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66% मतदान, 412 प्रत्याशियों की किस्मत EVM में कैद: विश्व के सबसे ऊँचे पोलिंग बूथ पर शत-प्रतिशत मतदान, अब 8 दिसंबर का इंतजार

बिलासपुर में 54.14 प्रतिशत, हमीरपुर में 55.60 प्रतिशत, कांगड़ा में 54.21 प्रतिशत, किन्नौर में 55.30 प्रतिशत, कुल्लू में 58.88 प्रतिशत, मंडी में 56.90 प्रतिशत, शिमला में 55.55 प्रतिशत, सिरमौर में 60.38 प्रतिशत, सोलन में 54.14 प्रतिशत और ऊना जिले में 58.11 प्रतिशत मतदान हुआ है।

शनिवार (12 नवंबर 2022) को हिमाचल प्रदेश की सभी 68 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। इस बार 412 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिसमें 22 महिलाएँ भी हैं। इन सभी प्रत्याशियों की किस्मत अब ईवीएम में कैद हो चुकी है, जिसका फैसला आगामी 8 दिसंबर को होगा।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान सुबह 8 बजे से ही शुरू हो गया था जो कि शाम 5 बजे तक चला। जिसमें कुल 66.09% मतदाताओं ने वोट डाला है। जिलेवार आँकड़ों पर नजर डालें तो लाहौल-स्पीति में सर्वाधिक 62.75 प्रतिशत और चम्बा जिले में सबसे कम 46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।

अन्य जिलों की बात करें तो बिलासपुर में 54.14 प्रतिशत, हमीरपुर में 55.60 प्रतिशत, कांगड़ा में 54.21 प्रतिशत, किन्नौर में 55.30 प्रतिशत, कुल्लू में 58.88 प्रतिशत, मंडी में 56.90 प्रतिशत, शिमला में 55.55 प्रतिशत, सिरमौर में 60.38 प्रतिशत, सोलन में 54.14 प्रतिशत और ऊना जिले में 58.11 प्रतिशत मतदान हुआ है।

हिमाचल प्रदेश में विश्व का सबसे ऊँचा मतदान केंद्र (पोलिंग बूथ) भी है। जहाँ 100 प्रतिशत मतदान कर इतिहास रचा गया है। दरअसल, टशीगंग में कुल 52 मतदाता हैं और सभी ने वोट डाला है।

बता दें, हिमाचल प्रदेश में 1977 में हुए विधानसभा चुनावों के बाद से कभी भी लगातार दो बार एक ही पार्टी की सरकार नहीं बनी है। यानी राज्य की जनता ने दुबारा किसी को भी मौका नहीं दिया है। हालाँकि, इस बार के विधानसभा चुनाव से पहले सामने आए ओपिनियन पोल देखने के बाद ऐसा लग रहा है कि एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन सकती है। भाजपा भी ऐसा ही दावा करती नजर आ रही है। जबकि, कॉन्ग्रेस नेताओं का दावा है कि उनकी पार्टी सत्ता में आ रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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