HomeराजनीतिCM सिद्दारमैया की पत्नी को मैसूर के पॉश इलाके में मिली सरकारी जमीन, इधर...

CM सिद्दारमैया की पत्नी को मैसूर के पॉश इलाके में मिली सरकारी जमीन, इधर DK शिवकुमार को प्रदेश अध्यक्ष से हटाने के लिए गुटबाजी शुरू

उन्होंने पूछा कि क्या हमें अपनी जमीन के बदले जमीन नहीं मिलनी चाहिए? उनका कहना है कि इसके बदले अलग-अलग इलाकों में इसके आधी माप की जमीन MUDA ने उनकी पत्नी के नाम की है।

कर्नाटक की सत्ताधारी पार्टी में कलह के कारण सब कुछ ठीक नहीं है, ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं। उधर भाजपा ने आरोप लगाया है कि ‘मैसूर अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MUDA)’ ने मुख्यमंत्री सिद्दावामैया की पत्नी पार्वती को एक पॉश इलाके में अवैध रूप से जमीन उपलब्ध कराई है। बता दें कि पार्वती के नाम पर स्थित 4 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था, जिसके एवज में उन्हें वैकल्पिक जमीन उपलब्ध कराई गई है। भाजपा का कहना है कि उन्हें दी गई जमीन की कीमत अधिग्रहित जमीन से कई गुना अधिक है।

वहीं CM सिद्दारमैया का कहना है कि ’50:50 अनुपात’ वाले नियम के तहत उनकी पत्नी को वैकल्पिक जमीन मिलनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ये नियम पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने ही बनाया था। इस योजना के तहत अगर किसी व्यक्ति की 1 एकड़ अविकसित इलाके में स्थित जमीन का अधिग्रहण किया जाता है तो उसे आधा एकड़ जमीन विकसित इलाके में दी जाती है। वहीं नेता प्रतिपक्ष R अशोक ने सिद्दारमैया की पत्नी को जमीन दिए जाने को अवैध बताया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब ये मामला प्रकाश में आया तो अधिकारियों को निलंबित किए जाने की बजाए उन्हें स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि CBI या रिटायर्ड जज की जगह 2 IAS अधिकारियों को जाँच सौंपी गई है। सिद्दारमैया ने बताया कि उनके साले मल्लिकार्जुन ने 3 एकड़ 36 गुंटा जमीन 1996 में खरीदी थी और अपनी बहन, यानी सीएम की पत्नी को गिफ्ट की थी। एक एकड़ में 40 गुंटा होते हैं। MUDA ने प्लॉट बना-बना कर इस जमीन को बेचा।

मुख्यमंत्री का कहना है कि उनकी पत्नी की जमीन ले ली गई। उन्होंने पूछा कि क्या हमें अपनी जमीन के बदले जमीन नहीं मिलनी चाहिए? उनका कहना है कि इसके बदले अलग-अलग इलाकों में इसके आधी माप की जमीन MUDA ने उनकी पत्नी के नाम की है। एक पैनल बना कर 15 दिन में जाँच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। उधर डिप्टी सीएम DK शिवकुमार ने कर्नाटक में बतौर कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष 4 साल पूरे कर लिए हैं। कोरोना महामारी के दौरान उन्हें KPPC की कमान सौंपी गई थी।

अब मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के खेमे के नेताओं का कहना है कि अब प्रदेश अध्यक्ष बदला जाना चाहिए। गृह मंत्री G परमेश्वर का कहना है कि इस माँग में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार कई पदों पर हैं। उनकी शक्तियाँ कम करने के लिए एक से अधिक उप-मुख्यमंत्री नियुक्त करने की माँग भी की जा रही है। वहीं DK शिवकुमार के गुट के नेता कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री को बदला जाना चाहिए। शिवकुमार ने पार्टी नेताओं की एक बैठक में कहा कि वो झुकने वाले नहीं हैं।

वोक्कालिंगा समाज के इलाकों में लोकसभा चुनाव 2024 में कॉन्ग्रेस की फजीहत के बाद DK शिवकुमार को बदले जाने की मॉंग हो रही है क्योंकि वो इसी समाज से आते हैं। उनके विरोधियों का कहना है कि अब SC-ST वर्ग से आने वाले नेताओं को मौका मिलना चाहिए। KN राजन्ना, सतीश जर्कीहोली और MB पाटिल जैसे मंत्रियों के अलावा विधायक विनय कुलकर्णी भी इस पद के दावेदार हैं। वहीं DK शिवकुमार ने कहा कि वो नकारात्मक आलोचनाओं की जगह लोगों की सेवा को तरजीह देते हैं। उन्होंने लोकसभा चुनाव में अपेक्षित परिणाम न मिलने की जाँच के लिए एक फैक्ट-फाइंडिंग कमिटी बनाने का ऐलान किया है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -