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पूर्व CM जगन मोहन रेड्डी पर चलेगा हत्या के प्रयास का मामला: TDP विधायक की शिकायत पर आंध्र प्रदेश पुलिस ने दर्ज की FIR, 2 पुलिस अधिकारी भी लपेटे में

TDP विधायक रघु राम कृष्णम राजू ने गुंटूर में यह FIR दर्ज करवाई है। राजू पहले नरसापुरम लोकसभा सीट से YSRCP से सांसद थे। उनका आरोप है कि राज्य CID ने उन्हें गिरफ्तार कर उनके साथ बदसलूकी की थी।

YSR कॉन्ग्रेस पार्टी के मुखिया और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई है। उन पर हत्या के प्रयास के मामले में यह FIR दर्ज हुई है। उन पर यह FIR सत्ताधारी TDP के एक विधायक ने दर्ज करवाई है। उनके साथ कुछ पुलिस अफसरों के नाम भी इस FIR में दर्ज किए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, TDP विधायक रघु राम कृष्णम राजू ने गुंटूर में यह FIR दर्ज करवाई है। राजू पहले नरसापुरम लोकसभा सीट से YSRCP से सांसद थे। उनका आरोप है कि राज्य CID ने उन्हें गिरफ्तार कर उनके साथ बदसलूकी की थी। उनका आरोप है कि यह सब कुछ तत्कालीन मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के कहने पर हुआ।

राजू ने इस मामले में राज्य के पुलिस खुफिया विभाग के पूर्व मुखिया PSR अंजनायेलु और CID के ASP जी पर्भवती को भी आरोपित बनाया है। MLA राजू का आरोप है कि उन्हें 2021 में गिरफ्तार किया गया था और बिना कोई ट्रांजिट वारंट के CID द्वारा गुंटूर ले जाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि यहाँ उनके साथ पुलिस अफसरों ने मारपीट की।

उन्हें चमड़े की बेल्ट और लाठियों से पीटा गया और उन्हें दवाइयाँ भी नहीं लेने दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनका मोबाइल ले लिया और उसे जबरदस्ती खुलवाया। इसके अलावा उन्हें जान से मारने की धमकी भी पुलिस अधिकारियों ने दी।

अब इस शिकायत के आधार पुलिस अधिकारियों के साथ ही पूर्व CM जगन मोहन रेड्डी को आरोपित बनाते हुए पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस FIR में हत्या के प्रयास, षड्यंत्र रचने, मारपीट समेत कई धाराएँ लगाई गई हैं।

गौरतलब है कि राम कृष्ण राजू 2018 में भाजपा छोड़ कर YSRCP में शामिल हुए थे। 2019 लोकसभा चुनाव में राजू को YSRCP ने नरसापुरम लोकसभा सीट से टिकट दिया था। वह यह सीट TDP उम्मीदवार को हरा कर जीत भी गए थे। हालाँकि, सांसद बनने के बाद उनके रिश्ते YSRCP और जगन मोहन रेड्डी से बिगड़ गए।

उनके कुछ बयान भी सामने आए थे जहाँ उन्होंने YSRCP मुखिया की आलोचना की थी। इसके बाद उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज कर उन्हें मई, 2021 में गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी, जहाँ से उन्हें जमानत मिली थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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