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‘ई तो सरकार का पिट्ठू था, जज हईए नहीं था’: 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद तिलमिलाए अनंत सिंह

“ई तो सरकार का पिट्ठू था, ई जज हईए नहीं था। ई क्लर्क था। हमको कोर्ट पर, न्याय पर भरोसा है। सर्वोच्च न्यायालय पर भरोसा है। हम सुप्रीम कोर्ट तक जाएँगे, हाई कोर्ट तक जाएँगे।”

बिहार के बाहुबली नेता और RJD के पूर्व विधायक अनंत कुमार सिंह को एक और मामले में कठोर सजा सुनाई गई है। अनंत कुमार सिंह को एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट ने गुरुवार (21 जुलाई 2022) को यह सजा दी है। कोर्ट ने उन्हें सरकारी आवास से विस्फोटक हथियारों की बरामदगी के मामले में आरोपित ठहराते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा दी है। कोर्ट का फैसला आने के बाद अनंत सिंह तिलमिला गए हैं। उन्होंने फैसले पर सवाल खड़ा करते हुए जज को सरकार का आदमी बताया। जबकि अनंत सिंह ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा जताया।

इसका एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वह पुलिस की गाड़ी में जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान कुछ मीडियाकर्मी उनसे सवाल करते हैं। वीडियो में रिपोर्टर उनसे कहता है कि उन्हें 10 साल की सजा हुई है। क्या वह इस मामले में अपील करेंगे? इस पर अनंत सिंह ने कहा, “हाँ, जरूर करेंगे।” जब उनसे पूछा गया कि उन्हें क्या लगता है कि जानबूझ कर फँसाया गया है, तो वह कहते हैं, “ई तो सरकार का पिट्ठू था, ई जज हईए नहीं था। ई क्लर्क था। हमको कोर्ट पर, न्याय पर भरोसा है। सर्वोच्च न्यायालय पर भरोसा है। हम सुप्रीम कोर्ट तक जाएँगे, हाई कोर्ट तक जाएँगे।”

क्या है मामला?

मामला साल 2015 का है। तब बाढ़ में पुटुस यादव नाम के एक युवक की हत्या के मामले में अनंत सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद तत्कालीन पटना एसएपी विकास वैभव के नेतृत्व में पटना स्थित सरकारी आवास पर घंटों तलाशी ली गई थी। इस दौरान अनंत सिंह के आवास से इंसास रायफल की छह खाली मैगजीन, बुलेटप्रूफ जैकेट समेत कई चीजें मिली थी। इसके बाद अनंत सिंह को गिरफ्तार भी किया गया था। इसी मामले में अब कोर्ट ने उन्हें दोषी करार दिया है और 10 साल की सजा सुनाई 

AK-47 बरामदगी मामले में चली गई है विधायकी

हाल में ही AK-47 राइफल और हैंड ग्रेनेड बरामदगी मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने अनंत सिंह के खिलाफ सुनवाई करते हुए उन्‍हें 10 साल कैद की सजा सुनाई थी। सजा के ऐलान के बाद उनकी विधायकी चली गई। विधानसभा सचिवालय ने अनंत सिंह की सदस्यता खत्म करने का आदेश जारी किया था।

बता दें कि 16 अगस्त 2019 को अनंत सिंह के पैतृक गाँव लदमा में तत्कालीन एसपी लिपि सिंह के नेतृत्व में छापेमारी की गई थी। इस छापेमारी के दौरान अनंत सिंह के घर से एके 47 राइफल, जिंदा कारतूस और हैंड ग्रेनेड बरामद हुए थे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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