी ने 50 करोड़ हिंदुओं की मृत्यु की कामना की थी। मुस्लिम मौलवी ने कहा था, “हाल ही में मुझे खबर मिली है कि पिछले दो दिनों से मस्जिदों में आग लगाई जा रही है, मस्जिदों को जलाया जा रहा है। मुझे लगता है कि एक महीने के भीतर कुछ होने वाला है। अल्लाह हमारी दुआ कुबूल करे। अल्लाह भारत में ऐसा भयानक वायरस भेजे कि भारत में दस से बीस से पचास करोड़ लोग मारे जाएँ। क्या मैं कुछ गलत कह रहा हूँ? यह बिल्कुल आनंदमय है।”

‘आकर्षक’ गाने के जरिए हिंदुओं, काफिरों और सिर कलम करने के नरसंहार का आह्वान किया गया

हमने हाल ही में तथाकथित किसान विरोध और पिछले साल सीएए के विरोध के दौरान हिंदू और भारत विरोधी भावनाओं को चरम पर पहुँचते देखा। तथाकथित ‘प्रदर्शनकारियों’ ने ‘हिंदुओं से आजादी’, ‘काफिरों से आजादी’, ‘छीन के लेंगे आजादी’ और ‘लड़ के लेंगे आजादी’ के नारे लगाए।

दरअसल सीएए विरोधी विरोधियों ने F*ck हिंदुत्व जैसे पोस्टरों के साथ इस्लामी और हिंदू विरोधी होना उजागर किया था। इस दौरान ओम के प्रतीक को भी विकृत किया गया था। इसने हिंदुओं के लिए इस्लामी भीड़ की गहरी नफरत को उजागर किया था। शाहीन बाग विरोध का एक वीडियो सामने आया था जहाँ ‘जिन्ना वाली आजादी’ जैसे नारे सुनाई दे रहे थे।

कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने एक बच्चे के नेतृत्व में ‘आजादी’ के नारे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया

कोई यह नहीं भूल सकता कि कॉन्ग्रेस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद को नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में फरवरी 2020 में जामिया में कथित तौर पर एक बच्चे से ‘आजादी’ का नारा लगवाया था। इस दौरान उन्होंने भीड़ से कहा था, “तुम गोली मारो! आज़ादी!” और “हम छीन के लेंगे आजादी!”

यहाँ यह उल्लेख करना उचित होगा कि YouTube और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई गाने अपलोड किए जा रहे हैं जो हिंदुओं, काफिरों के नरसंहार और ‘ईशनिंदा’ करने वालों का सिर काटने का आह्वान कर रहे हैं। न केवल गाने बल्कि बड़ी भीड़ के सिर काटने का आह्वान करने वाले वीडियो सालों से प्रसारित हो रहे हैं। हाल ही में, ऑपइंडिया कुछ ऐसे ही गाने को समझने की कोशिश की। जिन गानों में अक्सर आकर्षक बैकग्राउंड म्यूजिक होता है, उन्हें लाखों बार देखा जा चुका है।

इन घटनाओं के अलावा, यहाँ यह उल्लेखनीय है कि हाल के वर्षों में बड़े पैमाने पर दंगे, भीड़ की हिंसा और इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा तुच्छ मुद्दों पर आगजनी की घटनाएँ एक आम विषय रही है। अगस्त 2020 में बेंगलुरु में एक फेसबुक पोस्ट पर इस्लामी भीड़ ने पुलिस स्टेशनों पर हमला किया, दंगे किए। बांग्लादेश में इस साल दुर्गा पूजा के दौरान, इस्लामवादियों ने हिंदुओं के खिलाफ हंगामा किया और ‘कुरान के अपमान’ के झूठे आरोप पर मंदिरों पर हमला किया। बाद में पता चला कि एक मुस्लिम व्यक्ति ने एक स्थानीय मौलवी की मदद से एक पूजा पंडाल के पास कुरान की प्रति रखी थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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