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‘नईम-सलीम’ का धंधा फले-फूले, क्या इसलिए तेलंगाना में मारवाड़ी-गुजराती टारगेट? जानिए क्या है ‘मारवाड़ी गो बैक’ विवाद, BJP नेता बोले- भड़का रही कॉन्ग्रेस-AIMIM

तेलंगाना में 'मारवाड़ी वापस जाओ' को लेकर इसलिए अभियान चल रहा, विपक्ष का मानना है कि मारवाड़ी यहाँ व्यापार करेंगे तो बाहर से आए अवैध घुसपैठिए (बांग्लादेशी-रोहिंग्या) कहाँ व्यापार करेंगे। इसके विरोध में बीजेपी ने साफ कहा कि अगर ये विरोध बंद नहीं हुआ तो 'रोहिंग्या वापस जाओ' आंदोलकर शुरु होगा।

तेलंगाना में इन दिनों ‘मारवाड़ी गो बैक’ का नारा देकर बवाल मचाया जा रहा है। इस अभियान में मारवाड़ी व्यापारियों के काम-धंधों पर हमला करते हुए उन्हें वापस लौटने को कहा जा रहा हैं। मारवाड़ियों पर स्थानीय व्यापारी कारोबार छिनने से लेकर नकली सामान बेचने तक का आरोप लगा रहे हैं।

वहीं, भाजपा नेता और हिंदूवादी नेता लगातार मारवाड़ी समुदाय के पक्ष में खड़ा है। भाजपा नेता बंदी संजय कुमार ने इसे कॉन्ग्रेस-AIMIM-BRS की चाल बताकर कहा कि ये हिंदू समुदाय को बाँटने की कोशिश है। जबकि हिंदूवादी नेता टी राजा सिंह ने साफ कहा कि जिस मारवाड़ी समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है वो राज्य की GDP में योगदान देता है।

विशेष वर्ग ने छिना काटिका-रजक समाज का पेशा- बंडी संजय

बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री बंडी संजय ने ‘मारवाड़ी गो बैक’ अभियान पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह हिंदू समाज को तोड़ने की एक साजिश है, जिसके पीछे कॉन्ग्रेस-बीआरएस-AIMIM का हाथ है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर यह आंदोलन बंद नहीं हुआ तो बीजेपी ‘रोहिंग्या वापस जाओ’ आंदोलन चलाएगी।

बंडी संजय ने कहा कि यह शर्म की बात है कि लोग उन रोहिंग्याओं पर चुप हैं जो अवैध रूप से रह रहे हैं और समाज के लिए खतरा हैं। लेकिन वे उस मारवाड़ी समुदाय को निशाना बना रहे हैं, जिसने तेलंगाना की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया है और कभी भी राज्य को लूटा नहीं। उन्होंने कहा कि हैदराबाद का पुराना शहर ISI का अड्डा बन चुका है और यहाँ कई रोहिंग्या छिपे हुए हैं।

बंडी संजय ने आरोप लगाया कि कुछ खास व्यवसायों को खास लोगों से छीना गया है। संजय ने कहा कि ‘नईम मटन शॉप’ और ‘सलीम ड्राईक्लिनिंग शॉप’ जैसे नाम इस बात का सबूत हैं। जिन कामों को हिंदू काटिका समाज (मटन की दुकानें) और रजक समाज (ड्राई क्लीनिंग) करते थे, अब वे एक विशेष वर्ग (मुस्लिम वर्ग) के हाथों में चले गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस पर ये लोग चुप क्यों हैं।

उन्होंने कहा कि मारवाड़ी समाज ने कभी भी सत्ता का लालच नहीं किया, बल्कि वे राज्य की तरक्की में भागीदार बने हैं तो फिर उन्हें तेलंगाना क्यों छोड़ना चाहिए?

मारवाड़ी समाज को बदनाम करने वालों को बख्शेंगे नहीं- राजा सिंह

वहीं, विधायक राजा सिंह लगातार मारवाड़ियों के हित में खड़े रहे है। राजा सिंह ने मारवाड़ी व्यापारियों पर निशाना साधने को लेकर कहा कि जो लोग मारवाड़ी समाज को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें हम बख्शेंगे नहीं। ऐसे लोगों को कानून के तहत जेल भेजा जाएगा। मारवाड़ी, गुजराती और राजस्थानी समुदाय तेलंगाना के विकास में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। इनके पूर्वज यहीं पैदा हुए थे और यहीं बस गए।

राजा सिंह ने आगे कहा कि इन समुदायों ने मेहनत से व्यापार खड़ा किया है। आज ये राज्य की अर्थव्यवस्था और GDP को मज़बूती देने वाले मुख्य स्तंभ हैं। हाल ही में कुछ लोग इन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्हें बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। यह पूरी तरह गलत है और इसे कभी स्वीकार नहीं किया जाएगा।

विपक्ष का रवैया: रोजगार की बात या बहाना?

कॉन्ग्रेस और उसके साथी दलों का रवैया साफ तौर पर पक्षपाती दिख रहा है। इनकी बातों में हिंदू विरोध साफ झलकता है। ये पार्टियाँ एक तरफ तो बाहरी हिंदू व्यापारियों को हटाने की बात कर रही हैं। कहती हैं कि ये लोग स्थानीय व्यापार को नुकसान पहुँचा रहे हैं।

दूसरी तरफ, ये लोग रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों की मदद कर रहे हैं। उनके लिए रहने, खाने और काम की व्यवस्था कर रहे हैं। कई सालों से ये पार्टियाँ हिंदू व्यापारियों के खिलाफ माहौल बना रही हैं। अब ‘न्याय’ के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। इससे समाज में सांप्रदायिक तनाव बढ़ रहा है।

वहीं, बीजेपी का कहना है कि यह सब एक साजिश है। इस साजिश का मकसद हिंदुओं को आपस में बाँटना है। साथ ही, इससे कुछ पार्टियाँ अपना वोटबैंक मजबूत करना चाहती हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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