Homeराजनीतिशिकार करने गए, लेकिन बाघ देख कर लाइसेंस दिखाया कि हमारे पास बंदूक पड़ा...

शिकार करने गए, लेकिन बाघ देख कर लाइसेंस दिखाया कि हमारे पास बंदूक पड़ा है… PM मोदी ने इस कहानी से खोल दिया ‘घोटालों के दशक’ का धागा

उन्होंने इस दौरान काका हाथरसी को भी याद किया, जिन्होंने कहा था - 'आगे पीछा देख कर क्यों होते गमगीन, जाकी जैसी भावना वैसी दिखे सीन'।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलाया कि कैसे न सिर्फ भारत ने अपने करोड़ों लोगों को मुफ्त में वैक्सीन दी, बल्कि 150 देशों को टीके और दवाइयाँ उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि ये देश आज वैश्विक मंचों पर भारत की तारीफ़ करते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया भर में ‘डिजिटल इंडिया’ की चर्चा है। उन्होंने बताया कि कैसे भारत में हजारों करोड़ रुपए गरीबों को ट्रांसफर करने के लिए दिक्कत नहीं होती, जबकि कोरोना में कई देशों को ऐसा करने में समस्या आई।

उन्होंने कहा कि जहाँ दुनिया भर में वैक्सीन का सर्टिफिकेट तक देने में दिक्कतें आईं, भारत में मिनटों में मोबाइल फोन पर ये उपलब्ध है। पीएम मोदी ने ये भी कहा कि भारत आज एक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है और दुनिया भारत की समृद्धि में अपनी समृद्धि देख रही है, जबकि कुछ लोग इसे स्वीकार ही नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 9 वर्षों में भारत में 90,000 स्टार्टअप्स हुए हैं, और इस मामले में भारत तीसरे स्थान पर आ गया है।

उन्होंने कहा कि मोबाइल निर्माण में भारत दूसरे, हवाई यात्रा में तीसरे, एनर्जी कंजम्प्शन में तीसरे, Renewable इनर्जी के मामले में चौथे नंबर पर भारत पहुँच गया है। उन्होंने जानकारी दी कि पहली बार उच्च शिक्षा में दाखिला लेने वालों की संख्या 4 करोड़ के पार हुई है। उन्होंने खेल के क्षेत्र में भी खिलाड़ियों, खासकर लड़कियों के प्रदर्शन की तारीफ़ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में आशा ही आशा है, लेकिन यहाँ कुछ लोग ऐसे निराशा में डूबे हैं।

उन्होंने इस दौरान काका हाथरसी को भी याद किया, जिन्होंने कहा था – ‘आगे पीछा देख कर क्यों होते गमगीन, जाकी जैसी भावना वैसी दिखे सीन’। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कैसे यूपीए काल के 10 वर्षों में महँगाई दोहरे अंकों में रही, इसीलिए इन लोगों को कुछ अच्छा होता है तो निराशा होती है। पीएम मोदी ने इस दौरान एक कहानी सुनाई, जिसमें दो लोग जंगल में शिकार करने गए थे। वहाँ वो लोग थोड़ा टहलने लगे।

वो गाड़ी में बंदूक छोड़ कर नीचे उतरे थे, तभी बाघ दिख गया और वो सोचने लगे कि अब करें क्या? इन दोनों ने बाघ को लाइसेंस दिखाया कि हमारे पास बंदूक का लाइसेंस है। पीएम मोदी ने यूपीए के 10 वर्षों को घोटाले के दशक बताया। उन्होंने बताया कि कैसे कश्मीर से कन्याकुमारी तक आतंकी वारदातें होती थीं। पीएम मोदी ने इस दौरान कॉमनवैस्ट गेम्स घोटाले की भी याद दिलाई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -