Homeराजनीतिमहाराष्ट्र में राजनीतिक लाभ के लिए 'जलती मस्जिद' और साजिश: उप-मुख्यमंत्री ने कहा -...

महाराष्ट्र में राजनीतिक लाभ के लिए ‘जलती मस्जिद’ और साजिश: उप-मुख्यमंत्री ने कहा – ‘त्रिपुरा का नाम लाना शर्मनाक’

''महाराष्ट्र के कुछ शहरों में त्रिपुरा का नाम लेकर हुई घटनाएँ हमारे लिए शर्मनाक हैं। लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए फर्जी खबरें, तस्वीरें फैलाकर त्रिपुरा की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।''

त्रिपुरा के उप-मुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा ने महाराष्ट्र के कुछ स्थानों पर हुई पथराव की घटनाओं की कड़ी निंदा की है। महाराष्ट्र में जो हिंसा-पथराव किया जा रहा है, उसको त्रिपुरा में ‘कथित सांप्रदायिक हिंसा’ के विरोध का नाम दिया जा रहा है। उप-मुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा ने इसे नॉर्थ-ईस्ट को बदनाम करने की साजिश बताया है।

त्रिपुरा में कथित सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं के विरोध में जिष्णु देव वर्मा ने शनिवार (14 नवंबर 2021) को सभी वर्ग के लोगों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, ”त्रिपुरा में एक धार्मिक समुदाय पर हमले की घटना अफवाह है। यहाँ कोई मस्जिद नहीं जलाई गई। सोशल मीडिया पर अन्य देशों की फर्जी तस्वीरें अपलोड करके त्रिपुरा को बदनाम किया जा रहा है।”

जिष्णु देव वर्मा ने कहा, ”महाराष्ट्र के कुछ शहरों में त्रिपुरा का नाम लेकर हुई घटनाएँ हमारे लिए शर्मनाक हैं। लोग अपने राजनीतिक लाभ के लिए फर्जी खबरें, तस्वीरें फैलाकर त्रिपुरा की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।”

रिपोर्ट के मुताबिक, अमरावती में पथराव की एक और घटना होने के बाद स्थानीय प्रशासन ने शनिवार को रात 10 बजे से अगले तीन दिनों के लिए इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया है। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चार दिन का कर्फ्यू भी लगाया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए धारा-144 भी लगा दी है।

बता दें कि अमरावती के हालात काफी नाजुक बने हुए हैं। इस मामले में 20 एफआईआर और 20 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को करीब 8,000 मुस्लिमों की भीड़ त्रिपुरा मामले में अमरावती के जिलाधिकारी कार्यालय को ज्ञापन सौंपने के लिए निकली थी।

बीजेपी नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र में उन्मादी मुस्लिमों की भीड़ द्वारा मचाए गए उत्पात की निंदा करते हुए शनिवार (13 नवंबर) को कहा, “त्रिपुरा में जो घटना ही नहीं घटी, उसको लेकर जिस तरह से महाराष्ट्र में दंगे हो रहे हैं, ये बिल्कुल गलत है। त्रिपुरा में जिस मस्जिद को जलाए जाने की अफवाह उड़ाई गई, वहाँ की पुलिस ने उस मस्जिद की फोटो जारी की है। इसके इलावा सोशल मीडिया पर सर्कुलेट की जा रही फेक फोटो का भी पर्दाफाश किया है।”

गौरतलब है कि त्रिपुरा में बीते दिनों हुई कथित घटना के विरोध में महाराष्ट्र के नांदेड़, अमरावती और मालेगाँव में 12 नवंबर को मुस्लिम संगठनों ने जमकर विरोध किया। इस बीच जबरन दुकानें बंद करवाई गईं और पुलिस पर भी पथराव किया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।

संभल की डेमोग्राफी: हिंदू 13 हजार से हुए 47 हजार, मुस्लिम 23 हजार से हो गए 1 लाख 71 हजार – मुस्लिम भीड़ की...

2011 की जनगणना के अनुसार संभल शहर की डेमोग्राफी 77.67% मुस्लिम आबादी जबकि हिंदू आबादी सिर्फ 22% वाली बताई गई है। वर्तमान में मुस्लिम 80% तक।
- विज्ञापन -