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राजस्थान में संगठित अपराध रोकने के लिए एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स, SIT करेगी पेपरलीक मामले की जाँच: एक्शन मोड में CM भजनलाल

राजस्थान की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने राज्य में संगठित अपराध को रोकने के लिए एक एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में हुए पेपरलीक मामलों की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) भी गठित की जाएगी।

राजस्थान की नवनिर्वाचित भाजपा सरकार ने राज्य में संगठित अपराध को रोकने के लिए एक एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में हुए पेपरलीक मामलों की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) भी गठित की जाएगी।

शुक्रवार (15 दिसंबर 2023) को मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि युवाओं के भविष्य को अंधकार में डालने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में पेपरलीक ना हो, ये भी सुनिश्चित किया जाएगा। भजनलाल ने कहा कि पेपर लीक करने वालों को सजा दिलाई जाएगी। इसके लिए SIT का गठन किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में किसी तरह के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठित अपराध को नियंत्रित करने के लिए एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) का गठन किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य में विकास को बढ़ावा देने के लिए भाजपा का घोषणा-पत्र लागू करने की बात कही है।

सीएम ने कहा, “हम उन मुद्दों को हल करेंगे, जिनसे जनता त्रस्त थी। अंतिम व्यक्ति का सहारा बनने के लिए काम करेंगे। अंत्योदय की भावना से काम करेंगे। हमारी सरकार महिलाओं पर अत्याचार सहन नहीं करेगी। महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार पर रोक हमारी प्राथमिकता होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि ‘मोदी की गारंटी’ पूरी की जाएगी।

सीएम भजनलाल ने आगे कहा, “हम भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराध मिटाने के लिए संकल्पित हैं। असामाजिक तत्वों के खिलाफ हम कठोर कार्रवाई करेंगे। भ्रष्टाचार एवं अन्य गंभीर लंबित मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाएगा।”

बता दें कि अशोक गहलोत के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार में पेपरलीक के कई मामले सामने आए थे। कहा जाता है कि पिछले साढे़ चार साल में राजस्थान में पेपरलीक के कम से कम 10 मामले सामने आए। वहीं, प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध और उनकी सुरक्षा भी एक बड़ा मुद्दा रहा है। विधानसभा चुनावों में भाजपा ने दोनों मुद्दों को खूब उछाला था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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