Thursday, July 25, 2024
Homeराजनीतिसिर्फ वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य और गृह ही नहीं, 18 मंत्रालय चला रहे थे मनीष...

सिर्फ वित्त, शिक्षा, स्वास्थ्य और गृह ही नहीं, 18 मंत्रालय चला रहे थे मनीष सिसोदिया: CM केजरीवाल के पास नहीं है कोई विभाग, कैसे चलेगी अब AAP सरकार?

बता दें कि इससे पहले सत्येंद्र जैन के पास 6 विभाग हुआ करते थे, लेकिन उनकी गिरफ़्तारी के बाद उनके हिस्से के भी सारे विभाग मनीष सिसोदिया को ही दे दिए गए।

दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को CBI ने शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार कर लिया है, ऐसे में अब सवाल ये उठ रहे हैं कि प्रदेश की AAP सरकार में उनके द्वारा सँभाले जाने वाले मंत्रालयों का क्या होगा? ये सवाल इसीलिए भी उठ रहे हैं, क्योंकि मनीष सिसोदिया दिल्ली सरकार के साथ-साथ AAP में भी नंबर-2 हैं। अरविंद केजरीवाल भले ही मुख्यमंत्री हों, लेकिन लगभग सारे महत्वपूर्ण छोटे-बड़े मंत्रालय मनीष सिसोदिया के पास ही हैं।

दिल्ली सरकारी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मनीष सिसोदिया जिन मंत्रालयों को सँभाल रहे हैं, वो ये हैं – शिक्षा, वित्त, योजना, भूमि एवं इमारत, ख़ुफ़िया, सेवाएँ, कला-संस्कृति एवं भाषाएँ, श्रम, रोजगार, सार्वजनिक कार्य विभाग, स्वास्थ्य, उद्योग, बिजली, गृह, शहरी विकास, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण, पानी। इसके अलावा अन्य सभी वो विभाग, जो किसी अन्य मंत्री को नहीं मिले हैं, उन्हें मनीष सिसोदिया ही देख रहे हैं।

बता दें कि इससे पहले सत्येंद्र जैन के पास 6 विभाग हुआ करते थे, लेकिन उनकी गिरफ़्तारी के बाद उनके हिस्से के भी सारे विभाग मनीष सिसोदिया को ही दे दिए गए। उनकी गिरफ़्तारी के बाद अब AAP सरकार के कामकाज पर भी असर पड़ना तय है। अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री होने के बावजूद अपने पास कोई विभाग नहीं रखते हैं। ऐसे में उनके लिए अब प्रदेश की सरकार चलाना किसी चुनौती से कम नहीं होने वाली है।

मनीष सिसोदिया के अलावा दिल्ली और पंजाब में AAP के कई मंत्री जेल की हवा समय-समय पर खा चुके हैं। कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े अवैध लेन देन के मामले में सत्येंद्र जैन लंबे समय से जेल में हैं। सोमनाथ भारती को अपनी पत्नी के हत्या के प्रयास और घरेलू हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जितेंद्र तोमर को फर्जी डिग्री मामले में जेल जाना पड़ा था। संदीप कुमार राशन कार्ड बनवाने के बहाने महिला से रेप के आरोप में जेल जा चुके हैं। विजय सिंगला पर अधिकारियों से प्रत्येक ठेके पर एक पर्सेंट कमीशन माँगने का आरोप लगा था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘तुमलोग वापस भारत भागो’: कनाडा में अब सांसद को ही धमकी दे रहा खालिस्तानी पन्नू, हिन्दू मंदिर पर हमले का विरोध करने पर भड़का

आर्य ने कहा है कि हमारे कनाडाई चार्टर ऑफ राइट्स में दी गई स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल करते हुए खालिस्तानी कनाडा की धरती में जहर बोते हुए इसे गंदा कर रहे हैं।

मुजफ्फरनगर में नेम-प्लेट लगाने वाले आदेश के समर्थन में काँवड़िए, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बोले – ‘हमारा तो धर्म भ्रष्ट हो गया...

एक कावँड़िए ने कहा कि अगर नेम-प्लेट होता तो कम से कम ये तो साफ हो जाता कि जो भोजन वो कर रहे हैं, वो शाका हारी है या माँसाहारी।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -