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‘जिन्ना ने भारत को आज़ाद कराया, उनसे बस एक ही शिकायत’: महबूबा मुफ़्ती ने कहा – अंग्रेजों के जूते चाटने वाले राष्ट्रभक्ति सिखा रहे

मोदी सरकार पर हमला करते हुए पीडीपी चीफ ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर का इस्तेमाल 'परीक्षण प्रयोगशाला' के तौर पर किया जा रहा है।

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख और जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। जम्मू में एक रैली को संबोधित करते हुए महबूबा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वो लोग कहते हैं जिन्ना ने देश को बाँटा, लेकिन देश में ऐसे हजारों जिन्ना मिल जाएँगे जो न केवल जमीन बल्कि लोगों को भी बाँट रहे हैं।

महबूबा ने ये भी कहा कि य़े वो लोग हैं, जिनका देश की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा। उन्होंने कहा कि वे अंग्रेजों के जूते चाट रहे थे और आज आज वे हमें देशभक्ति सिखाते हैं। महबूबा ने ये भी कहा कि हम जिन्ना को दोष देते हैं जिन्होंने जवाहर लाल नेहरू, गाँधी जी, सरदार पटेल, सर सैय्यद अहमद खान और अंबेडकर जी के साथ स्वतंत्रता संग्राम लड़ा और भारत को स्वतंत्र कराया। लेकिन हमें एक शिकायत है कि उन्होंने हमारे देश को विभाजित किया और हम आज उनका नाम लेने से बचते हैं।

मोदी सरकार पर हमला करते हुए पीडीपी चीफ ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर का इस्तेमाल ‘परीक्षण प्रयोगशाला’ के तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन राज्य की पार्टियों के साथ बातचीत के बजाय सेना को बुलाया गया।

जिया उल हक से की भारत की तुलना

महबूबा ने जम्मू में रैली के दौरान खुद को पीड़ित और शोषित दिखाने की कोशिश में भारत की तुलना पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और जनरल मोहम्मद जिया-उल-हक से की। उन्होंने दावा किया कि हाल ही में पाकिस्तान में मॉब लिंचिंग हुई तो पीएम इमरान खान ‘इसके खिलाफ सामने आए’, जबकि भारत में लोगों को इसी तरह के अपराधों के लिए ‘सम्मानित’ किया जाता है। महबूबा ने ये भी दावा किया कि वर्ल्ड हंगर इंडेक्स में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुकाबले काफी आगे है।

अपने भाषण के दौरान किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए पीडीपी चीफ ने जम्मू-कश्मीर के युवाओं से केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का आह्वान किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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