HomeराजनीतिRSS मानहानि मामला: 15000 रुपए के मुचलके पर राहुल गाँधी को बेल, बोले -...

RSS मानहानि मामला: 15000 रुपए के मुचलके पर राहुल गाँधी को बेल, बोले – मैं निर्दोष

शिवड़ी कोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गाँधी ने कहा कि वह दोषी नहीं हैं। कोर्ट ने राहुल गाँधी को 15000 रुपए के मुचलके पर बेल दी। कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष की तरफ से पूर्व सांसद एकनाथ गायकवाड़ ने बेल बॉन्ड भरा।

आरएसएस मानहानि मामले में कॉन्ग्रेस पार्टी के सांसद और पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गाँधी को जमानत म‍िल गई है। गुरुवार (4 जुलाई, 2019) को मुंबई की शिवड़ी कोर्ट ने उन्हें जमानत दी।

शिवड़ी कोर्ट में सुनवाई के दौरान राहुल गाँधी ने कहा कि वह दोषी नहीं हैं। कोर्ट ने राहुल गाँधी को 15000 रुपए के मुचलके पर बेल दी। कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व अध्‍यक्ष की तरफ से पूर्व सांसद एकनाथ गायकवाड़ ने बेल बॉन्ड भरा।

आपको बता दें कि आरएसएस से जुड़ा मानहानि का यह मामला सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या से संबंधित है। राहुल गाँधी ने 2017 में गौरी लंकेश की हत्या को RSS की विचारधारा से जुड़ा और प्रभावित बताया था। इसी मामले में उन पर यह केस दर्ज हुआ था।

राहुल गाँधी के मुंबई आगमन और कोर्ट पहुँचने के बीच कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। उनके समर्थन में जुटी भीड़ चिल्ला रही थी – आपकी लड़ाई में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता साथ हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

Antifa के आतंक पर BBC का पर्दा: हमलावरों को बताया ‘प्रदर्शनकारी’, अमेरिकी कोर्ट ने ICE सेंटर पर हमले और पुलिसकर्मी को गोली मारने को...

अमेरिका के टेक्सास ICE सेंटर हमले और पुलिस अधिकारी पर गोलीबारी में दोषी 8 Antifa सदस्यों को BBC ने अपनी रिपोर्ट में बताया प्रदर्शनकारी।

बऊबाजार ब्लास्ट के ‘मास्टरमाइंड’ की रिहाई पर SC की रोक, कोलकाता में ‘हिंदुओं को मारना’ चाहता था राशिद खान: पढ़ें- कैसे ममता सरकार ने...

बऊबाजार विस्फोट के दोषी राशिद खान की रिहाई फिलहाल रुकी, सुप्रीम कोर्ट अब दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश की समीक्षा करेगा।
- विज्ञापन -