Monday, July 22, 2024
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गंदे पत्रकार, BJP का एजेंट हो बेटा… ‘टोंटी चोर’ सुन भड़के अखिलेश यादव, नाम नूर काजी निकला तो कहने लगे- आप मुस्लिम हो…

मध्य प्रदेश में चुनाव प्रचार कर रहे अखिलेश यादव एक पत्रकार के सवाल में टोंटी चोर सुनकर भड़क गए। उसे 'गंदा पत्रकार, बीजेपी का एजेंट, बेटा' जैसे विशेषणों से नवाजने लगे। उसकी फोटो खींचने को कहने लगे।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन दिनों मध्य प्रदेश में सपा उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। इसी दौरान एक पत्रकार के सवाल में ‘टोंटी चोर’ शब्द सुनते ही वे भड़के गए। सवाल पूछने वाले को ‘गंदा पत्रकार, बीजेपी का एजेंट, बेटा’ जैसे विशेषणों से नवाजने लगे।

लेकिन जब पत्रकार का नाम नूर काजी होना पता चला तो शायद सपा सुप्रीमो को वोट बैंक की चिंता होने लगी। लिहाजा डैमेज कंट्रोल की कोशिश करते हुए ‘आप मुस्लिम हो, मुस्लिमों की भाषा ऐसी होती है’ जैसे वाक्यों पर आ गए। फिर पत्रकार की निंदा सामंतवाद, मनुवाद से लड़ाई पर आकर थमी।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है। घटना गुरुवार (9 नवंबर 2023) की है। अखिलेश यादव मध्य प्रदेश के पन्ना से सपा उम्मीदवार महेंद्र के समर्थन में जनसभा करने अजयगढ़ पहुँचे थे।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैली का जिक्र करते हुए पत्रकार ने उनसे सवाल किया था। इस दौरान टोंटी चोर शब्द सुनते ही अखिलेश यादव भड़क गए। पत्रकार के चश्मे पर तंज किया। उसका फोटो खींचने को कहने लगे।

सपा सुप्रीमो ने कहा, “ऐसे मत बोल चश्मा लगाए पत्रकार, बहुत गंदे पत्रकार। तुम बीजेपी के एजेंट हो बेटा। अगर बीजेपी के एजेंट नहीं होते तो इतना महँगा Ray-Ban का नकली चश्मा नहीं लगाते। इस पत्रकार की फोटो खींचो।”

इसके बाद जब अखिलेश यादव को पता चला कि पत्रकार का नाम नूर काजी है तो उन्होंने कहा, “मुस्लिम हो आप। ऐसी भाषा होती है क्या मुस्लिमों की। तुम बिके हुए हो। तुम आगे मत आना बेटा यहाँ। पता नहीं तुम पत्रकार हो भी की नहीं। अगर मैं मान लेता हूँ कि ये पत्रकार है तो यही तो लड़ाई है सामंतवाद और मनुवाद की।”

अखिलेश यादव ने कहा, “ये लड़ाई हजारों साल पुरानी है, अभी भी इस लड़ाई का कोई रास्ता नहीं निकला है। जब हमने अपना मुख्यमंत्री आवास खाली किया तो उत्तर प्रदेश के जो मुख्यमंत्री योगी जी हैं, उन्होंने उसे गंगाजल से धुलवाया। अगर आप पिछड़ी जाति के हैं तो आपके घर को गंगाजल से धुलवाया जाएगा। सोचो अगर आप पिछड़े, दलित आदिवासी आबादी के होंगे तो आपके साथ क्या होता होगा।”

पुलिस वालों पर भी भड़क चुके हैं साईकिल छाप वाले

ये पहली बार नहीं है कि अखिलेश यादव ने भड़के हो। फरवरी साल 2022 में उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर खासा वायरल हुआ था। तब तिर्वा में उनकी जनसभा के दौरान कुछ सपा कार्यकर्ता बैरीकेडिंग तोड़कर मंच की तरफ बढ़ने लगे। ये देख पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने के लिए डंडा उठाया। इसी लेकर अखिलेश यादव ने मंच से ही गुर्रा उठे, “ऐ… पुलिस, ऐ पुलिस वालों, क्यों कर रहे हो ये तमाशा।”

उन्होंने आगे कहा, “तुमसे ज्यादा बदतमीज कोई नहीं हो सकता, क्यों ऐसा कर रहे हो भाई? ये बीजेपी वाले करवा रहे हैं। ये लगता है बीजेपी वाले करवा रहे हैं। ये बीजेपी वालों ने रेड कार्ड इशू करवाए थे। एक जात के अधिकारी थे, जिन्होंने अन्याय किया था।”

सपा का उलटा चोर कोतवाल को डाँटे वाला रवैया

इस मामले को लेकर सपा के प्रवक्‍ता फखरुल हसन चाँद ने अखिलेश की सुरक्षा बढ़ाने की माँग कर डाली है। उन्‍होंने कहा कि मध्‍य प्रदेश में प्रेस कॉन्‍फ्रेंस के दौरान यह शख्‍स (पत्रकार नूर काजी) अखिलेश यादव के करीब आने की कोशिश कर रहा था। यह उनकी सुरक्षा में भारी चूक है। मध्य प्रदेश की सरकार से सपा इस पूरी घटना की जाँच की माँग करती है।

सपा ने आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट कर कहा है, “मध्य प्रदेश के अजयगढ़ में पन्ना विधानसभा की सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी की प्रेस वार्ता में पत्रकार के भेष में पहुँचा अपराधिक किस्म का संदिग्ध व्यक्ति। मध्य प्रदेश पुलिस जाँच करे और बताए ये अपराधी प्रेस वार्ता में कहाँ से आया?”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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