Saturday, July 13, 2024
Homeराजनीतिभारत को बदनाम करने वाले कमलनाथ के बयान पर सोनिया गाँधी से माँगा गया...

भारत को बदनाम करने वाले कमलनाथ के बयान पर सोनिया गाँधी से माँगा गया जवाब, लोगों ने कहा- ‘यही तो है कॉन्ग्रेस टूलकिट’

''कमलनाथ इसे इंडियन कोरोना कह रहे हैं। वह कह रहे हैं हमारी पहचान, मेरा भारत कोविड। यह भारत का अपमान है। कॉन्ग्रेस के अन्य नेता भी ऐसे बयान दे रहे हैं, जबकि डब्ल्यूएचओ (WHO) ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने वैश्विक महामारी के लिए किसी भी देश के नाम का इस्तेमाल नहीं किया है।''

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार (22 मई 2021) को नए कोविड वेरिएंट को ‘इंडियन वेरिएंट’ कहने के लिए कॉन्ग्रेस और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी देश को बदनाम कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ”कमलनाथ इसे इंडियन कोरोना कह रहे हैं। वह कह रहे हैं हमारी पहचान, मेरा भारत कोविड। यह भारत का अपमान है। कॉन्ग्रेस के अन्य नेता भी ऐसे बयान दे रहे हैं, जबकि डब्ल्यूएचओ (WHO) ने स्पष्ट कर दिया है कि उन्होंने वैश्विक महामारी के लिए किसी भी देश के नाम का इस्तेमाल नहीं किया है।”

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी अब नकारात्मक राजनीति पर उतर आई है। उन्होंने सोनिया गाँधी से सवाल किया है कि कॉन्ग्रेस इस तरह की नकारात्मक राजनीति क्यों कर रही है। साथ ही उन्होंने कमलनाथ के बयान पर भी सोनिया गाँधी से जवाब माँगा है?

उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “शुरुआत में कोवैक्सीन को ‘बीजेपी की वैक्सीन’ कहा गया। अब सबसे ज्यादा अच्छी कोवैक्सीन साबित हुई। तो अब इन्होंने एक नया शब्द ‘ट्रैवल बैन’ जोड़ा है, लेकिन डब्ल्यूएचओ (WHO) ने ऐसा कोई भी निर्णय ही नहीं लिया है।”

जावेड़कर ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी देश में कोरोना के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करने का काम कर रही है। लोगों में डर और भ्रम पैदा किया जा रहा है। ये एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका नहीं है। सोनिया गाँधी को बताना चाहिए कि उनकी पार्टी इस तरह की नकारात्मक राजनीति क्यों कर रही है?

दरअसल, सोशल मीडिया पर कॉन्ग्रेस नेता कमलनाथ का बयान वायरल होने के बाद वह नेटिजन्स के निशाने पर आ गए हैं। एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा, “कमलनाथ जी का दिमाग खराब है। कमलनाथ जी को कोरोना इतना पसंद आ गया है कि कॉन्ग्रेस उसको अपनी प्रयोगशाला में प्रयोग कर रही है।”

ज्योति परमार नाम की यूजर ने लिखा, “सत्ता के लिए इतनी हद तक गिर जाने वाले कॉन्ग्रेसियों को सत्ता के बाहर ही रखा जाएगा, यह जनता को तय करना पड़ेगा।”

सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा कि यही तो कॉन्ग्रेस टूलकिट के पॉइंट्स हैं, जो ये सब कर रहे हैं।

कमलनाथ का शुक्रवार (21 मई 2021) को कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं को किसान आंदोलन के नाम पर क्षुद्र राजनीति करने और आग लगाने की सलाह देने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इसको लेकर एक यूजर ने लिखा, “कॉन्ग्रेस का यही चरित्र था और है। पहले सामने नहीं आता था, अब आधुनिक तकनीक के समय में दुनिया के सामने आ जाता है। यह देश को तोड़ने वाली पार्टी है। क्या कमलनाथ के घर वाले शर्मसार नहीं होते कि कैसा पति, पिता है, जो @#### में लगा है।”

बता दें कि कमलनाथ ने क​हा था, ”दुनिया भर में देश की पहचान इंडियन कोरोना से बन गई है। इसकी शुरुआत चीनी कोरोना से हुई थी, लेकिन अब यह इंडियन वेरिएंट कोरोना है। आज भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री COVID-19 के भारतीय वेरिएंट से डरते हैं। यह कौन सा टूलकिट है? हमारे वैज्ञानिक इसे इंडियन वेरिएंट कह रहे हैं। सिर्फ बीजेपी के सलाहकार ही नहीं मान रहे हैं।”

कॉन्ग्रेस नेता ने वीडियो में कहा, ”हम कहते थे कि चाइनीज कोरोना है। अगर आपको याद हो तो जनवरी 2020 में जब इसकी शुरुआत हुई थी, तब हम कहते थे यह कोरोना चीन का है। चाइनीज लेबोरेटरी में बनाया गया था और एक खास शहर से आया था। हम आज कहाँ पहुँच गए हैं? आज दुनिया इसे इंडियन कोरोना कहती है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में NDA की बड़ी जीत, सभी 9 उम्मीदवार जीते: INDI गठबंधन कर रहा 2 से संतोष, 1 सीट पर करारी...

INDI गठबंधन की तरफ से कॉन्ग्रेस, शिवसेना UBT और PWP पार्टी ने अपना एक-एक उमीदवार उतारा था। इनमें से PWP उम्मीदवार जयंत पाटील को हार झेलनी पड़ी।

नेपाल में गिरी चीन समर्थक प्रचंड सरकार, विश्वास मत हासिल नहीं कर पाए माओवादी: सहयोगी ओली ने हाथ खींचकर दिया तगड़ा झटका

नेपाल संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुए मतदान में प्रचंड मात्र 63 वोट जुटा पाए। जिसके बाद सरकार गिर गई।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -