Tuesday, November 24, 2020
Home राजनीति जिसके खून से इंदिरा को खत लिखा वो भी अकेला, जिसने राहुल की राफेल...

जिसके खून से इंदिरा को खत लिखा वो भी अकेला, जिसने राहुल की राफेल नहीं उड़ाई वो भी बेगाना

बहरुल इस्लाम से लेकर रंगनाथ मिश्रा तक उदाहरण भरे पड़े हैं कॉन्ग्रेसी राज के। लेकिन, गोगोई पर रंगनाथ मिश्रा की तरह सिख दंगा पीड़ितों की बात नहीं सुनने का आरोप नहीं है। परिवार के प्रति उनकी वफादारी बहरुल इस्लाम जैसी नहीं है। इसलिए, गोगोई उन्हें खटकते हैं।

आपने अनिल पाठक का नाम सुना है। शायद नहीं। वे इस वक्त पटना के इंदिरा गॉंधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में डायलिसिस से अपनी खून साफ करवाकर जिंदा रहने की कोशिश कर रहे हैं। गुमनाम से पाठक सन् 80 में पहली बार चर्चा में आए थे। बिहार के कॉन्ग्रेसियों ने उनके खून से चिट्ठी लिखकर इंदिरा गॉंधी को अपनी वफादारी साबित की थी। कालांतर में पाठक दूसरे दलों में रहे। कुछ साल नीतीश कुमार के भी करीब रहे। लेकिन, आज जीवन की लड़ाई अकेले लड़ रहे हैं।

इस घटना के कुछ साल बाद ही सन् 82 में करीब दो महीने के लिए कॉन्ग्रेस असम में एक शख्स को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बिठाती है। नाम: केशब चंद्र गोगोई। पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के पिता। गुरुवार यानी 19 मार्च 2020 को जब पूर्व सीजेआई गोगोई राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ लेने पहुँचे तो विपक्षी सदस्यों ने उच्च सदन में हंगामा किया। शेम-शेम के नारे लगाए। सदन से वॉक आउट किया। 

गोगोई से विपक्ष की नाराजगी को समझने से पहले 1998 में आई फिल्म चाइना गेट के विलेन जागीरा का एक डायलॉग सुनते हैं;

आगे बढ़ते हैं। ऐसा नहीं है कि रंजन गोगोई से कॉन्ग्रेस, लिबरलों और सेकुलरों को पुरानी चिढ़ है। ये बीमारी नई है। 12 जनवरी 2018 को एक ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखने के बाद तो गोगोई इस जमात की आँखों के तारे थे। उनकी चिंता में पूरा जमात दुबला हुआ जा रहा था। आशंका जता रहा था कि नंबर होने के बावजूद उन्हें देश का अगला मुख्य न्यायाधीश नहीं बनने दिया जाएगा। उनके सीजेआई बनने पर कॉन्ग्रेस के इस ट्वीट पर गौर करिए;

फिर ऐसा क्या हुआ कि गोगोई से आज इतनी चिढ़ है? असल, गोगोई के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण फैसले हुए। राफेल से लेकर अयोध्या मामले तक। लेकिन, इसमें से किसी भी फैसले से जमात को ‘इंसाफ’ होता नहीं दिखा, क्योंकि उनके लिए न्याय का मतलब कानून की किताब से फैसला नहीं है। उनके लिए जस्टिस का मतलब है उनकी मर्जी के अनुसार फैसला। उन्हें उम्मीद थी कि गोगोई मोदी सरकार को कुचल देंगे। लेकिन, उन्होंने अदालत के सामने मौजूद तथ्यों के अनुसार फैसला दिया। उन्हें उम्मीद थी कि गोगोई कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गॉंधी को आम चुनावों में राफेल में उड़ान भरने के लिए ईंधन देंगे, लेकिन उन्होंने शीर्ष अदालत का गलत हवाला देने की वजह से गॉंधी परिवार के चिराग को तलब कर लिया। माफी मॉंगने के बाद ही छोड़ा। वे उम्मीद कर रहे थे कि गोगोई की अगुवाई वाला पीठ अयोध्या से रामलला को बेदखल करने की नेहरू की लाइन पर चलेगा। लेकिन, उन्होंने पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पर फैसला दे दिया।

बात बस इतनी सी है। वरना न तो राष्ट्रपति ने पहली बार राज्यसभा के लिए किसी को मनोनीत किया और न ही पहली बार कोई पूर्व मुख्य न्यायाधीश संसद के उच्च सदन में पहुॅंचा है। बहरुल इस्लाम से लेकर रंगनाथ मिश्रा तक ऐसे कई उदाहरण आपको मिल जाएँगे। सबके सब कॉन्ग्रेसी राज के। लेकिन, गोगोई पर रंगनाथ मिश्रा की तरह सिख दंगा पीड़ितों की बात नहीं सुनने का आरोप नहीं है। परिवार के प्रति उनकी वफादारी बहरुल इस्लाम जैसी नहीं है। इसलिए, गोगोई उन्हें खटकते हैं।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त को कैबिनेट मंत्री, पूर्व जज को उपराष्ट्रपति, राज्यपाल तक बनाने वाली कॉन्ग्रेस को असल में राज्यसभा में मनोनयन को भी उसकी तरह रेवड़ी की तरह बॉंटने की आदत रही है, जैसे उसने पद्म पुरस्कारों समेत तमाम सम्मान में दिखाया है। उसे न तो इन पुरस्कारों का समान भारतीय की दहलीज तक पहुॅंचना बर्दाश्त है, न उच्च सदन में न्यायपालिका की ऐसी आवाज का पहुॅंचना जो खम ठोंक कहता हो- राष्ट्रपति द्वारा मुझे राज्यसभा भेजने के इस फैसले को मैं स्वीकार करता हूँ। यह एक अवसर है, जहाँ से मैं चौथे स्तंभ का पक्ष और उनकी बातों को संसद में रख सकता हूँ। वहीं संसद की बात को भी न्यायपालिका के सामने रखने का मौका है। जब उनसे पूछा जाता है कि क्या वह भाजपा में जाएँगे? तो उनका जवाब होता है- इसका कोई सवाल ही नहीं उठता।

ऐसा नहीं है कि लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों को कॉन्ग्रेस केवल गोगोई के मामले में कुचलने की कोशिश कर रही है। हर जगह, हर मौके पर ऐसा करना उसकी आदत में शुमार है। मध्य प्रदेश का सियासी ड्रामा इससे अलग नहीं है। 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कॉन्ग्रेस सरकार बहुमत खो चुकी है। इस बात को बखूबी जानते हुए भी वह तीन-तिकड़म में लगी है। वरना, जो नियम इन 22 में से 6 के इस्तीफे स्वीकार करने की इजाजत विधानसभा के स्पीकर को देता है, वही अन्य 16 के इस्तीफे स्वीकार करने में कैसे आड़े आ रहा है?

इसलिए, कॉन्ग्रेस को मजबूत करना लोकतंत्र के लिए जरूरी है, जैसे तर्क बेमानी हैं। असल में कॉन्ग्रेस एक बीमारी है। इससे देश को जितनी जल्दी निजात मिल जाए उतना बेहतर। देश रहेगा तो लोकतंत्र भी बचेगा और संविधान भी। कोशिश तो ये उसे भी कुचलने की कर चुके हैं। लेकिन, उस वक्त विपक्ष के तौर पर जनता खड़ी हुई और लोकतंत्र का सूरज आपातकाल की कैद से निकला। सो, खुद विपक्ष बनिए। लोकतंत्र की आवाज बनिए। इस बीमारी के भरोसे लोकतंत्र को मजबूत करने के बेतुके तर्कों से निकलिए। अब फिर से जागीरा के डॉयलॉग को याद करिए। क्या जमात आपसे कह रही है- जनादेश तो तुम दे दोगे, पर कमीनापन कहॉं से लाओगे…

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

43 चायनीज Apps को किया गया बैन: चीन पर चोट, कुल 267 पर चला डिप्लोमैटिक डंडा

भारत सरकार ने 43 मोबाइल ऐप्स पर पाबंदी लगा दी है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत सरकार ने 43 मोबाइल ऐप पर...

अर्णब की गिरफ्तारी से पहले अन्वय नाइक मामला: क्यों उठते हैं माँ-बेटी की मंशा पर सवाल? कब-कब क्या हुआ, जानिए सब कुछ

ऑपइंडिया ने इस मामले में दोनों पक्षों के बीच साझा किए गए पत्रों को एक्सेस किया और यह जाना कि यह मामला उतना सुलझा नहीं है जितना लग रहा है। पढ़िए क्या है पूरा मामला?

वैक्सीन को लेकर जल्द शुरू होगा बड़ा टीकाकरण अभियान, प्रखंड स्तर तक पर भी टास्क फोर्स का हो गठन: PM मोदी

पीएम मोदी ने बताया कि देश में इतना बड़ा टीकाकरण अभियान ठीक से हो, सिस्टेमेटिक और सही प्रकार से चलने वाला हो, ये केंद्र और राज्य सरकार सभी की जिम्मेदारी है।
00:59:39

लव जिहाद पर रवीश की बकैती, अर्णब से सौतिया डाह: अजीत भारती का वीडियो | Ravish equates Love Jihad to love marriage

रवीश कुमार ने कहा कि भारतीय समाज प्रेम विरोधी है। हालाँकि, रवीश कुमार ने ये नहीं बताया कि उन्होंने यह बातें किस आधार पर कही।

‘सलामत अंसारी और प्रियंका हमारे लिए हिन्दू-मुस्लिम नहीं, वो साथ रह सकते हैं’ – इलाहाबाद HC

उत्तर प्रदेश में 'ग्रूमिंग जिहाद' के खिलाफ क़ानून बनाने के लिए चल रही योगी सरकार की तैयारियों के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है।

‘बलूचिस्तान को कश्मीर बना रहे हैं भारतीय NSA, वो गंदा युद्ध लड़ रहे’: अजीत डोभाल के खिलाफ Pak में भय का माहौल

पाकिस्तान में भी अजीत डोभाल को लेकर भय का माहौल बन गया है। वहाँ के पूर्व सैन्य अधिकारी ने दावा किया कि अजीत डोभाल 'गंदे हथकंडे' अपना रहे हैं।

प्रचलित ख़बरें

‘मुस्लिमों ने छठ में व्रती महिलाओं का कपड़े बदलते वीडियो बनाया, घाट पर मल-मूत्र त्यागा, सब तोड़ डाला’ – कटिहार की घटना

बिहार का कटिहार मुस्लिम बहुत सीमांचल का हिस्सा है, जिसकी सीमाएँ पश्चिम बंगाल से लगती हैं। वहाँ के छठ घाट को तहस-नहस कर दिया गया।

बहन से छेड़खानी करता था ड्राइवर मुश्ताक, भाई गोलू और गुड्डू ने कुल्हाड़ी से काट डाला: खुद को किया पुलिस के हवाले

गोलू और गुड्डू शाम के वक्त मुश्ताक के घर पहुँच गए। दोनों ने मुश्ताक को उसके घर से घसीट कर बाहर निकाला और जम कर पीटा, फिर उन्होंने...

‘हिन्दुस्तान की शपथ नहीं लूँगा’: बिहार की विधानसभा में पहुँचते ही ओवैसी के MLA दिखाने लगे रंग

जैसे ही सदस्यता की शपथ के लिए AIMIM विधायक का नाम पुकारा गया, उन्होंने शपथ पत्र में लिखा ‘हिन्दुस्तान’ शब्द बोलने से मना कर दिया और...

‘मेरे पास वकील रखने के लिए रुपए नहीं हैं’: सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सैन्य अधिकारी की पत्नी से हरीश साल्वे ने कहा- ‘मैं हूँ...

साल्वे ने अर्णब गोस्वामी का केस लड़ने के लिए रिपब्लिक न्यूज नेटवर्क से 1 रुपया भी नहीं लिया। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उन्होंने कुलभूषण जाधव का केस भी मात्र 1 रुपए में लड़ा था।

रहीम ने अर्जुन बनकर हिंदू विधवा से बनाए 5 दिन शारीरिक संबंध, बाद में कहा- ‘इस्लाम कबूलो तब करूँगा शादी’

जब शादी की कोई बात किए बिना अर्जुन (रहीम) महिला के घर से जाने लगा तो पीड़िता ने दबाव बनाया। इसके बाद रहीम ने अपनी सच्चाई बता...

इतिहास में गुम हैं मुगलों को 17 बार हराने वाले अहोम योद्धा: देश भूल गया ब्रह्मपुत्र के इन बेटों को

राजपूतों और मराठों की तरह कोई और भी था, जिसने मुगलों को न सिर्फ़ नाकों चने चबवाए बल्कि उन्हें खदेड़ कर भगाया। असम के उन योद्धाओं को राष्ट्रीय पहचान नहीं मिल पाई, जिन्होंने जलयुद्ध का ऐसा नमूना पेश किया कि औरंगज़ेब तक हिल उठा। आइए, चलते हैं पूर्व में।
- विज्ञापन -

43 चायनीज Apps को किया गया बैन: चीन पर चोट, कुल 267 पर चला डिप्लोमैटिक डंडा

भारत सरकार ने 43 मोबाइल ऐप्स पर पाबंदी लगा दी है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत सरकार ने 43 मोबाइल ऐप पर...

अर्णब की गिरफ्तारी से पहले अन्वय नाइक मामला: क्यों उठते हैं माँ-बेटी की मंशा पर सवाल? कब-कब क्या हुआ, जानिए सब कुछ

ऑपइंडिया ने इस मामले में दोनों पक्षों के बीच साझा किए गए पत्रों को एक्सेस किया और यह जाना कि यह मामला उतना सुलझा नहीं है जितना लग रहा है। पढ़िए क्या है पूरा मामला?

शाहिद जेल से बाहर आते ही ’15 साल’ की लड़की को फिर से ले भागा, अलग-अलग धर्म के कारण मामला संवेदनशील

उम्र पर तकनीकी झोल के कारण न तो फिर से पाक्सो एक्ट की धाराएँ लगाई गईं और न ही अभी तक शाहिद या भगाई गई लड़की का ही कुछ पता चला...

वैक्सीन को लेकर जल्द शुरू होगा बड़ा टीकाकरण अभियान, प्रखंड स्तर तक पर भी टास्क फोर्स का हो गठन: PM मोदी

पीएम मोदी ने बताया कि देश में इतना बड़ा टीकाकरण अभियान ठीक से हो, सिस्टेमेटिक और सही प्रकार से चलने वाला हो, ये केंद्र और राज्य सरकार सभी की जिम्मेदारी है।

कंगना को मुँह तोड़ने की धमकी देने वाले शिवसेना MLA के 10 ठिकानों पर ED की छापेमारी: वित्तीय अनियमितता का आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक के आवास और दफ्तर पर छापेमारी की। यह छापेमारी सरनाईक के मुंबई और ठाणे के 10 ठिकानों पर की गई।
00:59:39

लव जिहाद पर रवीश की बकैती, अर्णब से सौतिया डाह: अजीत भारती का वीडियो | Ravish equates Love Jihad to love marriage

रवीश कुमार ने कहा कि भारतीय समाज प्रेम विरोधी है। हालाँकि, रवीश कुमार ने ये नहीं बताया कि उन्होंने यह बातें किस आधार पर कही।

‘मेरे पास वकील रखने के लिए रुपए नहीं हैं’: सुप्रीम कोर्ट में पूर्व सैन्य अधिकारी की पत्नी से हरीश साल्वे ने कहा- ‘मैं हूँ...

साल्वे ने अर्णब गोस्वामी का केस लड़ने के लिए रिपब्लिक न्यूज नेटवर्क से 1 रुपया भी नहीं लिया। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में उन्होंने कुलभूषण जाधव का केस भी मात्र 1 रुपए में लड़ा था।

‘सलामत अंसारी और प्रियंका हमारे लिए हिन्दू-मुस्लिम नहीं, वो साथ रह सकते हैं’ – इलाहाबाद HC

उत्तर प्रदेश में 'ग्रूमिंग जिहाद' के खिलाफ क़ानून बनाने के लिए चल रही योगी सरकार की तैयारियों के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है।

‘बलूचिस्तान को कश्मीर बना रहे हैं भारतीय NSA, वो गंदा युद्ध लड़ रहे’: अजीत डोभाल के खिलाफ Pak में भय का माहौल

पाकिस्तान में भी अजीत डोभाल को लेकर भय का माहौल बन गया है। वहाँ के पूर्व सैन्य अधिकारी ने दावा किया कि अजीत डोभाल 'गंदे हथकंडे' अपना रहे हैं।

चीन और पाकिस्तान के लिए बुरी खबर: जो बायडेन ने भारत के पुराने मित्र को बनाया अमेरिका का नया विदेश मंत्री

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बायडेन ने अपनी टीम के गठन की प्रक्रिया शुरू करते हुए एंटोनी ब्लिंकेन को 'सेक्रेटरी ऑफ स्टेट' बनाया है।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,348FollowersFollow
357,000SubscribersSubscribe