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हरियाणा सरकार और किसानों में समझौता, राकेश टिकैत बोले- प्रदर्शन खत्म: भावांतर से होगी सूरजमुखी पर भरपाई

किसानों और प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत सूरजमुखी की फसल 5000 रुपए प्रति क्विंटल पर बिकेगी। राज्य सरकार भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों के खाते में 1400 रुपए अलग से भेजेगी।

हरियाणा की बीजेपी सरकार और किसानों के बीच समझौता हो गया है। सूरजमुखी की MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर खरीद को लेकर सहमति बन गई है। गिरफ्तार किए गए किसान नेता भी रिहा होंगे। किसानों ने मंगलवार (13 जून, 2023) रात प्रदर्शन खत्म करने का ऐलान भी कर दिया।

किसान आंदोलन खत्म करने का ऐलान करते हुए BKU नेता राकेश टिकैत ने कहा है, “हमारा यह आंदोलन MSP पर खरीद शुरू करने के लिए था। हमने देश के प्रधानमंत्री द्वारा तय किए गए रेट माँगे थे। यह लड़ाई देश के प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री के बीच थी। हमारी MSP पर लड़ाई पूरे देश में होगी। हम प्रधानमंत्री को आगे रखेंगे, जो प्रधानमंत्री का रेट है वो हर राज्य को देना पड़ेगा। MSP गारंटी कानून के लिए बड़े आंदोलन की जरूरत पड़ेगी। बड़े आंदोलन की शुरुआत यहाँ से हो गई है।”

टिकैत ने आगे कहा है, “यहाँ से सभी जाम खुल जाएगा। कोर्ट की प्रक्रिया के बाद गिरफ्तार किए गए लोग 1-2 दिन में बाहर आ जाएँगे। सरकार ने केस वापसी की बात कही है। यह आंदोलन समाप्त हुआ है। MSP के साथ ही स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट पर भी बड़ा आंदोलन होगा। इस आंदोलन की समाप्ति एक समझौता है।”

कुरुक्षेत्र के DC शांतनु शर्मा ने मंगलवार (13 जून, 2023) को कहा, “कुछ दिनों पहले 4800 रुपए में सूरजमुखी की फसल खरीदने का काम शुरू हुआ था। आज का रेट 4900 रुपए हो गया है। हमें इस रेट को तत्काल 5000 करने का आदेश मिला है। हरियाणा सरकार किसानों के हित को सर्वोपरि रखती है और हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी। सरकार आगे भी या तो रेट बढ़ाकर या भावांतर से उचित मूल्य देने का काम करेगी।”

भावांतर से ₹1400 देगी सरकार

बता दें कि आंदोलन की समाप्ति को लेकर मंगलवार (13 जून, 2023) को किसान यूनियन और कुरुक्षेत्र प्रशासन के बीच बैठक हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से DC शांतनु शर्मा बातचीत के लिए पहुँचे थे। इस दौरान किसानों को सूरजमुखी के लिए 6400 रुपए प्रति क्विंटल देने के लिए हामी भरी गई। किसानों और प्रशासन के बीच हुए समझौते के तहत सूरजमुखी की फसल 5000 रुपए प्रति क्विंटल पर बिकेगी। राज्य सरकार भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों के खाते में 1400 रुपए अलग से भेजेगी। राज्य सरकार के फैसले के बाद किसानों ने आतिशबाजी कर जश्न मनाया।

6 जून से शुरू हुआ था आंदोलन

बता दें कि 6 जून 2023 को भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व मे शाहाबाद के पास किसानों ने आंदोलन शुरू हुआ था। इस दौरान MSP की माँग कर रहे किसानों ने नेशनल हाईवे जाम कर दिया था। आंदोलनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार की थी। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई थी। 

झड़प के बाद गुरुनाम सिंह चढूनी समेत 9 लोगों को दंगा समेत अन्य धाराओं में गिरफ्तार किया गया। इसके बाद किसान नेताओं ने सोमवार (12 जून, 2023) को कुरुक्षेत्र के पीपली में नेशनल हाइवे जाम कर दिया था। प्रशासन और किसानों के बीच बनी सहमति के बाद यह जाम खुल गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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