Sunday, July 14, 2024
Homeदेश-समाजकर्नाटक CM सिद्दारमैया, पत्नी और साले के खिलाफ शिकायत दर्ज, सस्ती जमीन के बदले...

कर्नाटक CM सिद्दारमैया, पत्नी और साले के खिलाफ शिकायत दर्ज, सस्ती जमीन के बदले महँगी जमीन हथियाने का आरोप

इस शिकायत में सिद्दारमैया की पत्नी पर आरोप लगाया गया है कि उनके भाई ने 2004 में मैसुरु के केसारे गाँव में 3 एकड़ 16 गुंता जमीन खरीदी थी। उन्होंने यह जमीन बाद में सिद्दारमैया की पत्नी और अपनी बहन पार्वती को गिफ्ट में दे दी थी। शिकायत में आरोप है कि इस जमीन को फर्जी कागजों के सहारे लिया गया।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया, उनकी पत्नी और साले के खिलाफ पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई गई है। उनके खिलाफ यह मामला मैसुरु में जमीन घोटाला करने के आरोप में दर्ज करवाई गई है। उनके खिलाफ यह FIR स्नेहमयी कृष्णा ने दर्ज करवाई है।

इस शिकायत में सिद्दारमैया की पत्नी पर आरोप लगाया गया है कि उनके भाई ने 2004 में मैसुरु के केसारे गाँव में 3 एकड़ 16 गुंता जमीन खरीदी थी। उन्होंने यह जमीन बाद में सिद्दारमैया की पत्नी और अपनी बहन पार्वती को गिफ्ट में दे दी थी। शिकायत में आरोप है कि इस जमीन को फर्जी कागजों के सहारे लिया गया।

शिकायत में आरोप है कि इस जमीन के कागजों पर 2004 और 2010 के बीच पार्वती और उनके भाई मल्लिकार्जुन का नाम दिखता है, ऐसे में यह अवैध है। इसमें आरोप है कि इन कागजों के जरिए मैसुरु अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA) को करोड़ों को चूना लगाया। शिकायत में CM, उनकी पत्नी, मल्लिकार्जुन और कई प्रशासनिक अधिकारियों को आरोपित बनाया गया है।

शिकायतकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने कहा है कि उनकी शिकायत पर FIR नहीं दर्ज की है। इस मामले में SIT जाँच चल रही है। उन्होंने इस मामले में पुलिस से सात दिनों के भीतर जाँच करके मामला दर्ज करने की माँग की है। इस मामले में कृष्णा ने एक पत्र राज्य के राज्यपाल और चीफ सेक्रेटरी को भी पत्र लिखा है।

क्या है पूरा मामला?

यह पूरा मामला कर्नाटक के बड़े शहर मैसुरु में कई इलाकों के विकास के लिए लाई गई एक स्कीम से जुड़ा है। दरअसल, MUDA यह स्कीम लाई थी कि मैसुरु में जिन लोगों की जमीन अविकसित इलाकों में अधिग्रहित की जाएगी, उनको किसी विकसित इलाके में अधिग्रहित जमीन का आधा हिस्सा दिया जाएगा। इस स्कीम को 50:50 नाम दिया गया था। इसी स्कीम में घोटाले का आरोप है।

इसी स्कीम के तहत सिद्दारमैया की पत्नी के नाम पर दर्ज जमीन को MUDA ने अधिग्रहित किया और उसके बदले मैसुरु के एक रिहायशी महँगे इलाके विजयनगर में उसकी आधी जमीन अलग-अलग जगहों पर दे दी। आरोप है कि सिद्दारमैया की पत्नी की जमीन की कीमत उतनी नहीं थी जितने की जमीन उसके बदले में उनको मिली। ऐसा कई जमीनों के मामले में किया गया और इससे राज्य को कम से कम ₹4,000 करोड़ का नुकसान हुआ।

इस मामले में सिद्दारमैया ने अपना बचाव करते हुए बताया कि उनकी पत्नी की जमीन पर MUDA ने प्लाट बना कर बेचे और उसके बदले में जमीन उन्हें दी। उन्होंने तर्क दिया था कि क्या वह मुआवजे के हकदार नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्हें विजयनगर में जमीनें इसलिए मिली क्योंकि दूसरे इलाके में जमीने खाली नहीं थी।

भाजपा ने लगाया घोटाले का आरोप

इस मामले के सामने आने के बाद भाजपा लगातार सिद्दारमैया सरकार पर हमलावर है। भाजपा कर्नाटक अध्यक्ष बी वाई विजयेन्द्र ने इस मामले पर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री के चेहरे का नकाब उतर गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने प्रदेश की जनता को गलत जानकारी दी है। उनका आरोप है कि इस मामले में अपनी शक्ति का फायदा लेते हुए घोटाला किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से इस मामले में जवाब माँगा है।

भाजपा ने इस मामले में पूरे प्रदेश भर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। भाजपा ने कहा है कि इस मामले की CBI जाँच हो। हालाँकि, राज्य की सिद्दारमैया सरकार इस पर तैयार नहीं है। सिद्दारमैया ने इस मामले पर CBI जाँच करवाने से मना है। उन्होंने इस मामले की जाँच कर्नाटक पुलिस को ही देने का ऐलान किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जगन्नाथ मंदिर के ‘रत्न भंडार’ और ‘भीतरा कक्ष’ में क्या-क्या: RBI-ASI के लोगों के साथ सँपेरे भी तैनात, चाबियाँ खो जाने पर PM मोदी...

कहा जाता है कि इसकी चाबियाँ खो गई हैं, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सवाल उठाया था। राज्य में भाजपा की पहली बार जीत हुई है, वर्षों से यहाँ BJD की सरकार थी।

मांस-मछली से मुक्त हुआ गुजरात का पालिताना, इस्लाम और ईसाइयत से भी पुराना है इस शहर का इतिहास: जैन मंदिर शहर के नाम से...

शत्रुंजय पहाड़ियों की यह पवित्रता और शीर्ष पर स्थित धार्मिक मंदिर, साथ ही जैन धर्म का मूल सिद्धांत अहिंसा है जो पालिताना में मांस की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध लगाने की मांग का आधार बनता है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -