Homeराजनीतिकलकत्ता यूनिवर्सिटी के कर्मचारी का किया तबादला, ‘जय श्रीराम’ का लगाया था नारा

कलकत्ता यूनिवर्सिटी के कर्मचारी का किया तबादला, ‘जय श्रीराम’ का लगाया था नारा

‘‘मैं 6 साल से कुलपति के ऑफिस में काम कर रहा था। मैंने काफी लगन से काम किया। कुछ दिन पहले मैंने एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसमें मैंने जय श्रीराम का नारा लगाया था। लेकिन मैंने कोई क्राइम नहीं किया है।"

पश्चिम बंगाल में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाना एक अपराध बन चुका है, जिसके लिए सज़ा भी दी जाती है। ताज़ा मामला कलकत्ता यूनिवर्सिटी का है जहाँ एक कर्मचारी का तबादला सिर्फ़ इसलिए कर दिया गया क्योंकि उसने इंस्टीट्यूट में ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया था। ख़बर के अनुसार, पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद ने यह दावा किया है कि कलकत्ता यूनिवर्सिटी अथॉरिटी ने कॉलेज कैंपस के एक कर्मचारी का तबादला मात्र इस बात पर कर दिया क्योंकि उसने ‘जय श्रीराम’ का नारा लगाया था।

कर्मचारी परिषद ने इस संबंध में विश्वविद्यालय की कुलपति सोनाली चक्रवर्ती बनर्जी को एक प्रतिनियुक्ति सौंपी है। जानकारी के अनुसार, परिषद के सदस्य और नॉन टीचिंग स्टाफ़ प्रॉलोय दत्ता का तबादला स्ट्रीट कैंपस से नादिया ज़िले के हरिंगटा में कर दिया है।

प्रॉलोय दत्ता ने कहा:

‘‘मैं 6 साल से कुलपति के ऑफिस में काम कर रहा था। मैंने काफी लगन से काम किया। कुछ दिन पहले मैंने एक प्रदर्शन में हिस्सा लिया था, जिसमें मैंने जय श्रीराम का नारा लगाया था। अब मेरा तबादला हरिंगटा कर दिया गया है, जो मेरे घर से काफी दूर है। कुलपति को अपने कर्मचारी का तबादला करने का पूरा अधिकार है, लेकिन मैंने कोई क्राइम नहीं किया है। मैंने उनसे अनुरोध भी किया था कि मेरा तबादला कैंपस के पास ही कर दिया जाए।’’

इस मामले की ख़बर जब पश्चिम बंगाल यूनिवर्सिटी कर्मचारी परिषद तक पहुँची तो उन्होंने इसकी कड़ी निंदा करते हुए 31 मई को यूनिवर्सिटी परिसर में ही विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने महँगाई भत्ते की मंज़ूरी की माँग भी उठाई। विरोध-प्रदर्शन में ‘जय श्रीराम’ के नारे भी जमकर लगाए गए। पश्चिम बंगाल में ‘जय श्रीराम’ नारे को लेकर हर दिन बवाल होता रहता है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को यह नारा इतना नागवार गुज़रता है कि वो नारा लगाने वालों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई तक का निर्देश दे डालती हैं।

‘जय श्रीराम’ नारे को लेकर ममता बनर्जी की तिलमिलाहट आए दिन उजागर होती रहती है। हद तो तब हो गई जब ममता सरकार ने ख़ुफ़िया एजेंसियों को उन स्थानों का पता लगाने का आदेश दिया, जहाँ ममता बनर्जी को देखकर ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए जाते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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