Homeराजनीतिसरकारी नियंत्रण से मुक्त होंगे कर्नाटक के हिन्दू मंदिर, खुद ही करेंगे अपने बजट...

सरकारी नियंत्रण से मुक्त होंगे कर्नाटक के हिन्दू मंदिर, खुद ही करेंगे अपने बजट का इस्तेमाल: CM बोम्मई का ऐतिहासिक ऐलान

उन्होंने ऐलान किया बजट सत्र से पहले ही हिन्दू मंदिरों को इन पाबंदियों से मुक्त करने के लिए कदम उठाए जाएँगे। मंदिरों को स्वतंत्रता से संचालन के लिए सुविधा दी जाएगी और केवल अधिनियम ही रहेंगे।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बड़ा ऐलान करते हुए राज्य के हिन्दू मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने का निर्णय लिया है। राज्य में धर्मांतरण के खिलाफ आए बिल के लिए वहाँ की भाजपा सरकार पहले से ही चर्चा में है। अब राज्य सरकार ने ऐलान किया है कि हिन्दू मंदिरों को लेकर जो ताज़ा कानून हैं, उनमें अगले बजट के दौरान बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार (29 दिसंबर, 2021) को इस सम्बन्ध में ऐलान किया।

फ़िलहाल जो नियम-कानून हैं, उसके हिसाब से मंदिरों को अपने विकास के लिए अपनी आय का उपयोग करने के लिए सरकारी की अनुमति लेनी होती है। खुद मुख्यमंत्री बोम्मई ने स्वीकार किया कि हिन्दू मंदिर फ़िलहाल अलग-अलग सरकारी नियम-कानून के दायरे में हैं, जिसके द्वारा उन पर सरकार का नियंत्रण है। उन्होंने ऐलान किया बजट सत्र से पहले ही हिन्दू मंदिरों को इन पाबंदियों से मुक्त करने के लिए कदम उठाए जाएँगे। मंदिरों को स्वतंत्रता से संचालन के लिए सुविधा दी जाएगी और केवल अधिनियम ही रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वरिष्ठों ने जानकारी दी है कि अन्य मजहबों के धर्मस्थल अलग कानून के हिसाब से सुरक्षित हैं और उन्हें स्वतंत्रता से संचालन की अनुमति है। कर्नाटक में भाजपा का 2 दिवसीय भाजपा एग्जीक्यूटिव कमिटी की बैठक का आयोजन किया गया था, जिसके समापन के दौरान सीएम बोम्मई ने ये बातें कही। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के विरुद्ध बिल सिर्फ एक कानून ही नहीं बनेगा, बल्कि इसे ठीक से लागू करने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स का भी गठन किया जाएगा।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सिद्दारमैया ने घोषणा की है कि अगर राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार बनती है तो उसके एक महीने के भीतर ही इस धर्मांतरण विरोधी कानून को रद्द कर दिया जाएगा। सीएम बोम्मई ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सिद्दारमैया का सपना कभी पूरा नहीं होगा, क्योंकि कॉन्ग्रेस सत्ता में आएगी ही नहीं। उन्होंने कहा कि सभी को अपने धर्म के पालन का अधिकार है और ये कानून यथावत बना रहेगा। कोप्पल जिले में स्थित अंजनाद्रि पहाड़ी और मंदिर का विकास भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

राष्ट्रीय हितों की अनदेखी, मुस्लिम तुष्टिकरण पर जोर: गाँधी परिवार की चाहत- इजरायल को छोड़ फिलिस्तीन का समर्थन करे मोदी सरकार, अखबारी लेख में...

भाजपा का आरोप है कि कॉन्ग्रेस विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी वोट-बैंक की राजनीति कर भारत की वैश्विक छवि कमजोर करती है।

जब भगवान पड़ते हैं बीमार… पुरी की जगन्नाथ परंपरा में 15 दिनों तक बंद हो जाते हैं मंदिर के द्वार: जानें भक्त-भगवान के इस...

पुरी में देव स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ के बीमार होने, अनसर गृह में विश्राम, गुप्त सेवा और रथयात्रा से जुड़ी अनोखी सनातन परंपरा।
- विज्ञापन -