Friday, July 19, 2024
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अर्णब की गिरफ्तारी के विरोध में बैठे BJP विधायक को मुंबई पुलिस ने लिया हिरासत में, थाने में की भूख हड़ताल

भाजपा विधायक राम कदम ने ट्वीट कर लिखा है कि, "महाराष्ट्र सरकार की ओर से हम पर भूख हड़ताल तोड़ने के दबाव बनाया जा रहा है। मरीन ड्राइव पुलिस थाने में भूख हड़ताल जारी।"

भाजपा विधायक राम कदम शुक्रवार (6 नवंबर, 2020) को रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी के विरोध में महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ अनशन पर बैठे थे। मंत्रालय के आगे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेता राम कदम को मुंबई पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इस दौरान राम कदम ने अपने पद और दायित्व के बारे में बताते हुए पुलिस से कहा, “मैं विधायक हूँ और किसी चीज़ का विरोध करना और उसके खिलाफ अनशन करना मेरा अधिकार है।”

भाजपा विधायक ने पुलिस के इस रवैये को शर्मनाक बताते हुए कहा कि, हिरासत में लिया जाना मेरे अधिकार का हनन है। मुंबई पुलिस ने उन्हें मंत्रालय से उठा कर मरीन ड्राइव थाने ले गई। जिस पर राम कदम ने ट्वीट कर लिखा है कि, “महाराष्ट्र सरकार की ओर से हम पर भूख हड़ताल तोड़ने के दबाव बनाया जा रहा है। मरीन ड्राइव पुलिस थाने में भूख हड़ताल जारी”

उन्होंने एक और ट्वीट करते हुए बताया कि, “महाराष्ट्र सरकार ने मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में हमें डिटेन किया, भूख हड़ताल से रोका पर .. पुलिस स्टेशन में भी भूख हड़ताल जारी।” बता दें कि विरोध प्रदर्शन में उनके साथ सुशांत सिंह राजपूत के कोरियाग्राफर दोस्त गणेश हिवाड़कर भी मौजूद हैं।

मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर राम कदम ने कहा, “मैं कानून के अनुसार सभी नियमों का पालन कर रहा था, जब मैं यहाँ पर विरोध में बैठा था। मेरे साथ कोई भीड़ नहीं मौजूद थी। हम सिर्फ तीन लोग यहाँ बैठे थे। मैं पुलिस के खिलाफ विरोध नहीं कर रहा हूँ। यह सरकार डरी हुई है। कितनी आवाजें वे (सरकार) दबा सकते हैं?”

भाजपा विधायक ने आगे कहा, उच्च न्यायालय से अर्णब गोस्वामी को जमानत मिलने के बाद, मैं विधानसभा में वापस जाऊँगा और उन सभी मंत्रियों को मिठाई बाटूँगा, जो अर्णब की गिरफ्तारी पर हँस रहे थे।”

मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करते वक्त राम कदम ने रिपब्लिक भारत से बात करते हुए कहा कि अर्णब की गिरफ्तारी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पत्रकारिता पर हमला है। यह पत्रकारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी पर हमला है। उन्होंने कहा कि वो अर्णब गोस्वामी को तुरंत रिहा करने और बदले की भावना से उन पर लगाए गए आरोपों को खत्म करने, और उनके साथ बदसलूकी करने वाले 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की माँग करते हैं। इसके बाद पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लिया गया था।

गौरतलब है कि अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी के विरोध में बृहस्पतिवार को भाजपा के विधायक राम कदम ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। जिसके बाद कदम ने बताया कि, “महाराष्ट्र में ये तानाशाही ज्यादा नहीं चलेगी। अर्नब गोस्वामी कौन से आतंकवादी है, उनको गिरफ्तार करने के लिए एनकाउंटर स्पेशलिस्ट क्यों भेजा गया। महाराष्ट्र सरकार अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंट रही है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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