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पूरे देश में NRC लागू करने पर अभी कोई फैसला नहीं: गृह मंत्रालय ने दिया लोकसभा में लिखित जवाब

लोकसभा में सांसद चंदन सिंह और नागेश्वर राव ने एनआरसी को लेकर सवाल पूछा था कि क्या सरकार के पास पूरे देश में NRC लागू करने को लेकर कोई योजना है? और है तो इसे लेकर कट ऑफ की तारीखें क्या है और क्या इसे लागू करने के संबंध में अभी तक किसी भी राज्य की सरकारों से चर्चा की गई है।

देश भर में जगह-जगह सीएए और NRC को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच गृह-मंत्रालय ने लोकसभा में इसे लेकर अपना एक लिखित जवाब दिया है, जिसमें गृह-मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने पूरे देश में NRC लागू करने पर अभी तक कोई फैसला नहीं किया है।

इससे पहले लोकसभा में सांसद चंदन सिंह और नागेश्वर राव ने एनआरसी को लेकर सवाल पूछा था कि क्या सरकार के पास पूरे देश में NRC लागू करने को लेकर कोई योजना है? और है तो इसे लेकर कट ऑफ की तारीखें क्या है और क्या इसे लागू करने के संबंध में अभी तक किसी भी राज्य की सरकारों से चर्चा की गई है। इन सवालों के लिखित जवाब देते हुए गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि पूरे देश में NRC लागू करने को लेकर सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बाद 31 जनवरी से शुरू हुए संसद सत्र में विपक्षी दल केन्द्र सरकार को सीएए और NRC के मुद्दे पर घेरे हुए हैं। इतना ही नहीं इसे लेकर संसद में विपक्षी दलों द्वारा लगातार नारेबाजी भी की जा रही है।

गौरतलब है कि संसद ने दिसंबर 2019 में CAA को लेकर कानून बनाया था। इसके बाद देश में इसे लेकर भ्रम फैलाया गया और धरना प्रदर्शन हुए। कई स्थानों पर इन प्रदर्शनों की आड़ में हिंसा की गई, जिसमें प्रदर्नकारियों द्वारा सरकारी संपतियों को नुकसान पहुँचाया गया था। इन प्रदर्शनों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 दिसंबर 2019 को हुई एक रैली में NRC पर लोगों की आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया था।

मोदी ने कहा था, ‘मैं 130 करोड़ देशवासियों को बताना चाहता हूँ कि 2014 में पहली बार मेरी सरकार के सत्ता में आने के बाद से NRC पर कभी चर्चा नहीं हुई।’ उन्होंने कहा कि यह उच्चतम न्यायालय के आदेश की वजह से सिर्फ असम में किया गया। मोदी ने यह भी कहा था कि, नागरिकता कानून या NRC का भारतीय मुस्लिमों से कुछ लेना देना नहीं है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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